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पौराणिक पात्रों के जरिये बताया खुशहाल जिंदगी का फलसफा
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आरपीएस कॉलेज बलाना में अमर उजाला द्वारा आयोजित प्रबंधन विकास कार्यक्रम में एन रघुरामन छात्राओं
- फोटो : Narnol
प्रबंधन गुरु एन. रघुरामन ने कहा कि पांच सूत्र आपके जीवन को बदल सकते हैं। अगर आप पांच नहीं तो जितने अपना सकते हैं उतने अपना लीजिए। अपने दिल से 15 दिन इनको जीवन में उतारें। जीवन में जरा भी बदलाव लगे तो इसे निरंतर रखें। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत का हर एक पात्र हमें जीवन मूल्यों की प्रेरणा देता है।
शनिवार को अमर उजाला और आरपीएस के द मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह व्याख्यान दिया। यह कार्यक्रम आरपीएस कॉलेज बलाना में आयोजित हुआ। इस मौके पर एन रघुरामन ने बेहद साधारण तरीके से अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि मैं बहुुत साधारण आदमी हूं। बस एक ही खासियत है कि रोज लिखता हूं। उन्होंने कहा कि कारपोरेट की जरूरत के अनुसार मैन पावर तैयार नहीं हो रही। मानव भी एक तरह से प्रोडक्ट है। जैसा प्रोडक्ट वैसी उसकी सेलरी। उन्होंने कहा कि मानव को संवेदनशील होना चाहिए। मानवता को जीने के लिए सकारात्मक होकर जीएं। रघुरामन ने कहा कि हम देखकर अधिक सीखते हैं। मानव जीवन सबसे कीमती है इसे खुशी से जीएं। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर हुआ। आरपीएस ग्रुुप के संस्थापक चेयरमैन डॉ. ओपी यादव, चेयरपर्सन पवित्रा राव ने दीप मुख्य अतिथि का गुलदस्ते देकर स्वागत किया।
यह पांच नियम बदलेंगे आपका जीवन...
भलाई - किसी का सहयोग , मदद इस तरह से करें कि आपके खुद के दूसरे हाथ को भी पता न लगे।
पूर्वागृह त्यागें - किसी के बारे में किसी तरह की धारणा बनाकर न जाएं।
साधारण - जीवन में जितने साधारण तरीके से रहेंगे उतने ही खुश रहेंगे।
गुस्सा न करें - गुस्सा न करें ,गुस्सा आए तो उसे उसी समय खत्म कर सामने वाले को माफ कर दें
शुद्ध आत्मा - अपनी आत्मा पर किसी तरह का मैल न रखें।
कहानियों के जरिये समझाए बिजनेस के फंडे...
लंदन में एक टैडी बियर के होलीडे मनाने की कहानी का उदाहरण देकर बताया कि किस तरह से एक नए आइडिया के बिजनेस को बढ़ा सकते हैं। एक दूसरी कहानी के जरिए बताया कि महज साढे़ तीन साल की लड़की ने 105 साल पुरानी टाइगर ब्रेड कंपनी का नाम बदलवा दिया। इस नाम बदलने से कंपनी को कई गुना मुनाफा हो गया।
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रामायण और महाभारत ग्रंथ से समझाया जीवन चरित्र...
एन रघुरामन ने कहा कि रामायण को एक लाइन में समझना तो हो यह हमें बताती है कि जीवन किस तरह से जीएं। महाभारत को एक लाइन में समझना हो तो यह बताती है कि किस तरह से जीवन को न जीएं। राम ने अपने जीवन में सिद्धांत और नियम दोनों को अपनाया। कृष्ण ने सिद्धांत को माना लेकिन नियम नहीं अपनाए। नियमों को कई बार अपने हिसाब से तोड़ा। राम ने अपने जीवन में पराई स्त्री की परछाई को भी अपनी परछाई तक नहीं मिलने दिया। रामायण, महाभारत के हर चरित्र से कुछ सीखें।
डॉ. कलाम ने 5200 का ग्राइंडर खरीदने से किया था मना
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन का एक किस्सा सुुनाते हुए कहा कि डॉ. कलाम ने अपनी पसंद की इडली बनाने के लिए 5200 रुपये का ग्राइंडर राष्ट्रपति भवन के खर्च से खरीदने से इनकार कर दिया था। बाद में जब उनके भाई ने ग्राइडंर दिलाया तो उसका 5200 रुपये का चेक दिया। जब तक चेक क्लीयर नहीं हुुआ तब तक उस ग्राइंडर को उपयोग करना शुरू नहीं किया।
न कहना भी सीखिए....
मंच संचालक डॉ. राजपाल के एक सवाल का जवाब देते हुए एन रघुरामन ने कहा कि हम अपने बच्चों को न कहना ही भूल गए हैं। इस कारण काफी समस्या हो रही हैं। बच्चों को न कहना सीखिए। उन्होंने हर एक चीज आसानी से उपलब्ध होने पर वह संघर्ष की प्रवृति नहीं जान पाते।
इनको मिला सम्मान...
कार्यक्रम में आरपीए कॉलेज की छात्रा भारती को यूथ फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर्स, नवीन को बेस्ट एक्टर का अवार्ड हासिल करने पर सम्मानित किया गया। प्रमोद को संस्कृत नाटक का बेस्ट एक्टर का खिताब हासिल करने पर पुरस्कार दिया गया। छात्रा भूमिका को उसकी शैक्षणिक योग्यता के लिए सम्मानित किया। मुख्य अतिथि एन रघुरामन, डॉ. ओपी यादव, चेयरपर्सन पवित्रा यादव, सीईओ मनीष यादव ने इन विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया।
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शनिवार को अमर उजाला और आरपीएस के द मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह व्याख्यान दिया। यह कार्यक्रम आरपीएस कॉलेज बलाना में आयोजित हुआ। इस मौके पर एन रघुरामन ने बेहद साधारण तरीके से अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि मैं बहुुत साधारण आदमी हूं। बस एक ही खासियत है कि रोज लिखता हूं। उन्होंने कहा कि कारपोरेट की जरूरत के अनुसार मैन पावर तैयार नहीं हो रही। मानव भी एक तरह से प्रोडक्ट है। जैसा प्रोडक्ट वैसी उसकी सेलरी। उन्होंने कहा कि मानव को संवेदनशील होना चाहिए। मानवता को जीने के लिए सकारात्मक होकर जीएं। रघुरामन ने कहा कि हम देखकर अधिक सीखते हैं। मानव जीवन सबसे कीमती है इसे खुशी से जीएं। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर हुआ। आरपीएस ग्रुुप के संस्थापक चेयरमैन डॉ. ओपी यादव, चेयरपर्सन पवित्रा राव ने दीप मुख्य अतिथि का गुलदस्ते देकर स्वागत किया।
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यह पांच नियम बदलेंगे आपका जीवन...
भलाई - किसी का सहयोग , मदद इस तरह से करें कि आपके खुद के दूसरे हाथ को भी पता न लगे।
पूर्वागृह त्यागें - किसी के बारे में किसी तरह की धारणा बनाकर न जाएं।
साधारण - जीवन में जितने साधारण तरीके से रहेंगे उतने ही खुश रहेंगे।
गुस्सा न करें - गुस्सा न करें ,गुस्सा आए तो उसे उसी समय खत्म कर सामने वाले को माफ कर दें
शुद्ध आत्मा - अपनी आत्मा पर किसी तरह का मैल न रखें।
कहानियों के जरिये समझाए बिजनेस के फंडे...
लंदन में एक टैडी बियर के होलीडे मनाने की कहानी का उदाहरण देकर बताया कि किस तरह से एक नए आइडिया के बिजनेस को बढ़ा सकते हैं। एक दूसरी कहानी के जरिए बताया कि महज साढे़ तीन साल की लड़की ने 105 साल पुरानी टाइगर ब्रेड कंपनी का नाम बदलवा दिया। इस नाम बदलने से कंपनी को कई गुना मुनाफा हो गया।
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रामायण और महाभारत ग्रंथ से समझाया जीवन चरित्र...
एन रघुरामन ने कहा कि रामायण को एक लाइन में समझना तो हो यह हमें बताती है कि जीवन किस तरह से जीएं। महाभारत को एक लाइन में समझना हो तो यह बताती है कि किस तरह से जीवन को न जीएं। राम ने अपने जीवन में सिद्धांत और नियम दोनों को अपनाया। कृष्ण ने सिद्धांत को माना लेकिन नियम नहीं अपनाए। नियमों को कई बार अपने हिसाब से तोड़ा। राम ने अपने जीवन में पराई स्त्री की परछाई को भी अपनी परछाई तक नहीं मिलने दिया। रामायण, महाभारत के हर चरित्र से कुछ सीखें।
डॉ. कलाम ने 5200 का ग्राइंडर खरीदने से किया था मना
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन का एक किस्सा सुुनाते हुए कहा कि डॉ. कलाम ने अपनी पसंद की इडली बनाने के लिए 5200 रुपये का ग्राइंडर राष्ट्रपति भवन के खर्च से खरीदने से इनकार कर दिया था। बाद में जब उनके भाई ने ग्राइडंर दिलाया तो उसका 5200 रुपये का चेक दिया। जब तक चेक क्लीयर नहीं हुुआ तब तक उस ग्राइंडर को उपयोग करना शुरू नहीं किया।
न कहना भी सीखिए....
मंच संचालक डॉ. राजपाल के एक सवाल का जवाब देते हुए एन रघुरामन ने कहा कि हम अपने बच्चों को न कहना ही भूल गए हैं। इस कारण काफी समस्या हो रही हैं। बच्चों को न कहना सीखिए। उन्होंने हर एक चीज आसानी से उपलब्ध होने पर वह संघर्ष की प्रवृति नहीं जान पाते।
इनको मिला सम्मान...
कार्यक्रम में आरपीए कॉलेज की छात्रा भारती को यूथ फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर्स, नवीन को बेस्ट एक्टर का अवार्ड हासिल करने पर सम्मानित किया गया। प्रमोद को संस्कृत नाटक का बेस्ट एक्टर का खिताब हासिल करने पर पुरस्कार दिया गया। छात्रा भूमिका को उसकी शैक्षणिक योग्यता के लिए सम्मानित किया। मुख्य अतिथि एन रघुरामन, डॉ. ओपी यादव, चेयरपर्सन पवित्रा यादव, सीईओ मनीष यादव ने इन विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया।