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Mahendragarh-Narnaul News: बदल रही शिक्षा की तस्वीर, सेंसस 2.0 में कैटेगरी-सी में केवल 22 प्रतिशत स्कूल

Thu, 15 Jan 2026 12:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:58 AM IST
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The education landscape is changing, with only 22 percent of schools in Category C in Census 2.0.
फोटो नंबर-06जिला ​शिक्षा अ​धिकारी कार्यालय।
नारनौल। जिले के सरकारी विद्यालयों में बुनियादी शिक्षा की स्थिति का आकलन करने के लिए लागू सेंसस 2.0 का परिणाम आ गया हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर पड़ा है। सेंसस 1.0 में बड़ी संख्या में स्कूल कैटेगरी–सी में पाए गए थे। वहीं सेंसस 2.0 में यह संख्या घटकर केवल 22 प्रतिशत रह गई है।
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सेंसस 1.0 के दौरान जिले के अधिकांश सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई थी। इसके बाद शिक्षकों की जवाबदेही तय करने, नियमित मॉनिटरिंग और विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करने जैसे सुधारात्मक कदम उठाए गए। इन प्रयासों का असर अब सेंसस 2.0 की रिपोर्ट में दिखाई दे रहा है।
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एफएलएन कोऑर्डिनेटर डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सेंसस 2.0 का मुख्य उद्देश्य बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता का वास्तविक और तथ्यात्मक आकलन करना था। पहली रिपोर्ट से मिले निष्कर्षों के आधार पर योजनाबद्ध ढंग से सुधार किए गए, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है। जिले के कुल 455 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को कैटेगरी ए, बी और सी में वर्गीकृत किया गया है।
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आंकड़ों के अनुसार, सेंसस 1.0 में जहां 61 प्रतिशत स्कूल कैटेगरी-सी में थे, वहीं सेंसस 2.0 में यह घटकर 22 प्रतिशत रह गए हैं। वहीं कैटेगरी–ए स्कूलों की संख्या 12 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गणित विषय में बच्चों की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई कक्षाओं में जोड़-घटाव और संख्या पहचान जैसी बुनियादी अवधारणाओं में बच्चे कमजोर पाए गए हैं।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने कहा कि भविष्य में शिक्षकों के प्रशिक्षण, नियमित निगरानी और कक्षा-स्तरीय विशेष हस्तक्षेप के माध्यम से शेष कमजोर स्कूलों को भी बेहतर श्रेणी में लाने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
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