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ब्लॉक स्तर पर होंगे टीचरों के कोरोना टेस्ट, देनी होगी फीस

Sat, 19 Sep 2020 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:51 PM IST
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Teachers will have corona test at block level, will have to pay fees
नौवीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल 21 सितंबर से खोलने को लेकर स्कूल संचालकों में असमंजस बना हुआ है। कई स्कूलों के पूरे स्टाफ का अभी तक कोरोना टेस्ट भी नहीं हुआ है। अस्पताल में टीचरों व अन्य स्टाफ की बढ़ती भीड़ को देखते हुए ब्लॉक वाइज टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर अब स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच के लिए फीस तय कर दी है। आरटी पीसीआर के लिए 1600, एंटीजन टेस्ट के लिए 650 और आईजी -एलाइजा की फीस 250 रुपये रखी गई है।
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बता दें कि 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल पहले की तरह नहीं खुल रहे हैं। केंद्र सरकार के एसओपी में कहीं पर भी क्लास लगाने के आदेश नहीं हैं। प्रदेश सरकार ने एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी- मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की है। एसओपी के अनुसार प्रदेश में 9वीं से 12वीं तक की कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्वेच्छा से स्कूल में परामर्श के लिए आने की अनुमति दी गई है। विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के लिए स्कूल संचालकों को अभिभावकों से शपथ-पत्र लेना होगा। प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चे को स्कूल भेजने के लिए सहमति देनी होगी, उसके बाद स्कूल जा सकेगा। 21 सितंबर से नॉन-कंटेनमेंट जोन में रहने वाले 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्वेच्छा से अपने अध्यापकों से परामर्श और मार्गदर्शन पाने के लिए अपने माता-पिता और अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद स्कूल आ सकेंगे। कोरोना के मद्देनजर सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना और कोरोना टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। ऐसे में अब कोरोना टेस्ट को लेकर सरकारी अस्पतालों में अचानक भीड़ बढ़ गई है। जिला अस्पताल में अचानक टीचरों व अन्य के आने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग ने मांगी स्कूलों की लिस्ट
शनिवार को एक निजी स्कूलों के करीब 200 कर्मचारी नागरिक अस्पताल में कोरोना जांच कराने पहुंच गए। इससे पर्ची बनवाने और जांच कराने के लिए लंबी लाइन लग गई। ऐसे में मरीजों को भी परेशानी हुई। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ से बात की। इसमें डीईओ से कहा गया हैं कि ब्लॉक वाइज निजी स्कूलों के टीचरों की सूूची उपलब्ध कराए। इसी अनुसार बीईओ को रोजाना 100 या 200 टीचरों को संबंधित अस्पताल में भेजा जाएगा।
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जिले अस्पताल में ऐसे लोगों की जांच के लिए दोपहर दो बजे के बाद का समय रखा गया है। मरीजों के साथ सामान्य व्यक्ति की कोरोना वायरस की जांच नहीं की जा सकती है। इसके लिए सीएमओ से बात कर इसका समाधान कराया गया है। अब ऐसे लोग जो बीमार नहीं हैं, उन्हें कार्य के लिए कोरोना टेस्ट दिखाना है। अब उन्हें फीस देनी होगी।

-डॉ. आशा शर्मा, एमएस नागरिक अस्पताल
निजी और सरकारी स्कूलों के टीचरों का कोविड-19 का टेस्ट होना है। इसके लिए सीएमओ से सलाह करने के बाद ब्लॉक स्तर पर इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए बीईओ की ओर से स्वाथ्य विभाग को रोजाना टीचरों की लिस्ट भेजी जाएगी। जिससे की टीचरों का आसानी से टेस्ट हो सके। सरकारी टीचरों का भी रिकार्ड मांगा गया है। नांगल चौधरी में तो पहली ही काफी टेस्ट हो चुका है।
सुुनील कुमार, डीईओ नारनौल
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