{"_id":"681e4adfb8e5d657520aca4a","slug":"slums-are-being-built-the-responsible-are-silent-narnol-news-c-203-1-sroh1010-116988-2025-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: बस रहीं झुग्गी-झोपड़ियां, जिम्मेदार खामोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: बस रहीं झुग्गी-झोपड़ियां, जिम्मेदार खामोश
Sat, 10 May 2025 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 10 May 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:58- मोदाश्रम के नजदीक झुग्गी झोपड़ी में लगी डीटीएच व लगाई गई बिजली केबल--संवाद
- फोटो : मौके पर मौजूद ग्रामीण व पुलिस।
महेंद्रगढ़। शहरी क्षेत्र में एक हजार से अधिक झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने वाली करीब पांच हजार की आबादी शहर पर बोझ बढ़ा रही हैं। करीब 30 वर्ष पहले घुमंतू जातियों ने यहां केवल अस्थायी रूप से बसेरा किया था, लेकिन अब पक्के निर्माण कर लिए हैं। नगर पालिका की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार खामोश हैं।
पार्षद के चुनाव लड़ने वालों ने हर बार चुनाव से पहले वोटबैंक के चक्कर में इनके वोटर कार्ड, आधार कार्ड व अन्य जरूरी कागज भी बनवा दिए हैं। यह सारा खेल वर्षों से चल रहा है। इसके चलते इन बाहरी लोगों को 30 साल में शहर की नागरिकता के दस्तावेज तक बनवा लिए हैं। नगर पालिका व पुलिस ने इनकी जांच तक नहीं की।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के मोदाश्रम के नजदीक अवैध रूप से नपा की जमीन पर बनी 90 झुग्गी-झोंपड़ियों की पड़ताल की। कुछ झुग्गियों में कूलर, पंखे, वाशिंग मशीन, टीवी, 15 से अधिक बाइकों जैसी सुविधाएं भी मिलीं। साथ ही झुग्गियों में पक्के चबूतरे भी बना लिए हैं। इन झुग्गियों में 150 से अधिक की आबादी रहती है। 20 से अधिक वोट बने हुए हैं।
विज्ञापन
जब इनमें रहने वाले कुछ लोगों से बातचीत की गई तो खुलासा हुआ है कि घुमंतू जाति के लोग करीब 30 साल पहले राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र से अस्थायी रूप से रहने आए थे।
बिजली की सुविधा के लिए सभी ने पैसा एकत्रित करके केबल खरीदी और मोदाश्रम के नजदीक ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से कुंडी लगाकर झुग्गियों में बिजली का उपभोग कर रहे हैं। हालांकि बिजली निगम की पांच बार कनेक्शन काटकर केबल भी जब्त की गई थी। झुग्गियों में 30 से अधिक बच्चे, 50 से अधिक पुरुष व 50 महिलाएं हैँ। घुमंतू जाति के लोग हर साल में दो-तीन नई झुग्गियां बना रहे हैं।
विज्ञापन
पार्षद के चुनाव लड़ने वालों ने हर बार चुनाव से पहले वोटबैंक के चक्कर में इनके वोटर कार्ड, आधार कार्ड व अन्य जरूरी कागज भी बनवा दिए हैं। यह सारा खेल वर्षों से चल रहा है। इसके चलते इन बाहरी लोगों को 30 साल में शहर की नागरिकता के दस्तावेज तक बनवा लिए हैं। नगर पालिका व पुलिस ने इनकी जांच तक नहीं की।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के मोदाश्रम के नजदीक अवैध रूप से नपा की जमीन पर बनी 90 झुग्गी-झोंपड़ियों की पड़ताल की। कुछ झुग्गियों में कूलर, पंखे, वाशिंग मशीन, टीवी, 15 से अधिक बाइकों जैसी सुविधाएं भी मिलीं। साथ ही झुग्गियों में पक्के चबूतरे भी बना लिए हैं। इन झुग्गियों में 150 से अधिक की आबादी रहती है। 20 से अधिक वोट बने हुए हैं।
विज्ञापन
जब इनमें रहने वाले कुछ लोगों से बातचीत की गई तो खुलासा हुआ है कि घुमंतू जाति के लोग करीब 30 साल पहले राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र से अस्थायी रूप से रहने आए थे।
बिजली की सुविधा के लिए सभी ने पैसा एकत्रित करके केबल खरीदी और मोदाश्रम के नजदीक ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से कुंडी लगाकर झुग्गियों में बिजली का उपभोग कर रहे हैं। हालांकि बिजली निगम की पांच बार कनेक्शन काटकर केबल भी जब्त की गई थी। झुग्गियों में 30 से अधिक बच्चे, 50 से अधिक पुरुष व 50 महिलाएं हैँ। घुमंतू जाति के लोग हर साल में दो-तीन नई झुग्गियां बना रहे हैं।

फोटो संख्या:58- मोदाश्रम के नजदीक झुग्गी झोपड़ी में लगी डीटीएच व लगाई गई बिजली केबल--संवाद- फोटो : मौके पर मौजूद ग्रामीण व पुलिस।