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किसानों और गोशालाओं को दिए जाएंगे 50 हजार सौर पंप - मंत्री
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solar pump
- फोटो : Narnol
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नवीन एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा व जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों की विशेष योजना बनाई है। इसके तहत नाबार्ड की सहायता से 50 हजार सौर पंप किसानों व गोशालाओं को दिए जाएंगे। योजना पर लगभग 1696 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
डॉ. बनवारी लाल शुक्रवार को गांव कादीपुर में मनोहर ज्योति गृह प्रकाश प्रणाली के प्रदेश स्तरीय लोकार्पण व वितरण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। डॉ. बनवारी लाल ने गांव कादीपुरी में पार्क के लिए 21 लाख व विधायक ओमप्रकाश यादव गांव के विकास के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में इन सोलर पंपों की स्थापना होने पर लगभग 238 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा। इससे न केवल पंप चलाने में प्रयोग होने वाले डीजल की बचत होगी बल्कि डीजल पंप से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम भी होगी। सबसे सस्ती ऊर्जा प्रदान करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। लगभग 413 मेगावाट क्षमता की एक सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी है। सरकार ने 672 मेगा वाट की सोलर परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। जिसे इसी वर्ष पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में प्रदान की जा रही बिजली की सब्सिडी को कम करने के उद्देश्य से करनाल व यमुनानगर जिले में एक-एक पायलट प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की गई है। इस योजना के तहत 11 कृषि फीडर का चयन किया गया है। वर्तमान में कुल 468 बिजली आधारित ट्यूबवेलों को ऊर्जा आधारित ट्यूबवेलों में परिवर्तित किया जाएगा। इन सौर ऊर्जा आधारित ट्यूबवेलों से जो अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा, उससे किसानों को भुगतान किया जाएगा। इस योजना पर लगभग 26 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां कृषि कचरे से स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन की बहुत संभावनाएं हैं। खेतों में पराली जलाने से प्रदूषण होता है। जिससे निपटने के लिए सरकार द्वारा लगभग 50 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना लागू की जा रही है। इसके तहत कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद व फतेहाबाद जिलों में ऐसी परियोजनाएं स्थापित की जा रही है। जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान होगी।
बायो एथोनॉल एवं बायो सीएनजी प्लांट स्थापित होगा
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा सरकार राज्य में कृषि आधारित बायो एथोनॉल एवं बायो सीएनजी प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। इसके लिए इंडियन ऑयल से समझौता किया है। राज्य में अब तक 14 ऐसी परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए इंडियन आयल द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी हैं। सरकार ने दक्षिणी हरियाणा की नहरों की व पंप हाउसों की मरम्मत के लिए सरकार ने 143 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस मौके पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की महानिदेशक रेणु पुलिया, एडीसी मनीष नागपाल, मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी, मनीष मित्तल, छोटेलाल, सरपंच पिंकी देवी के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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होम लाइटिंग सिस्टम दिए
इस मौके पर मनोहर ज्योति योजना के तहत जांजडियावास की बबली देवी, पाएगा गांव की राजबाला, खेड़ी की सुमन, बड़कोदा के प्रदीप कुमार व कांटी के सुदेश कुमार को होम लाइटनिंग सिस्टम दिया।
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डॉ. बनवारी लाल शुक्रवार को गांव कादीपुर में मनोहर ज्योति गृह प्रकाश प्रणाली के प्रदेश स्तरीय लोकार्पण व वितरण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। डॉ. बनवारी लाल ने गांव कादीपुरी में पार्क के लिए 21 लाख व विधायक ओमप्रकाश यादव गांव के विकास के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में इन सोलर पंपों की स्थापना होने पर लगभग 238 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा। इससे न केवल पंप चलाने में प्रयोग होने वाले डीजल की बचत होगी बल्कि डीजल पंप से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम भी होगी। सबसे सस्ती ऊर्जा प्रदान करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। लगभग 413 मेगावाट क्षमता की एक सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी है। सरकार ने 672 मेगा वाट की सोलर परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। जिसे इसी वर्ष पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में प्रदान की जा रही बिजली की सब्सिडी को कम करने के उद्देश्य से करनाल व यमुनानगर जिले में एक-एक पायलट प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की गई है। इस योजना के तहत 11 कृषि फीडर का चयन किया गया है। वर्तमान में कुल 468 बिजली आधारित ट्यूबवेलों को ऊर्जा आधारित ट्यूबवेलों में परिवर्तित किया जाएगा। इन सौर ऊर्जा आधारित ट्यूबवेलों से जो अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा, उससे किसानों को भुगतान किया जाएगा। इस योजना पर लगभग 26 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां कृषि कचरे से स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन की बहुत संभावनाएं हैं। खेतों में पराली जलाने से प्रदूषण होता है। जिससे निपटने के लिए सरकार द्वारा लगभग 50 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना लागू की जा रही है। इसके तहत कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद व फतेहाबाद जिलों में ऐसी परियोजनाएं स्थापित की जा रही है। जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान होगी।
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बायो एथोनॉल एवं बायो सीएनजी प्लांट स्थापित होगा
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा सरकार राज्य में कृषि आधारित बायो एथोनॉल एवं बायो सीएनजी प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। इसके लिए इंडियन ऑयल से समझौता किया है। राज्य में अब तक 14 ऐसी परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए इंडियन आयल द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी हैं। सरकार ने दक्षिणी हरियाणा की नहरों की व पंप हाउसों की मरम्मत के लिए सरकार ने 143 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस मौके पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की महानिदेशक रेणु पुलिया, एडीसी मनीष नागपाल, मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी, मनीष मित्तल, छोटेलाल, सरपंच पिंकी देवी के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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होम लाइटिंग सिस्टम दिए
इस मौके पर मनोहर ज्योति योजना के तहत जांजडियावास की बबली देवी, पाएगा गांव की राजबाला, खेड़ी की सुमन, बड़कोदा के प्रदीप कुमार व कांटी के सुदेश कुमार को होम लाइटनिंग सिस्टम दिया।