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Mahendragarh-Narnaul News: सामूहिक दुष्कर्म और आत्महत्या के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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नारनौल। सह बाल न्यायालय, फास्ट ट्रैक विशेष अदालत की न्यायाधीश हर्षाली चौधरी ने एक मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला आत्महत्या के लिए उकसाना, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम से संबंधित है। आरोपी की पूर्व में भी पांच याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
5 फरवरी 2025 को महेंद्रगढ़ के सिटी थाना पुलिस को एक 15 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या की सूचना मिली थी। मृतका के पिता ने शिकायत दी कि घटना की सुबह दो लड़के उनके घर में घुसे थे। पड़ोसन ने एक लड़के को बीयर और सिगरेट पीते देखा था।
वहीं, लड़कों के भागने के बाद पीड़िता ने दरवाजा बंद कर लिया था। बाद में वह चुन्नी के सहारे फांसी पर लटकी मिली। आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म के कारण पीड़िता ने आत्महत्या की। मौके से बीयर बोतलें, कोल्ड ड्रिंक और सिगरेट सहित आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं।
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अदालत ने दोनों पक्षों को सुना और माना कि गवाहों के बयान से परिस्थितियों में बदलाव नहीं आया है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं। एफएसएल रिपोर्ट या साक्ष्यों का मूल्यांकन विचारण के दौरान होगा। हिरासत में बिताया लंबा समय जमानत का आधार नहीं बन सकता। इसलिए याचिका खारिज कर दी गई।
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5 फरवरी 2025 को महेंद्रगढ़ के सिटी थाना पुलिस को एक 15 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या की सूचना मिली थी। मृतका के पिता ने शिकायत दी कि घटना की सुबह दो लड़के उनके घर में घुसे थे। पड़ोसन ने एक लड़के को बीयर और सिगरेट पीते देखा था।
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वहीं, लड़कों के भागने के बाद पीड़िता ने दरवाजा बंद कर लिया था। बाद में वह चुन्नी के सहारे फांसी पर लटकी मिली। आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म के कारण पीड़िता ने आत्महत्या की। मौके से बीयर बोतलें, कोल्ड ड्रिंक और सिगरेट सहित आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं।
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अदालत ने दोनों पक्षों को सुना और माना कि गवाहों के बयान से परिस्थितियों में बदलाव नहीं आया है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं। एफएसएल रिपोर्ट या साक्ष्यों का मूल्यांकन विचारण के दौरान होगा। हिरासत में बिताया लंबा समय जमानत का आधार नहीं बन सकता। इसलिए याचिका खारिज कर दी गई।