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2014 के चुनाव से 2755 वोट कम मिलने के बाद भी राव दान सिंह बने विधायक

Fri, 25 Oct 2019 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2019 12:03 AM IST
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जीत के बाद विजेता प्रत्याशी राव दान सिंह को माला पहनाकर जीत की बधाई देते हुए कार्यकर्ता - फोटो : Narnol
निर्दलीय प्रत्याशी संदीप सिंह ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को टक्कर देते हुए मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया और वह 33077 वोट लेकर रामबिलास शर्मा से लगभग 3 हजार वोट ही पीछे रहे। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामबिलास शर्मा को 83424 वोट मिले थे। इस बार उनको 36258 वोट ही मिले। 2014 विधानसभा चुनाव के मुकाबले रामबिलास शर्मा के 47166 वोट कम हो गए। कांग्रेस के राव दान सिंह ने पिछले चुनाव में 49233 वोट प्राप्त किए थे। उनको इस बार 46478 वोट मिले। पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 2755 वोट कम पाने के बाद भी राव दान सिंह महेंद्रगढ़ के विधायक बने गए।
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निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे पूर्व एसडीएम संदीप को चुनाव के शुरुआती दौर में कोई भी गंभीरता से नहीं ले रहा था। अनाज मंडी में उन्होंने रोड शो किया तो लगा कि वह कुछ वोट हासिल करने में कामयाब होंगे। नामांकन से पहले रैली कर उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तो राजनीतिक लोग उन्हें तीसरे स्थान का प्रत्याशी मानने लगे। क्षेत्र के लोग उनके वोट का आकलन 25 हजार से 30 हजार तक कर रहे थे। दरअसल पूर्व एसडीएम संदीप सिंह पिछले लगभग दो दशक से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वह एनजीओ के जरिए गरीब लोगों की मदद कर रहे हैं। जिस कारण उन्होंने निचले स्तर पर अच्छी मजबूत पकड़ बना ली है। चुनाव के समय माना जा रहा था कि संदीप सिंह ने राव दान सिंह को नुकसान पहुंचाया है। नतीजे आए तो साबित हुआ कि उन्होंने राव दान सिंह से अधिक नुकसान रामबिलास शर्मा को पहुंचाया। पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में उनके कम हुए 47166 वोटों का बहुत बड़ा हिस्सा संदीप सिंह को मिला है। बताया जाता है कि 2014 के चुनाव में भी संदीप सिंह और सुरेंद्र कौशिक चुनाव लड़ना चाहते थे। तब रामबिलास शर्मा ने उनको चुनाव न लड़ने के लिए मना लिया था।
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सुरेंद्र कौशिक और राकेश तंवर ने भी काटे वोट
रामबिलास शर्मा की हार का दूसरा कारण ब्राह्मण प्रत्याशी सुरेंद्र कौशिक भी रहे। सुरेंद्र कौशिक को 5302 वोट मिले हैं। माना जा रहा है कि सुरेंद्र कौशिक ने ब्राह्मण समाज से काफी वोट हासिल किया। जो वोट बैंक रामबिलास शर्मा को जाना था। इसके अलावा राजपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में आए राकेश तंवर ने रामबिलास शर्मा को नुकसान किया। राकेश तंवर को करीब 3435 वोट लिए। माना जा रहा है यह वोट भी रामबिलास शर्मा को आना था। यह करीब 8737 वोट उन पर भारी पड़ गया।
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