{"_id":"66c8d0cf548207c9880ab026","slug":"seminar-conducted-regarding-inspire-manak-award-and-nmms-narnol-news-c-196-1-mgh1001-115380-2024-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: इंस्पायर मानक अवाॅर्ड व एनएमएमएस को लेकर किया सेमिनार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: इंस्पायर मानक अवाॅर्ड व एनएमएमएस को लेकर किया सेमिनार
Fri, 23 Aug 2024 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 23 Aug 2024 11:41 PM IST
विज्ञापन
नारनौल। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार शुक्रवार को निजी स्कूल में खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में इंस्पायर मानक अवाॅर्ड व एनएमएमएस को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार में खंड नारनौल के सरकारी स्कूलों के प्राचार्य व मुख्य अध्यापकों ने भाग लिया। जिला इंस्पायर अवाॅर्ड नोडल अधिकारी रविंद्र डीएसएस ने बताया कि इस योजना के तहत प्रतिवर्ष छात्रों से आविष्कारक विचार आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें चुने गए विचार को प्रोत्साहन स्वरूप 10 हजार की राशि प्रदान की जाती है। खंड इंस्पायर अवार्ड इंचार्ज धर्म सिंह ने कहा कि इस योजना में कक्षा 6 से 10 वीं तक के छात्र भाग ले सकते हैं। बच्चों को किसी यंत्र व मशीन आदि को लेकर उसमें सुधार या नया कुछ बनाने वाले विचार आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें बच्चों का विवरण, उनके विचार, चित्र व वीडियो आदि कंप्यूटर पर अपलोड किए जाते हैं। यह कार्य ऑनलाइन होता है। राष्ट्रीय स्तर पर चुने जाने पर उसे विदेश जाने का भी मौका मिलता है। डीएमएस मंगतराम ने एनएमएमएस के बारे में बताया कि इसमें नए बच्चों का नामांकन करवाएं व जिन बच्चों को पहले एनएमएमएस में चुन लिया गया है, उनका हर साल रजिस्ट्रेशन रिन्यू करें ताकि बच्चे को छात्रवृत्ति का लाभ मिलता रहे।
विज्ञापन
सेमिनार में खंड नारनौल के सरकारी स्कूलों के प्राचार्य व मुख्य अध्यापकों ने भाग लिया। जिला इंस्पायर अवाॅर्ड नोडल अधिकारी रविंद्र डीएसएस ने बताया कि इस योजना के तहत प्रतिवर्ष छात्रों से आविष्कारक विचार आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें चुने गए विचार को प्रोत्साहन स्वरूप 10 हजार की राशि प्रदान की जाती है। खंड इंस्पायर अवार्ड इंचार्ज धर्म सिंह ने कहा कि इस योजना में कक्षा 6 से 10 वीं तक के छात्र भाग ले सकते हैं। बच्चों को किसी यंत्र व मशीन आदि को लेकर उसमें सुधार या नया कुछ बनाने वाले विचार आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें बच्चों का विवरण, उनके विचार, चित्र व वीडियो आदि कंप्यूटर पर अपलोड किए जाते हैं। यह कार्य ऑनलाइन होता है। राष्ट्रीय स्तर पर चुने जाने पर उसे विदेश जाने का भी मौका मिलता है। डीएमएस मंगतराम ने एनएमएमएस के बारे में बताया कि इसमें नए बच्चों का नामांकन करवाएं व जिन बच्चों को पहले एनएमएमएस में चुन लिया गया है, उनका हर साल रजिस्ट्रेशन रिन्यू करें ताकि बच्चे को छात्रवृत्ति का लाभ मिलता रहे।
विज्ञापन