{"_id":"67b61bc0d5b37d94a70ebebe","slug":"talent-does-not-depend-on-anyone-dr-suresh-narnol-news-c-196-1-mgh1001-121546-2025-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती : डॉ. सुरेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती : डॉ. सुरेश
Wed, 19 Feb 2025 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 19 Feb 2025 11:28 PM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर- 09छात्राओं को सम्मानित करते संस्था सदस्य। स्रोत-संस्थान
नारनौल। राजकीय महाविद्यालय में पूर्व छात्र व अमेरिका के शिकागो के विश्वविद्यालय परडु के प्रोफेसर डॉ. सुरेश मित्तल व पत्नी प्रोफेसर डॉ. पूनम मित्तल ने विद्यार्थियों को पारितोषिक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने बताया कि प्रोफेसर डॉ. सुरेश चंद्र महाविद्यालय ने सन् 1975 -77 के दौरान स्नातक परीक्षा पास की। उसके बाद सुरेश ने आगे की उच्च शिक्षा अमेरिका के विश्वविद्यालय से की और उसके बाद शिकागो में स्थित उच्च कोटि व विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय परडु में अपनी शिक्षक की पारी की शुरुआत की।
डॉ. पूनम मित्तल भी इसी विश्वविद्यालय में आईटी डिपार्टमेंट की हेड हैं। साथ ही उनके भाई पुरुषोत्तम दास मौजूद रहे। उन्होंने उत्कृष्ट कार्यों व शोध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से वहां अपनी अमिट छाप छोटी है।
विज्ञापन
प्रोफेसर डॉ. सुरेश मित्तल ने कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय में अपने विद्यार्थी जीवन के पहलुओं को और अनुभवों को सभी से साझा किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि मित्तल परिवार महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष शैक्षणिक गतिविधियों के उत्कृष्ट कार्यों पर अपने परिवार की तरफ से तीन विद्यार्थियों को 11 ग्यारह हजार की राशि और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते हैं। महाविद्यालय कुलसचिव डॉ. सत्य पाल सुलोदिया और प्रोफेसर डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि महाविद्यालय के तीन होनहार विद्यार्थियों निकिता, वैधेई और सीमा पांडेय को पारितोषिक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने बताया कि प्रोफेसर डॉ. सुरेश चंद्र महाविद्यालय ने सन् 1975 -77 के दौरान स्नातक परीक्षा पास की। उसके बाद सुरेश ने आगे की उच्च शिक्षा अमेरिका के विश्वविद्यालय से की और उसके बाद शिकागो में स्थित उच्च कोटि व विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय परडु में अपनी शिक्षक की पारी की शुरुआत की।
विज्ञापन
डॉ. पूनम मित्तल भी इसी विश्वविद्यालय में आईटी डिपार्टमेंट की हेड हैं। साथ ही उनके भाई पुरुषोत्तम दास मौजूद रहे। उन्होंने उत्कृष्ट कार्यों व शोध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से वहां अपनी अमिट छाप छोटी है।
विज्ञापन
प्रोफेसर डॉ. सुरेश मित्तल ने कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय में अपने विद्यार्थी जीवन के पहलुओं को और अनुभवों को सभी से साझा किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि मित्तल परिवार महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष शैक्षणिक गतिविधियों के उत्कृष्ट कार्यों पर अपने परिवार की तरफ से तीन विद्यार्थियों को 11 ग्यारह हजार की राशि और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते हैं। महाविद्यालय कुलसचिव डॉ. सत्य पाल सुलोदिया और प्रोफेसर डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि महाविद्यालय के तीन होनहार विद्यार्थियों निकिता, वैधेई और सीमा पांडेय को पारितोषिक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।