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Mahendragarh-Narnaul News: अब नहींं चलेगी डिपो होल्डर की मनमानी, खाद्य आपूर्ति विभाग ने बनाई निगरानी कमेटी
Mon, 29 Sep 2025 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 29 Sep 2025 12:00 AM IST
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फोटो संख्या:60- महेंद्रगढ़ में सरकारी राशन डिपो पर लगी लाभार्थियों की लंबी लाइन--संवाद
महेंद्रगढ़। डिपो होल्डरों की मनमानी अब नहीं चल पाएगी। इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने निगरानी कमेटी बनाई है।
विभाग की ओर से डिपो होल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में शहरों में पार्षदों तथा गांवों में सरपंचों को निगरानी कमेटी के हाथों में शामिल किया गया है। अब राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया उनकी देखरेख में होगी और डिपो होल्डरों को भी उनके हस्ताक्षर लेना अनिवार्य होगा।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 79 डिपो होल्डर हैं। निगरानी रखने के लिए पांच सदस्यीय निगरानी कमेटी बनाई गई है। शहरी क्षेत्र में पार्षद, महिला लाभार्थी, अनुसूचित जाती लाभार्थी, विकलांग लाभार्थी को शामिल किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच, महिला लाभार्थी, अनुसूचित जाती लाभार्थी व विकलांग लाभार्थी शामिल किया गया है।
शहरी क्षेत्र में 1851 एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) तथा 21772 बीपीएल राशन कार्डधारक हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 422 एएवाई और 3707 बीपीएल कार्डधारक है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को समय पर और सही मात्रा में राशन वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। पहले कई बार शिकायतें सामने आती थीं कि डिपो पर समय पर राशन नहीं मिलता या फिर वजन व गुणवत्ता में गड़बड़ी की जाती है।
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अब स्टॉक से जुड़ी हर एंट्री और शिकायत पर पार्षद या सरपंच के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। सभी राशन डिपों पर निगरानी कमेटी के माेबाइल सहित नोटिस चस्पा दिए गए है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को निगरानी की जिम्मेदारी मिलने से आमजन को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। पार्षद व सरपंच क्षेत्र के लोगों की समस्याओं से भली-भांति परिचित होते हैं, ऐसे में वे राशन कार्डधारकों की परेशानियों का तुरंत संज्ञान ले सकेंगे।
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वर्जन...
राशन वितरण के समय कार्डधारक को समस्या आती थी। अब निगरानी कमेटी बना दी गई है। किसी भी लाभार्थी को कोई समस्या आती है तो वह सीधे निगरानी कमेटी से शिकायत कर सकता है। कमेटी को यह अधिकार होगा कि वह तत्काल जांच करे और समाधान निकाले। इसके अलावा यदि डिपो होल्डर नियमों की अवहेलना करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।- केसर सिंंह, सहायक अधिकारी, खाद्य आपूर्ति विभाग महेंद्रगढ़
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विभाग की ओर से डिपो होल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में शहरों में पार्षदों तथा गांवों में सरपंचों को निगरानी कमेटी के हाथों में शामिल किया गया है। अब राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया उनकी देखरेख में होगी और डिपो होल्डरों को भी उनके हस्ताक्षर लेना अनिवार्य होगा।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 79 डिपो होल्डर हैं। निगरानी रखने के लिए पांच सदस्यीय निगरानी कमेटी बनाई गई है। शहरी क्षेत्र में पार्षद, महिला लाभार्थी, अनुसूचित जाती लाभार्थी, विकलांग लाभार्थी को शामिल किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच, महिला लाभार्थी, अनुसूचित जाती लाभार्थी व विकलांग लाभार्थी शामिल किया गया है।
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शहरी क्षेत्र में 1851 एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) तथा 21772 बीपीएल राशन कार्डधारक हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 422 एएवाई और 3707 बीपीएल कार्डधारक है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को समय पर और सही मात्रा में राशन वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। पहले कई बार शिकायतें सामने आती थीं कि डिपो पर समय पर राशन नहीं मिलता या फिर वजन व गुणवत्ता में गड़बड़ी की जाती है।
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अब स्टॉक से जुड़ी हर एंट्री और शिकायत पर पार्षद या सरपंच के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। सभी राशन डिपों पर निगरानी कमेटी के माेबाइल सहित नोटिस चस्पा दिए गए है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को निगरानी की जिम्मेदारी मिलने से आमजन को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। पार्षद व सरपंच क्षेत्र के लोगों की समस्याओं से भली-भांति परिचित होते हैं, ऐसे में वे राशन कार्डधारकों की परेशानियों का तुरंत संज्ञान ले सकेंगे।
वर्जन...
राशन वितरण के समय कार्डधारक को समस्या आती थी। अब निगरानी कमेटी बना दी गई है। किसी भी लाभार्थी को कोई समस्या आती है तो वह सीधे निगरानी कमेटी से शिकायत कर सकता है। कमेटी को यह अधिकार होगा कि वह तत्काल जांच करे और समाधान निकाले। इसके अलावा यदि डिपो होल्डर नियमों की अवहेलना करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।- केसर सिंंह, सहायक अधिकारी, खाद्य आपूर्ति विभाग महेंद्रगढ़