फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   The essence of the Bhagwat guides one across the ocean of worldly existence: Atarlal.

भागवत जीवन का सार, भवसागर से पार लगाती है : अतरलाल

Tue, 06 Oct 2026 02:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
The essence of the Bhagwat guides one across the ocean of worldly existence: Atarlal.
फोटो नंबर-02भागवत कथा के दौरान निकाली गई झांकी। स्रोत: आयोजक - फोटो : मेडिकल कॉलेज
नारनौल। समीपवर्ती गांव दुलोठ जाट में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला और कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। कथा का शुभारंभ मनीष शास्त्री व यश शर्मा ने मुख्य यजमान राकेश कुमार व सुरेश कुमार के परिवार सहित विधिवत पूजन से कराया।
विज्ञापन

भागवताचार्य पं. बजरंग शास्त्री ने गोवर्धन लीला, रासलीला, कंस वध, द्वारका गमन तथा कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र का अभिमान दूर किया और भक्तों-संतों की रक्षा की।
विज्ञापन

उन्होंने रासलीला को प्रभु की पावन लीला बताते हुए कहा कि श्रद्धापूर्वक श्रवण से मन के विकार दूर होते हैं। कथा में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई, जिस पर श्रद्धालु बधाई गीतों पर झूम उठे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठाकुर अतरलाल अटेली ने कहा कि भागवत जीवन का सार है और इसका आश्रय लेने वाला भवसागर से पार हो जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed