कनीना। उपमंडल के गांव खेड़ी तलवाना में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में रास के प्रसंग से भक्त भाव विभोर हाे गए। कथा वाचक मोहित कौशिक कथा के प्रारंभ में इंद्र के मान भंग की कथा सुनाई। भक्ति करने के लिए मन और कर्म अच्छे होने चाहिए यदि आप घर पर रहकर भी नाम जप कर रहे है तो वो भी वृंदावन है। सदैव भगवान का ध्यान करना चाहिए।
इसके उपरांत ऋषि पत्नियों पर भगवान की कृपा और विशेष प्रसंग रहा महा रास इसके माध्यम से भगवान ने लोगों को प्रेम समझाना चाहा। रास किसी स्त्री पुरुष का मिलन नहीं बल्कि आत्मा परमात्मा का मिलन है, भगवान जब चाहे जीव से मिल सकते हैं। उद्धव द्वारा गोपियों को ज्ञान का उपदेश भगवान द्वारा कंस का वध, बलराम का विवाह और भगवान श्री कृष्ण द्वारा रुक्मिणी हरण किया गया। सोमवार की कथा के विश्राम में भगवान का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ठाकुर अतरलाल, समाजसेवी डाॅ. बृजपाल चौहान, भारत केसरी रिशाल सिंह, ओमप्रकाश चौहान, ओम सिंह तंवर, देबू गायक, कृष्ण सिंह, देवराज, महेंद्र, विजय पंडित, तेजपाल, रिंकू तंवर सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।