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क्षेत्र में खाद का संकट, किसान खेतों में काम छोड़ लग रहे लाइनों में, दिनभर प्रयास के बाद भी हाथ खाली
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गांव बवानिया में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़
- फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। साहब, यहां लाइन में लगने का हमें शौक नहीं है, खेत में चुनाई, जुताई और पुलियां का काम छोड़कर लाइन में लगने को हम लोग मजबूर हैं। पूरा दिन लाइन में लगकर और रात चिंता में गुजर रही है। यही कहना था खाद के लिए लाइन में किसानों का। डीएपी खाद को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसान खेतों में काम करने की बजाए दिनभर खाद के लिए भकटने को मजबूर हो रहे हैं। महिलाएं भी तड़के से ही लाइन में लगने को मजबूर हैं। इस समय खेतों में कपास चुनाई, जुताई के साथ-साथ पुलियां भी खेतों में ही हैं। किसान रबी फसलों की तैयारी में व्यस्त है, ऐसे में किसानों के दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
शनिवार को महेंद्रगढ़ के सोसायटी केंद्र पर महज 400 बैग पहुंचे जबकि निजी दुकान पर 700 बैग डीएपी उपलब्ध रही। किसान सुबह छह बजे आकर ही लाइनों में लग गए दो घंटे बाद ही किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्वयं उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर किसानों की लाइनें लगवाकर पुलिस की उपस्थिति में खाद वितरण शुरू कराया।
- 14 गांवों के केंद्र पर पहुंचे महज 750 बैग
बवानियां ब्रिकी केंद्र के अंतर्गत 14 गांवों के किसान आते हैं। शनिवार को महज 750 बैग ही डीएपी उपलब्ध कराई गई। किसान सुबह चार बजे से ही लाइन लगाकर बैठ गए। मशीन में तकनीकि खराबी के चलते दो घंटे बाद वितरण शुरू किया गया। अधिक देर लाइन में लगने के कारण महिला किसान को चक्कर आने से गिर कर बेहोश हो गई थी। किसान समेशर सिंह मेघनवास, लाली बवानिया ने बताया कि सुबह चार बजे से ही लाइन में लग गए थे। आठ से दस एकड़ में महज दो बैगों से कैसे बिजाई की जाएगी।
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- आकोदा केंद्र पर पहुंचे 600 बैग लेने पहुंचे आठ गांवों के किसान
आकोदा सोसायटी के केंद्र पर आठ गांवों के किसान खाद लेने के लिए पहुंचे। किसानों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई जिसके बाद कर्मचारी भी बेबस नजर आए। केंद्र पर 600 बैग डीएपी के पहुंचे थे।
- सतनाली केंद्र पर स्टॉक खत्म खाली हाथ लौटे किसान
सतनाली केंद्र पर शनिवार को 400 बैग डीएपी व 500 बैग एनपीके के पहुंचे थे। वितरण शुरू होने के महज तीन घंटे बाद ही स्टॉक खत्म हो गया जिसके कारण अनेक किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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शनिवार को महेंद्रगढ़ के सोसायटी केंद्र पर महज 400 बैग पहुंचे जबकि निजी दुकान पर 700 बैग डीएपी उपलब्ध रही। किसान सुबह छह बजे आकर ही लाइनों में लग गए दो घंटे बाद ही किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्वयं उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर किसानों की लाइनें लगवाकर पुलिस की उपस्थिति में खाद वितरण शुरू कराया।
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- 14 गांवों के केंद्र पर पहुंचे महज 750 बैग
बवानियां ब्रिकी केंद्र के अंतर्गत 14 गांवों के किसान आते हैं। शनिवार को महज 750 बैग ही डीएपी उपलब्ध कराई गई। किसान सुबह चार बजे से ही लाइन लगाकर बैठ गए। मशीन में तकनीकि खराबी के चलते दो घंटे बाद वितरण शुरू किया गया। अधिक देर लाइन में लगने के कारण महिला किसान को चक्कर आने से गिर कर बेहोश हो गई थी। किसान समेशर सिंह मेघनवास, लाली बवानिया ने बताया कि सुबह चार बजे से ही लाइन में लग गए थे। आठ से दस एकड़ में महज दो बैगों से कैसे बिजाई की जाएगी।
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- आकोदा केंद्र पर पहुंचे 600 बैग लेने पहुंचे आठ गांवों के किसान
आकोदा सोसायटी के केंद्र पर आठ गांवों के किसान खाद लेने के लिए पहुंचे। किसानों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई जिसके बाद कर्मचारी भी बेबस नजर आए। केंद्र पर 600 बैग डीएपी के पहुंचे थे।
- सतनाली केंद्र पर स्टॉक खत्म खाली हाथ लौटे किसान
सतनाली केंद्र पर शनिवार को 400 बैग डीएपी व 500 बैग एनपीके के पहुंचे थे। वितरण शुरू होने के महज तीन घंटे बाद ही स्टॉक खत्म हो गया जिसके कारण अनेक किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

सतनाली में खाद के लिए किसानों की लगी लंबी लाइन- फोटो : Narnol

आकोदा में खाद के लगी किसानों की भीड़- फोटो : Narnol