फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Records of patients reaching for treatment in private hospitals are not being matched

Mahendragarh-Narnaul News: निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों के चिरायु कार्ड का नहीं हो रहा रिकाॅर्ड का मिलान

Sat, 04 Feb 2023 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 04 Feb 2023 12:07 AM IST
विज्ञापन
Records of patients reaching for treatment in private hospitals are not being matched
नारनौल। सरकार द्वारा हाल में परिवार पहचान पत्र के आधार पर बनाए गए चिरायु कार्ड परेशानी का कारण भी बन रहे हैं। लाभार्थियों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जब निजी अस्पताल में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों के कार्ड फैच ( रिकॉर्ड मिलान) नहीं हो रहे। ऐसे में निजी अस्पताल में इलाज के लिए उन्हें मना कर रहे हैं।
विज्ञापन

इलाज के लिए मना किए जाने की शिकायत जिला स्वास्थ्य विभाग के पास आ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पताल संचालकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन मरीजों के पास चिरायु कार्ड है और उनके कार्ड फैच नहीं हो रहे हैं तो निजी अस्पताल उन मरीजों का इलाज करने से मना नहीं करेंगे। वह इसकी सूचना संबंधित जिले के चिरायु इंचार्ज को देंगे और मरीज का इलाज करेंगे। चिरायु नोडल ऑफिसर कार्यालय द्वारा संबंधित मामले में टिकट जरनेट (शिकायत नंबर) जारी किया जाएगा और उसका 24 से 48 घंटे में समाधान करवाया जाएगा। जहां तक इलाज के बाद बिलों की बात आएगी तो उसके लिए संबंधित अस्पताल जहां मरीज का इलाज किया गया है, वह लेट बिल भी जरनेट कर सकेगा। इसका कारण संबंधित अस्पताल द्वारा आनलाइन करते समय दिया जाएगा। ऐसे में उसकी पेमेंट आसानी से हो जाएगी। फिलहाल इलाज के 24 घंटे के अंदर ही संबंधित अस्पतालों को अपना बिल आनलाइन पोर्टल पर जरनेट करना पड़ता है।
विज्ञापन

हाल ही में रेवाड़ी में इलाज कराने गए महेंद्रगढ़ के एक मरीज के साथ यह मामला सामने आया था। इससे पहले भी कुछ केसों में ऐसी समस्याएं सामने आई थी। सभी मामलों में मरीज द्वारा दूसरे जिलों में स्पेशलिस्ट अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचे थे, जहां पर उनका चिरायु कार्ड फैच नहीं हुआ और निजी अस्पतालों द्वारा इलाज करने से मना किया गया। उसकी शिकायत मरीज द्वारा शिकायत करने पर उसकी टिकट जरनेट की गई और संबंधित अस्पतालों को इलाज के निर्देश दिए गए। जिले में 26 अस्पताल पैनल पर है। इसमें 17 प्राइवेट और 9 सरकारी अस्पताल शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब तक 2.75 लाख लोगों के बने आयुष्मान कार्ड
जिले में कुल 4 लाख 5 हजार 293 लाभार्थियों के चिरायु कार्ड बनने हैं जिसमें एक लाख 13 हजार 685 कार्ड 2011 की जनगणना के अनुसार एकत्रित डाटा के अनुसार बन चुके हैं। परिवार पहचान पत्र के जरिये 2 लाख 91 हजार 608 लोगों के नाम शामिल किए गए थे जिसमें से अब तक 2 लाख 7 हजार 201 लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। जिले में अब तक 71.05 प्रतिशत लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं।


चिरायु कार्ड फैच नहीं होने के मामले सामने आए थे। संबंधित मरीजों की शिकायत भेजकर उसका समाधान कराया गया है और मरीज का इलाज भी हुआ है। जिन मरीजों के पास चिरायु कार्ड है, लेकिन तकनीकी दिक्कत की वजह से वह फैच नहीं कर पाते हैं तो निजी अस्पताल मरीज को इलाज से इंकार नहीं कर सकते। वह उसका इलाज करे और कार्ड फैच होने पर बिल सबमिट करे। वह बिल भी पास होगा।
-उमेश सैनी, जिला प्रबंधक, चिरायु योजना, नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed