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Mahendragarh-Narnaul News: सौ बच्चों में सात बच्चे पाए गए एनीमिया के शिकार

Wed, 14 Jan 2026 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Wed, 14 Jan 2026 12:09 AM IST
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Seven out of 100 children were found to be suffering from anemia.
फोटो संख्या:58 अस्पताल में विवाहिता की जांच करती एमओ डॉ. वंदना यादव। संवाद
महेंद्रगढ़। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गत माह विद्यालयों और आंगनबाड़ी में किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। इनमें प्रति 100 बच्चों में 7 फीसदी किशोर-किशोरियां एनेमिक, 40 फीसदी किशोरिया मध्यम एनेमिक मिलीं। वहीं 20 फीसदी बच्चों का वजन सामान्य से कम मिला जबकि 5 फीसदी बच्चों की ऊंचाई कम पाई गई।
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महिला रोग विशेषज्ञ व चिकित्सा अधिकारी डॉ. वंदना यादव ने बताया कि एक दशक पहले लड़कियों की ऊंचाई व शारीरिक विकास सही था। अब आधुनिक सुविधाओं में काफी इजाफा हुआ है। पहले लड़कियां बाहर खेलती थीं। घर के कामकाज में हाथ बंटाती थीं तो उनका शारीरिक विकास ठीक से होता था।
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अब लड़कियां घर के कामों से दूर रहती हैं और केवल पढ़ाई व फोन आदि देखती हैं। इसका असर उनके शारीरिक विकास पर पड़ रहा है। लड़कियों में शारीरिक गतिविधियां कम होने से विकास भी कम होता है और आज समाज में केवल दुबली-पतली लड़कियां दिखाई देती हैं।
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खानपान भी पहले के मुकाबले पौष्टिक नहीं रहा है। लड़कियां घर पर खाना कम खाती हैं और बाहर जाकर फास्ट फूड अधिक खाती हैं। इससे उनका पेट भर जाता है लेकिन शरीर में पोषक तत्व पूरे नहीं हो पाते हैं। फास्ट फूड के अधिक सेवन की लत बचपन में ही लग जाती है।
अभिभावक बच्चों को बहलाने के लिए चीजें दिलाते हैं और इसका असर उनके शरीर पर पड़ता है। अभिभावकों को भी 8 से 14 साल की उम्र में बेटियों का सबसे अधिक ध्यान रखना चाहिए। अब अस्पताल में प्रतिदिन 7 से 8 महिलाएं परेशानी लेकर अस्पताल में आ रही हैं।
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कैल्शियम, आयरन की कमी दूर करें युवतियां:
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार युवतियों के शरीर में सबसे अधिक कैल्शियम, प्रोटीन व आयरन की कमी होती है। इसके लिए युवतियों को पौष्टिक आहार खाना चाहिए और फास्ट फूड से दूरी बनानी चाहिए। कैल्शियम के लिए दूध व लस्सी, आयरन के लिए गुड़, पालक व पत्तेदार सब्जियां, सेब, प्रोटीन के लिए भूने चने, दालें, दही को खाने में शामिल करें।

शारीरिक गतिविधियां रखें अधिक
काम से जी न चुराएं और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं। काम करने से गतिविधियां भी होगी और घर के कामों में मां को भी राहत मिलेगी। अगर काम नहीं करती हैं तो शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए खेलकूद या कसरत कर सकती हैं। ऊंचाई अनुवांशिकी के आधार पर होती है, लेकिन कसरत करने से ऊंचाई में फर्क होता है। साथ ही उनका वजन भी बढ़ेगा।
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