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Mahendragarh-Narnaul News: संसाधनों की कमी से शहर में दम तोड़ रहा नप का स्वच्छता अभियान

Sun, 26 Oct 2025 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sun, 26 Oct 2025 12:56 AM IST
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The cleanliness drive of the Nagar Panchayat is dying due to lack of resources.
फोटो नंबर-14नप में संसाधनों की कमी के कारण मुख्य सड़क पर लगा गंदगी का ढेर। संवाद
नारनौल। संसाधनों की कमी के चलते शहर में नगर परिषद का स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। नगर परिषद के तमाम प्रयासों के बाद भी शहर में सफाई और कूड़ा उठान की व्यवस्था दयनीय है। वाहनों और सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण कई स्थानों से नियमित कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है।
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नारनौल शहर अब लगभग 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इसमें नौ गांव शामिल किए गए हैं। 64 नई कॉलोनियां भी शामिल हैं। इस तरह शहर की करीब 1100 गलियों में सफाई व्यवस्था बनाए रखना नगर परिषद के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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इतने बड़े क्षेत्र में सफाई के लिए नगर परिषद के पास केवल 8 पुराने टैंपो, एक जेसीबी और एक लोडर मशीन ही उपलब्ध हैं। ये सभी वाहन जर्जर हालत में हैं और आए दिन खराब हो जाते हैं, जिससे कूड़ा उठान का काम प्रभावित होता है।
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नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की भी भारी कमी है। नप के रिकॉर्ड के अनुसार 200 के करीब सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं लेकिन इनमें से अवकाश, स्थानांतरण या अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने के कारण रोजाना केवल 120 कर्मचारी ही वास्तविक रूप से सफाई कार्य में लग पाते हैं।
अब ऐसे में 1100 गलियों, चारों मुख्य सड़कों और बाजारों की सफाई का जिम्मा इन 120 कर्मचारियों के कंधों पर आ जाता है जो लगभग असंभव कार्य है। यही कारण है कि शहर के कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो पाती और जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं।
नगर परिषद के पास नए वाहनों की खरीद की कोई ठोस योजना नहीं है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पूरे शहर की सफाई को लेकर नए कर्मचारियों की भर्ति पर कोई खास रूचि नहीं ली जा रही है।

पुराने वाहन बने मुसीबत, मरम्मत में अटके लाखों रुपये
नगर परिषद के कूड़ा उठाने वाले पुराने वाहन लगातार खराब हो रहे हैं। इन वाहनों की मरम्मत के छोटे-मोटे कार्यों के करीब 8 से 10 लाख रुपये बकाया हैं। बकाया भुगतान न मिलने के कारण मिस्त्री अब वाहनों की मरम्मत में देरी कर रहे हैं। ऐसे हालात में नगर परिषद का स्वच्छता अभियान पूरी तरह से चरमरा गया है और शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर देखने को मिल रहे हैं।

वर्जन-
संसाधनों की कमी के चलते परेशानी हो रही है। नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी सफाई को लेकर चर्चा की है। हम जल्द ही नए वाहन खरीदने और पुराने वाहनों की मरम्मत कराएंगे। प्रयास है कि सभी आठ दरोगा के पास भी एक-एक साधन हो। नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। -रणबीर सिंह, डीएमसी नगर परिषद, नारनौल।
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