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Mahendragarh-Narnaul News: प्रतिदिन 450 क्यूसेक पानी की मांग, मिला 150 क्यूसेक, जलघर भी 75 प्रतिशत खाली
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फोटो 15 रेवाड़ी रोड स्थित जलघर।संवाद
- फोटो : गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
नारनौल। शहर और आसपास के क्षेत्रों में इस बार नहरी पानी की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो पाई जिससे जनस्वास्थ्य विभाग के सामने गर्मी के मौसम में पेयजल सप्लाई बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 450 क्यूसेक पानी की डिमांड थी वहीं औसतन केवल 150 क्यूसेक प्रतिदिन ही पानी मिल सका है।
जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को खुबडू हैड से नहरी पानी छोड़ा गए पानी की मात्रा काफी कम रही। इसका असर यह रहा कि शहर के जलघरों में केवल 75 प्रतिशत तक ही पानी भर पाया जबकि जोहड़ों में भी पर्याप्त जल संचयन नहीं हो सका।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 5 मई की शाम तक खुबडू हैड से पानी की सप्लाई बंद हो जाएगी। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में कादीपुरी शामिल रहा जहां वाटर वर्क्स का टैंक महज 30 प्रतिशत ही भर पाया। इससे स्थानीय लोगों को आगामी दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं जहां टैंकरों के सहारे पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गर्मी के बढ़ते तापमान के बीच पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नहरी पानी की कमी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
विभाग के लिए नियमित और सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं लोगों को भी पानी के संयमित उपयोग की अपील की जा रही है ताकि संकट की स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके।
राम नगर कॉलोनी के वार्ड नंबर दो में पांच दिनों से पेयजल संकट
शहर की राम नगर कॉलोनी के वार्ड नंबर दो में पिछले पांच दिनों से पेयजल सप्लाई पूरी तरह बाधित होने के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं। उन्हें दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्जन
पांच मई की शाम को खुबडू हैड से पानी बंद हो जाएगा। इस बार 19 अप्रैल को खुबडू हैड से पानी छोड़ा गया था जो नारनौल 23 को पहुंचा था। 450 क्यूसेक की डिमांड थी लेकिन औसतन 150 ही प्रतिदिन मिल सका।
राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।
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जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को खुबडू हैड से नहरी पानी छोड़ा गए पानी की मात्रा काफी कम रही। इसका असर यह रहा कि शहर के जलघरों में केवल 75 प्रतिशत तक ही पानी भर पाया जबकि जोहड़ों में भी पर्याप्त जल संचयन नहीं हो सका।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 5 मई की शाम तक खुबडू हैड से पानी की सप्लाई बंद हो जाएगी। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में कादीपुरी शामिल रहा जहां वाटर वर्क्स का टैंक महज 30 प्रतिशत ही भर पाया। इससे स्थानीय लोगों को आगामी दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं जहां टैंकरों के सहारे पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गर्मी के बढ़ते तापमान के बीच पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नहरी पानी की कमी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
विभाग के लिए नियमित और सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं लोगों को भी पानी के संयमित उपयोग की अपील की जा रही है ताकि संकट की स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके।
राम नगर कॉलोनी के वार्ड नंबर दो में पांच दिनों से पेयजल संकट
शहर की राम नगर कॉलोनी के वार्ड नंबर दो में पिछले पांच दिनों से पेयजल सप्लाई पूरी तरह बाधित होने के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं। उन्हें दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्जन
पांच मई की शाम को खुबडू हैड से पानी बंद हो जाएगा। इस बार 19 अप्रैल को खुबडू हैड से पानी छोड़ा गया था जो नारनौल 23 को पहुंचा था। 450 क्यूसेक की डिमांड थी लेकिन औसतन 150 ही प्रतिदिन मिल सका।
राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।