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Mahendragarh-Narnaul News: बगिया ने कम की अपनों के बीच दूरी और कोरोना की मजबूरी
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फोटो संख्या 51 छत पर लगाए पौधों की देखभाल करतीं सुमन शर्मा। संवाद
- फोटो : बोधि वृक्ष की पूजा करने जाते बौद्ध अनुयायी।
कनीना। कस्बा के वार्ड-7 निवासी 45 वर्षीय सुमन शर्मा ने अपने घर की छोटी सी जगह को हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरकर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई उनकी यह छोटी-सी बगिया आज परिवार के लिए शुद्ध वातावरण, मानसिक सुकून व सुंदरता प्रदान कर रही है।
सुमन शर्मा ने बताया कि साल 2020 में कोरोना महामारी के समय जब लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए थे और बाहर आना-जाना लगभग बंद हो गया था, तब उन्होंने खाली समय का सदुपयोग करने का निर्णय लिया।
शुरुआत में उन्होंने घर के आंगन और छत पर कुछ फूलों और पौधों को लगाया। धीरे-धीरे यह शौक उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया और आज उनकी बगिया में रंग-बिरंगे फूलों के साथ इंडोर प्लांट भी लगे हुए हैं। उस दौरान सभी ने समय सदुपयोग के लिए बगिया में अपनी मर्जी के पौधे लगा दिए।
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सबसे बड़ी बात यह रही कि उस समय घर की सब्जी आपूर्ति बगिया से ही संभव हुई। उन्होंने घर में रबर प्लांट, मनी प्लांट, डिफनबेकिया, स्पाइडर प्लांट, गुड़हल, गेंदा, सुदर्शन, एलोवेरा, गुलदाऊदी, कनेर, पाम आदि पौधे लगाए हैं।
सुमन शर्मा ने बताया कि उन्हें पर्यावरण प्रेमी दीपक वशिष्ठ से प्रेरणा मिली। उनके प्रयासों को देखकर उन्होंने भी पौधारोपण व बगिया लगाने का संकल्प लिया। अब वे रोजाना पौधों की देखभाल करती हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब लोग अपनों से दूर हो रहे थे और घरों में खालीपन महसूस कर रहे थे, तब उनकी बगिया ने उन्हें व्यस्त रखा और मानसिक तनाव को भी कम किया। सुबह-शाम पौधों के बीच समय बिताने से मन प्रसन्न रहता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
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सुमन शर्मा ने बताया कि साल 2020 में कोरोना महामारी के समय जब लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए थे और बाहर आना-जाना लगभग बंद हो गया था, तब उन्होंने खाली समय का सदुपयोग करने का निर्णय लिया।
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शुरुआत में उन्होंने घर के आंगन और छत पर कुछ फूलों और पौधों को लगाया। धीरे-धीरे यह शौक उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया और आज उनकी बगिया में रंग-बिरंगे फूलों के साथ इंडोर प्लांट भी लगे हुए हैं। उस दौरान सभी ने समय सदुपयोग के लिए बगिया में अपनी मर्जी के पौधे लगा दिए।
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सबसे बड़ी बात यह रही कि उस समय घर की सब्जी आपूर्ति बगिया से ही संभव हुई। उन्होंने घर में रबर प्लांट, मनी प्लांट, डिफनबेकिया, स्पाइडर प्लांट, गुड़हल, गेंदा, सुदर्शन, एलोवेरा, गुलदाऊदी, कनेर, पाम आदि पौधे लगाए हैं।
सुमन शर्मा ने बताया कि उन्हें पर्यावरण प्रेमी दीपक वशिष्ठ से प्रेरणा मिली। उनके प्रयासों को देखकर उन्होंने भी पौधारोपण व बगिया लगाने का संकल्प लिया। अब वे रोजाना पौधों की देखभाल करती हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब लोग अपनों से दूर हो रहे थे और घरों में खालीपन महसूस कर रहे थे, तब उनकी बगिया ने उन्हें व्यस्त रखा और मानसिक तनाव को भी कम किया। सुबह-शाम पौधों के बीच समय बिताने से मन प्रसन्न रहता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।