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Mahendragarh-Narnaul News: धनुष टूटते ही जुड़ गई सीता और राम की डोर
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फोटो नंबर-13अनाज मंडी की रामलीला में परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का मंचन करते कलाकार।
नारनौल। जनक दरबार में सन्नाटा पसरा था। एक-एक कर राजा आए, पर शिव धनुष हिला तक नहीं। तभी लक्ष्मण का स्वर गूंजा और सबकी नजरें श्रीराम पर टिक गईं। गुरु विश्वामित्र का संकेत मिला। श्रीराम आगे बढ़े, धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही कड़कड़ाहट के साथ वह टूट गया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
स्थानीय अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब के रंगमंच पर भगवान नारायण सेवा संस्था की ओर से आयोजित रामलीला के चौथे दिन शनिवार रात धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का भव्य मंचन हुआ।
स्वयंवर में कई राजा शिव धनुष उठाने में असफल रहे जिससे राजा जनक निराश हो गए। उनके भावुक शब्दों पर लक्ष्मण ने श्रीराम के पराक्रम का वर्णन किया। विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने सहजता से धनुष उठाया तो वह टूट गया। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से स्वागत किया।
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इसके बाद क्रोधित परशुराम जनक दरबार पहुंचे और लक्ष्मण से उनके तीखे संवाद हुए। श्रीराम ने विनम्रता और धैर्य से उन्हें शांत किया। प्रत्यंचा चढ़ाने पर परशुराम का संशय दूर हुआ और वे प्रणाम कर तपस्या के लिए चले गए।
प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, मर्यादा और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राम की भूमिका ध्रुव वर्मा, लक्ष्मण की कनिष्क कोहली और परशुराम की मनोज निर्मल ने निभाई। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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स्थानीय अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब के रंगमंच पर भगवान नारायण सेवा संस्था की ओर से आयोजित रामलीला के चौथे दिन शनिवार रात धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का भव्य मंचन हुआ।
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स्वयंवर में कई राजा शिव धनुष उठाने में असफल रहे जिससे राजा जनक निराश हो गए। उनके भावुक शब्दों पर लक्ष्मण ने श्रीराम के पराक्रम का वर्णन किया। विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने सहजता से धनुष उठाया तो वह टूट गया। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से स्वागत किया।
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इसके बाद क्रोधित परशुराम जनक दरबार पहुंचे और लक्ष्मण से उनके तीखे संवाद हुए। श्रीराम ने विनम्रता और धैर्य से उन्हें शांत किया। प्रत्यंचा चढ़ाने पर परशुराम का संशय दूर हुआ और वे प्रणाम कर तपस्या के लिए चले गए।
प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, मर्यादा और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राम की भूमिका ध्रुव वर्मा, लक्ष्मण की कनिष्क कोहली और परशुराम की मनोज निर्मल ने निभाई। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।