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एआई को अवसर के रूप में स्वीकार करें दिव्यार्थी : गुलाटी
Wed, 05 Aug 2026 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:15 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन की ओर से एम साइबर अकादमी के सहयोग से जनरेटिव एआई के युग में कॅरिअर की शुरुआतः सफलता की राह पर कैसे आगे बढ़ें विषय पर व्याख्यान हुआ। इसमें मुख्य वक्ता काइट साइबर सैन फ्रांसिस्को अमेरिका के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय गुलाटी अजय गुलाटी ने कहा कि विद्यार्थी एआई को अवसर के रूप में स्वीकार करें।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं। साथ ही सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन के निदेशक डॉ. मुरलीधर नायक भुक्या ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
अजय गुलाटी ने अपने व्याख्यान में जनरेटिव एआई के वर्तमान एवं भविष्य, वैश्विक रोजगार परिदृश्य में हो रहे परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, नवाचार, उद्यमिता व उद्योगों में आवश्यक भविष्य उन्मुख कौशलों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर सीखने की क्षमता, समस्या-समाधान कौशल, नवाचार की सोच व नई तकनीकों को अपनाने की तत्परता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में स्वीकार करें व अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहें।
डॉ. सुनील कुमार ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जनरेटिव एआई शिक्षा, शोध, उद्योग और रोजगार के स्वरूप को तेजी से बदल रही है। कार्यक्रम के संयोजक विकास कुमार, निदेशक महाराज साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. प्रीति मराठा ने सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन व एम साइबर अकादमी के मध्य स्थापित सहयोग व ऐसे उद्योग-अकादमिक कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं। साथ ही सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन के निदेशक डॉ. मुरलीधर नायक भुक्या ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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अजय गुलाटी ने अपने व्याख्यान में जनरेटिव एआई के वर्तमान एवं भविष्य, वैश्विक रोजगार परिदृश्य में हो रहे परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, नवाचार, उद्यमिता व उद्योगों में आवश्यक भविष्य उन्मुख कौशलों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर सीखने की क्षमता, समस्या-समाधान कौशल, नवाचार की सोच व नई तकनीकों को अपनाने की तत्परता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में स्वीकार करें व अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहें।
डॉ. सुनील कुमार ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जनरेटिव एआई शिक्षा, शोध, उद्योग और रोजगार के स्वरूप को तेजी से बदल रही है। कार्यक्रम के संयोजक विकास कुमार, निदेशक महाराज साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. प्रीति मराठा ने सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन व एम साइबर अकादमी के मध्य स्थापित सहयोग व ऐसे उद्योग-अकादमिक कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला।