{"_id":"6a1dcbaea742df6e130b0dd7","slug":"taxi-fares-increased-by-per-kilometer-due-to-rising-fuel-pricestaxi-fares-increased-by-per-kilometer-due-to-rising-fuel-prices-narnol-news-c-203-1-sroh1011-126998-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: ईंधन महंगा होने से 2 रुपये प्रति किलोमीटर बढ़ा टैक्सी किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: ईंधन महंगा होने से 2 रुपये प्रति किलोमीटर बढ़ा टैक्सी किराया
विज्ञापन
फोटो संख्या:79- लोक निर्माण विश्राम गृह के नजदीक टैक्सी स्टैंड पर खड़े वाहन--संवाद
महेंद्रगढ़। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। शहर में चलने वाली टैक्सियों और निजी वाहनों के किराए में बढ़ोतरी कर दी गई है। टैक्सी चालकों ने किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर बढ़ा दिया है।
चालक अमित यादव, उमेश शर्मा, मनीष और रमेश यादव का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण वाहन चलाने का खर्च काफी बढ़ गया है। पहले जहां टैक्सी का किराया 13 रुपये प्रति किलोमीटर था, अब इसे बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
उनका कहना है कि केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि वाहन की मरम्मत, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और अन्य खर्चों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुराने किराए पर वाहन चलाना अब मुश्किल हो गया था। इसलिए मजबूरी में किराए में संशोधन करना पड़ा।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग दो हजार टैक्सी और निजी वाहन अलग-अलग रूटों पर चलते हैं। इन वाहनों के संचालन में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। पिछले कुछ समय से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने से वाहन मालिकों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
चालकों का कहना है कि नई दरों से उन्हें बढ़े हुए खर्चों की कुछ भरपाई हो पाएगी लेकिन राहत पूरी तरह नहीं मिलेगी। यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें सफर के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे।
स्थानीय वाहन चालकों बालकिशन, पवन, सुरेंद्र और बाबूलाल ने उम्मीद जताई है कि सरकार ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाएगी। उनका कहना है कि अगर ईंधन सस्ता होगा तो किराए में भी राहत मिल सकती है और आम लोगों को सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
चालक अमित यादव, उमेश शर्मा, मनीष और रमेश यादव का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण वाहन चलाने का खर्च काफी बढ़ गया है। पहले जहां टैक्सी का किराया 13 रुपये प्रति किलोमीटर था, अब इसे बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि वाहन की मरम्मत, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और अन्य खर्चों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुराने किराए पर वाहन चलाना अब मुश्किल हो गया था। इसलिए मजबूरी में किराए में संशोधन करना पड़ा।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग दो हजार टैक्सी और निजी वाहन अलग-अलग रूटों पर चलते हैं। इन वाहनों के संचालन में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। पिछले कुछ समय से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने से वाहन मालिकों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
चालकों का कहना है कि नई दरों से उन्हें बढ़े हुए खर्चों की कुछ भरपाई हो पाएगी लेकिन राहत पूरी तरह नहीं मिलेगी। यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें सफर के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे।
स्थानीय वाहन चालकों बालकिशन, पवन, सुरेंद्र और बाबूलाल ने उम्मीद जताई है कि सरकार ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाएगी। उनका कहना है कि अगर ईंधन सस्ता होगा तो किराए में भी राहत मिल सकती है और आम लोगों को सुविधा मिलेगी।