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Mahendragarh-Narnaul News: बापड़ोली में खुला जिले का पहला सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र
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नारनौल। गांव के लोग अपने आपसी विवादों को बिना कोर्ट-कचहरी जाए, बातचीत और आपसी सहमति से सुलझा सकें। इसी उद्देश्य को लेकर अब सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र खोले जाएंगे। ट्रायल के तौर पर जिले में पहला मध्यस्थता केंद्र गांव बापड़ोली में खोला गया है।
यह जानकारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने शुक्रवार को विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर एडीआर सेंटर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि ये पहल न्याय आपके द्वार की अवधारणा पर आधारित है, ताकि छोटे-मोटे झगड़े कानूनी पेचीदगियों में न फंसें। उन्होंने बताया कि यहां कोई जज नहीं होते, बल्कि प्रशिक्षित निष्पक्ष व्यक्ति होते हैं। इनका काम फैसला सुनाना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है।
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उन्होंने बताया कि नागरिकों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए 26 जनवरी को भी सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र की थीम पर झांकी निकाली गई थी जिसने दूसरा स्थान हासिल किया था।
सीजेएम ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण व हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देश अनुसार लोगों को जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आगामी 14 मार्च को नारनौल, महेंद्रगढ़ व कनीना में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
पिछली लोक अदालत में जिला में लगभग 16 हजार मामले निपटाए गए थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे लोक अदालत में अपने मामले निपटने के लिए आगे आएं।
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यह जानकारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने शुक्रवार को विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर एडीआर सेंटर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
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उन्होंने कहा कि ये पहल न्याय आपके द्वार की अवधारणा पर आधारित है, ताकि छोटे-मोटे झगड़े कानूनी पेचीदगियों में न फंसें। उन्होंने बताया कि यहां कोई जज नहीं होते, बल्कि प्रशिक्षित निष्पक्ष व्यक्ति होते हैं। इनका काम फैसला सुनाना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है।
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उन्होंने बताया कि नागरिकों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए 26 जनवरी को भी सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र की थीम पर झांकी निकाली गई थी जिसने दूसरा स्थान हासिल किया था।
सीजेएम ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण व हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देश अनुसार लोगों को जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आगामी 14 मार्च को नारनौल, महेंद्रगढ़ व कनीना में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
पिछली लोक अदालत में जिला में लगभग 16 हजार मामले निपटाए गए थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे लोक अदालत में अपने मामले निपटने के लिए आगे आएं।