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Mahendragarh-Narnaul News: खरकड़ा बास में की 83 ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग
Tue, 04 Aug 2026 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:36 PM IST
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फोटो संख्या:-55 गांव खरकड़ा बास में टीबी की जांच करते हुए चिकित्सक। विज्ञप्ति
कनीना। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मंगलवार को गांव खरकड़ा बास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य विभाग नारनौल की मोबाइल मेडिकल टीम की ओर से टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 83 ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान लक्षण पाए जाने पर 25 संभावित मरीजों के एक्सरे भी किए गए।
स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर टीबी की शीघ्र पहचान एवं समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी। शिविर के दौरान एसटीएस पवन यादव, टीबी हेल्थ विजिटर युद्धवीर, स्वास्थ्यकर्मी कुलदीप, वर्षा ने मरीजों की आईडी बनाने और जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आशा कार्यकर्ता रितु, निर्मला, मुनेश ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविर में आने के लिए प्रेरित किया और जांच कार्य में सहयोग दिया।
स्वास्थ्यकर्मी कुलदीप ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक लगातार खांसी, बुखार, रात में अत्यधिक पसीना आना या लगातार वजन कम होना जैसी शिकायत हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच एवं उपचार कराकर इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने में सहयोग दें।
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स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर टीबी की शीघ्र पहचान एवं समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी। शिविर के दौरान एसटीएस पवन यादव, टीबी हेल्थ विजिटर युद्धवीर, स्वास्थ्यकर्मी कुलदीप, वर्षा ने मरीजों की आईडी बनाने और जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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आशा कार्यकर्ता रितु, निर्मला, मुनेश ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविर में आने के लिए प्रेरित किया और जांच कार्य में सहयोग दिया।
स्वास्थ्यकर्मी कुलदीप ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक लगातार खांसी, बुखार, रात में अत्यधिक पसीना आना या लगातार वजन कम होना जैसी शिकायत हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच एवं उपचार कराकर इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने में सहयोग दें।
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