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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह की लीला का मंचन
Sat, 11 May 2024 10:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 11 May 2024 10:59 AM IST
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फाेटो संख्या:70-गांव नांगल माला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह की लीला
सतनाली। खंड सतनाली के गांव नांगल माला में भागवत कथा सप्ताह के दौरान श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई गई।
कालीदास महाराज ने कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव, गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना का भावपूर्ण पाठ किया। आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति आवश्यक हैं। भगवत प्राप्ति के लिए निश्चय और परिश्रम भी जरूरी हैं। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया।
कालीदास महाराज ने बताया कि कथा वाचन के समय पंच अध्याय का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। जो भक्त प्रेमी कृष्ण-रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भव पार हो जाता है। उसे वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती हैं।
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कालीदास महाराज ने कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव, गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना का भावपूर्ण पाठ किया। आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति आवश्यक हैं। भगवत प्राप्ति के लिए निश्चय और परिश्रम भी जरूरी हैं। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया।
कालीदास महाराज ने बताया कि कथा वाचन के समय पंच अध्याय का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। जो भक्त प्रेमी कृष्ण-रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भव पार हो जाता है। उसे वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती हैं।
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