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शॉपिंग कॉम्पलेक्स में 300 दुकानें, शौचालय एक भी नहीं

Sun, 08 Jan 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 08 Jan 2017 11:47 PM IST
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शाप‌िंग काम्पलेक्स में सुवधिओं का अभाव
शहर की नगरपालिका भले ही नगरवासियों को अच्छी सेवा देने का दावा करती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बयां करती है। नगरपालिका की अनदेखी के चलते शहर के सबसे बड़े शापिंग कॉम्पलेक्स के व्यापारी एवं दुकानदारों को सुविधाओं के अभाव में परेशानी उठानी पड़ रही है। पालिका को दुकान किराये के अलावा 15 प्रतिशत सर्विस टैक्स देने के बाद शहर का शॉपिंग कॉम्पलेक्स व्यापारी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। कॉम्पलेक्स में 300 से अधिक दुकाने हैं लेकिन शौचालय एक भी नहीं हैं। इसके अलावा पेयजल, पार्किंग, सफाई, बिल्डिंग की मरमत, पार्किंग, पार्क, सीवरेज व्यवस्था सब कुछ जीरो है। शापिंग कॉम्लेक्स शहर का सबसे बड़ा बाजार है, इस बाजार से हर रोज हजारों ग्राहक सामान खरीदने के लिए आते हैं। कॉम्पलेक्स के व्यापारी शहर की नई सरकार बनने के बाद पालिका चेयरपर्सन को दो बार मूलभूत सुविधाओं के बारे में अवगत करवा चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई अभी तक नहीं हो पाई है।
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22वर्ष पूर्व बना था कॉम्पलेक्स
महेंद्रगढ़ का शॉपिंग कॉम्पलेक्स का 4 अगस्त 1994 को तत्कालीन प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री धर्मबीर गाबा ने उद्घाटन किया था। उस समय करोड़ों रुपये की लागत से 3 फेज का कॉम्पलेक्स बनाया गया था जिसमें 300 दुकानें बनी थी और आठ से दस शोरूम भी बने थे। इससे सैकड़ों दुकानदारों को काम मिला था। आज यह कॉम्पलेक्स के शहर के सबसे बड़े बाजार के रूप में उभर चुका है। लेकिन 22 वर्ष बाद ही कॉम्पलेक्स की स्थिति रखरखाव के कारण बेहद खस्ता हो चली है।
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सैकड़ों दुकानें शौचालय एक भी नहीं
शापिंग कॉम्पलैक्स में शौचालय नहीं होने के कारण दुकानदारों, व्यापारियों एवं ग्राहकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कॉम्पलेक्स बना उसी समय से यहां शौचालय नहीं बनाए गए थे अब 22 वर्ष का समय बीत चुका है लेकिन पालिका आज भी इस समस्या का समाधान नहीं कर पाई है। दुकानदार शौचालय के लिए रेस्ट हाउस के पास गाड़ियों के पीछे जाकर शौच करके आते हैं, तब तक उनके दिमाग में पीछे सामान उठने का भी डर रहता है। इसलिए किसी दूसरे दुकानदार की जिम्मेदारी देकर शौच के लिए जाना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कतें तो खरीददारी करने बाजार में आई महिलाओं को होती है।
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सफाई व्यवस्था चौपट
शापिंग कॉम्पलेक्स अंदर पालिका ने कहीं भी कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं की है और न ही सफाई कर्मचारी सफाई करते हैं। कॉम्पलैक्स के अंदर सायं के समय दुकाने बंद होने पर आवारा पशुओं की शरणस्थली बन जाता है। रात्रि के समय आवारा पशु यहां रहते हैं गोबर, मूत्र आदि कर काम्पलेक्स को खराब कर देते हैं। इसके अतिरिक्त दुकानों के बाहर कूड़ा भी वहां पड़ा रहता है उन्हें उठाने के लिए कोई नहीं पहुंचता।
पेयजल की भी किल्लत
नगरपालिका दुकानदारों एवं व्यापारियों से दुकानों के किराये एवं सर्विस टैक्स तो ले रही है लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दे रही। कॉम्पलेक्स की एक ओर सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। कॉम्पलेक्स में पेयजल की व्यवस्था नहीं है न ही यहां कोई बोर किया गया है। एक प्याऊ पहले बनाई गई थी उसमें वाटर कूलर भी लगाया गया था अब वह भी नहीं है। अब दुुकानदार कैंपर लेकर या फिर अपने घर से कैंपर ले जाकर काम चलाते हैं।
कॉम्पलेक्स की हालत जर्जर
शापिंग कॉम्पलैक्स की हालत कई जगहों से जर्जर हो चुकी है। नीचे की छत के सरीये दिखाई देने लगे हैं कई बार प्लास्टरग्राहकों के ऊपर भी गिर जाता है जिससे वे चोटिल हो जाते हैं। दुकानदारों की यह समस्या पिछले चार पांच वर्षों से है। लेंटर की हालत इतनी खस्ता हो चली है कि उन्हें डर के साये में काम करना पड़ रहा है।

मेरी शापिंग कॉम्पलेक्स में मेडिकल की दुकान है यहां पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। मेरे फेज में एक या दो लाइटें जलती हैं बाकी सभी बंद पड़ी हैं। -राजकुमार
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काम्पलेक्स के सीवरेज जाम पड़े हैं। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सबसे हालत खराब तो बारिश के समय होती जब यहां पानी भर जाता है।--गौत्तम, घड़ी रिपयेरिंग
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कॉम्पलेक्स में शौचालय एवं पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है, कई बार पालिका को लिखित में अवगत करवा चुके हैं लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं होती।------महेंद्र कुमार खोरीवाला, कपड़ा व्यवसायी

मेरी शापिंग कॉम्पलेक्स में दुकान है। कॉम्पलैक्स का बरामदा जर्जर हालत में है,  कई बार ऊपर से चूना आकर गिर जाता है। इसके मरम्मत के लिए पालिका को अवगत करवाया गया है। बाहर पार्क में आवारा पशु बैठे रहते जो गंदगी फैलाकर चले जाते हैं। उन पशुओं को रोकने की भी व्यवस्था पालिका ने नहीं की है।- रमेश कुमार परतापुरिया
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शापिंग कॉम्पलेक्स की सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी है। दुकानदारों को आकर ही अपनी दुकानों के बाहर सफाई करनी पड़ती है। इसके अलावा कॉम्पलेक्स में डस्टबिन की व्यवस्था भी नहीं है। -जगदीश।

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पालिका प्रशासन जब कॉम्पलेक्स से सर्विस टैक्स ले रहा है तो उसे दुकानदारों को सर्विस भी देनी चाहिए ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।--------सुनील गर्ग।
 
शापिंग कॉम्पलेक्स में सीढ़ियों के नीचे शौचालय बनाने का प्रावधान है, उसके नीचे बनाने पर आसपास के दुकानदार विरोध जताते हैं। पेयजल व्यवस्था का जल्द ही दुरुस्त करवा दिया जाएगा। कॉम्पलेक्स में जहां-जहां रात्रि को अंधेरा रहता था वहां लाइटें लगवाई जा चुकी हैं, कहीं खराब हुई हैं तो उसे ठीक करवा दी जाएगी। जल्द ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी से सीवरेज डलवाकर वहां रोड भी बनवा दिया जाएगा।- रीना बंटी- चेयरपर्सन नगरपालिका महेंद्रगढ़
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