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Mahendragarh-Narnaul News: जिले में अब तक डेंगू के तीन व मलेरिया के चार मरीज मिले
Sun, 29 Sep 2024 10:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 29 Sep 2024 10:41 PM IST
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फोटो नंबर-17नारनौल का नागरिक अस्पताल।
नारनौल। क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप जारी है, जिले में अब तक तीन डेंगू व चार मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के जो तीन मरीज मिले हैं वो जिले के स्थानीय निवासी हैं, वहीं मलेरिया के चार मरीजों में एक मरीज स्थानीय निवासी है।
बाकी तीन मरीज जिले के बाहर के रहने वाले है, जो अस्थायी रूप से जिले में रह रहें हैं। अब तक मिले डेंगू व मलेरिया के मरीजों का उपचार नागरिक अस्पताल नारनौल में किया गया और सभी मरीज खतरे से बाहर है। बारिश के दिनों में जगह-जगह जलभराव हो जाता है जिस कारण मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। डेंगू बुखार एडीज प्रजाति की मादा मच्छरों के काटने से फैलता है, वहीं मलेरिया बुखार मादा एनाफ्लीज मच्छरों के काटने से फैलता है।
डेंगू से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। इसके अलावा महेंद्रगढ़ सामान्य अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डेंगू मरीज के उपचार की व्यवस्था की गई है। प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं होने के कारण जिले के लोग निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। वहीं निजी अस्पताल में महंगे उपचार के कारण आमजन को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन अस्पताल में उपलब्ध, मगर चालू नहीं
ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन अस्पताल में पिछले करीब तीन साल से उपलब्ध है, लेकिन लाइसेंस संबंधित समस्या होने के कारण मशीन अब तक प्रयोग में नहीं लाई गई है। जिस कारण प्लेटलेट्स, प्लाजमा, पीआरबीसी, करयोप्रिसिपेट ब्लड की व्यवस्था नहीं है। चिकित्सकों द्वारा कई बार मशीन को चालू करने की मांग अस्पताल प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन तीन साल लंबा समय बीत जाने के बाद भी मशीन को चालू करने की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है।
जिले में अब तक डेंगू के तीन व मलेरिया के चार मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक करने और रोकथाम के लिए पूरे जिले में 152 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। लार्वा मिलने वाली जगह पर लोगों की जांच की जाती है और दवा का छिड़काव किया जाता है। जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू वार्ड भी बनाया गया है ताकि मरीजों को उचित उपचार मिल सके।
डॉ. मनीष, डीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल नारनौल।
डेंगू बुखार के लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 3 से 14 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी आना, मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द , थकान, नाक-कान व शरीर के अन्य हिस्सों से खून बहना आदि डेंगू के लक्षण है। डेंगू से ग्रसित मरीज निरंतर उपचार के बाद ठीक हो जाता है। नागरिक अस्पताल में मरीज के उपचार के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है। डेंगू बुखार में ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। डेंगू से ग्रसित मरीज की प्लेटलेट्स 50,000 से कम है और नाक-कान व अन्य हिस्सों से खून आ रहा है तो यह खतरनाक हो सकता है।
डॉ. जितेंद्र यादव फिजिशियन, नागरिक अस्पताल नारनौल।
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बाकी तीन मरीज जिले के बाहर के रहने वाले है, जो अस्थायी रूप से जिले में रह रहें हैं। अब तक मिले डेंगू व मलेरिया के मरीजों का उपचार नागरिक अस्पताल नारनौल में किया गया और सभी मरीज खतरे से बाहर है। बारिश के दिनों में जगह-जगह जलभराव हो जाता है जिस कारण मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। डेंगू बुखार एडीज प्रजाति की मादा मच्छरों के काटने से फैलता है, वहीं मलेरिया बुखार मादा एनाफ्लीज मच्छरों के काटने से फैलता है।
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डेंगू से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। इसके अलावा महेंद्रगढ़ सामान्य अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डेंगू मरीज के उपचार की व्यवस्था की गई है। प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं होने के कारण जिले के लोग निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। वहीं निजी अस्पताल में महंगे उपचार के कारण आमजन को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन अस्पताल में उपलब्ध, मगर चालू नहीं
ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन अस्पताल में पिछले करीब तीन साल से उपलब्ध है, लेकिन लाइसेंस संबंधित समस्या होने के कारण मशीन अब तक प्रयोग में नहीं लाई गई है। जिस कारण प्लेटलेट्स, प्लाजमा, पीआरबीसी, करयोप्रिसिपेट ब्लड की व्यवस्था नहीं है। चिकित्सकों द्वारा कई बार मशीन को चालू करने की मांग अस्पताल प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन तीन साल लंबा समय बीत जाने के बाद भी मशीन को चालू करने की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है।
जिले में अब तक डेंगू के तीन व मलेरिया के चार मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक करने और रोकथाम के लिए पूरे जिले में 152 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। लार्वा मिलने वाली जगह पर लोगों की जांच की जाती है और दवा का छिड़काव किया जाता है। जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू वार्ड भी बनाया गया है ताकि मरीजों को उचित उपचार मिल सके।
डॉ. मनीष, डीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल नारनौल।
डेंगू बुखार के लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 3 से 14 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी आना, मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द , थकान, नाक-कान व शरीर के अन्य हिस्सों से खून बहना आदि डेंगू के लक्षण है। डेंगू से ग्रसित मरीज निरंतर उपचार के बाद ठीक हो जाता है। नागरिक अस्पताल में मरीज के उपचार के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है। डेंगू बुखार में ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। डेंगू से ग्रसित मरीज की प्लेटलेट्स 50,000 से कम है और नाक-कान व अन्य हिस्सों से खून आ रहा है तो यह खतरनाक हो सकता है।
डॉ. जितेंद्र यादव फिजिशियन, नागरिक अस्पताल नारनौल।