{"_id":"6ac01a29dba0a1d406088e58","slug":"the-lords-name-in-every-breath-this-is-the-supreme-duty-of-human-life-shastri-narnol-news-c-196-1-nnl1004-146138-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर श्वास में प्रभु का नाम, यही मानव जीवन का परम धर्म : शास्त्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर श्वास में प्रभु का नाम, यही मानव जीवन का परम धर्म : शास्त्री
विज्ञापन
फोटो 3श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु व कथावाचक।स्रोत:ग्रामीण
नारनौल। समीपवर्ती गांव दुलोठ जाट में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवत आचार्य बजरंग शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भक्ति और धर्म का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का पालन करना मनुष्य का धर्म है लेकिन हर श्वास में भगवान का स्मरण करना जीवन का परम धर्म है। उन्होंने श्रीमद्भागवत को नारायण का स्वरूप और मुक्ति का मार्ग बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य मनीष शास्त्री, यश शास्त्री और गोपेश शास्त्री ने देवी-देवताओं के पूजन और भागवत आरती से की। बजरंग शास्त्री ने निस्वार्थ भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शुकदेव और परीक्षित के चतु:श्लोकी भागवत उपदेश का वर्णन किया।
कथा में भगवान वराह द्वारा हिरण्याक्ष का उद्धार, पृथ्वी को रसातल से बाहर लाने, मनु-शतरूपा से सृष्टि विस्तार और कर्दम-देवहूति संवाद के प्रसंग सुनाए गए। सती चरित्र के माध्यम से उन्होंने अपमान से बचने और आत्मसम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।
विज्ञापन
कथा के अंत में ध्रुव की मार्मिक कथा सुनाई गई। इसके बाद भगवान नारायण और ध्रुव की झांकी के दर्शन कराए गए। आयोजकों के अनुसार कथा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक चलती है। कार्यक्रम में राकेश कुमार, सुरेश कुमार, महिपाल सिंह, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, राहुल सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य मनीष शास्त्री, यश शास्त्री और गोपेश शास्त्री ने देवी-देवताओं के पूजन और भागवत आरती से की। बजरंग शास्त्री ने निस्वार्थ भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शुकदेव और परीक्षित के चतु:श्लोकी भागवत उपदेश का वर्णन किया।
विज्ञापन
कथा में भगवान वराह द्वारा हिरण्याक्ष का उद्धार, पृथ्वी को रसातल से बाहर लाने, मनु-शतरूपा से सृष्टि विस्तार और कर्दम-देवहूति संवाद के प्रसंग सुनाए गए। सती चरित्र के माध्यम से उन्होंने अपमान से बचने और आत्मसम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।
विज्ञापन
कथा के अंत में ध्रुव की मार्मिक कथा सुनाई गई। इसके बाद भगवान नारायण और ध्रुव की झांकी के दर्शन कराए गए। आयोजकों के अनुसार कथा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक चलती है। कार्यक्रम में राकेश कुमार, सुरेश कुमार, महिपाल सिंह, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, राहुल सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।