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सहमति मात्र छलावा ही साबित हुआ : सुजान
Sun, 05 Oct 2025 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:36 PM IST
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फोटो संख्या:68-पंचकूला में संयुक्त निदेशक संजीव कुमार से मिलते हेमसा के प्रतिनिधि मंडल-- स्रो
महेंद्रगढ़। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा सदन पंचकूला में एसीएस व निदेशक के नाम संयुक्त निदेशक संजीव कुमार को ज्ञापन सौंपा।
हेमसा के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता सुजान मालड़ा ने बताया कि 9 मई को आंदोलन के दबाव में एसीएस शिक्षा विभाग के साथ हुई वार्ता मीटिंग में मांग पत्र के 12 बिंदुओं में से पांच पर सहमति बनी थी। जिसे एक माह में लागू करना था लेकिन 4 माह बीत जाने पर सहमति मात्र छलावा ही साबित हुई। समस्याएं ज्यों की त्यों खड़ी हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर के नाम पर कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है।
इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कर्मियों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। उन्हाेंने कहा काफी लंबे अरसे से मिनिस्ट्रीयल स्टाफ कर्मी आंदोलनरत है। सरकार व अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। लगातार वर्क लोड बढ़ रहा है। न ही वेतन में बढ़ोतरी, न तबादला और न ही पदोन्नति की जा रही है। सरकार की रीढ़ कहे जाने वाले कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है।
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शिक्षा विभाग फील्ड में 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, पदोन्नति फाइलें निदेशक कार्यालय में पड़ी हैं। इनकी कोई सुध नहीं ले रहा। पदोन्नति की बांट देख रहे क्लर्क 32 साल उपरांत बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जाता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि वर्क लोड अनुसार नये पद स्वीकृत किए जाएं। सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटान किया जाए तथा मांग पत्र में शामिल मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। अन्यथा विवश होकर आंदोलन का बिगुल बजाना पड़ेगा। जिसकी व्यापक तैयारियों को लेकर खंड व जिला के सम्मेलन किए जा रहे हैं। इस दौरान संदीप सांगवान, रमेश कंबोज, स्वर्ण सिंह, सुशील कुमार, कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
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हेमसा के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता सुजान मालड़ा ने बताया कि 9 मई को आंदोलन के दबाव में एसीएस शिक्षा विभाग के साथ हुई वार्ता मीटिंग में मांग पत्र के 12 बिंदुओं में से पांच पर सहमति बनी थी। जिसे एक माह में लागू करना था लेकिन 4 माह बीत जाने पर सहमति मात्र छलावा ही साबित हुई। समस्याएं ज्यों की त्यों खड़ी हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर के नाम पर कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है।
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इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कर्मियों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। उन्हाेंने कहा काफी लंबे अरसे से मिनिस्ट्रीयल स्टाफ कर्मी आंदोलनरत है। सरकार व अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। लगातार वर्क लोड बढ़ रहा है। न ही वेतन में बढ़ोतरी, न तबादला और न ही पदोन्नति की जा रही है। सरकार की रीढ़ कहे जाने वाले कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है।
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शिक्षा विभाग फील्ड में 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, पदोन्नति फाइलें निदेशक कार्यालय में पड़ी हैं। इनकी कोई सुध नहीं ले रहा। पदोन्नति की बांट देख रहे क्लर्क 32 साल उपरांत बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जाता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि वर्क लोड अनुसार नये पद स्वीकृत किए जाएं। सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटान किया जाए तथा मांग पत्र में शामिल मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। अन्यथा विवश होकर आंदोलन का बिगुल बजाना पड़ेगा। जिसकी व्यापक तैयारियों को लेकर खंड व जिला के सम्मेलन किए जा रहे हैं। इस दौरान संदीप सांगवान, रमेश कंबोज, स्वर्ण सिंह, सुशील कुमार, कृष्ण कुमार मौजूद रहे।