जिले में नहीं खुले स्क्ूल, बाजार रहे वीरान
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प्रदेश में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और आगजनी के विरोध में सोमवार को पूरा महेंद्रगढ़ जिला बंद रहा। हरियाणा व्यापार मंडल और अन्य संगठनों के आह्वान पर इस बंद को कई यूनियनों का भी समर्थन मिला। बंद के कारण जिले के शहरों में रेहड़ी, खोमचे वाले भी नजर नहीं आए। वहीं लोग पूरे दिन एक कप चाप के लिए भी भटकते देखे गए। बंद में आईएमए ने भी अपनी भूमिका अदा की। इससे जिले में निजी अस्पताल और मेडिकल स्टोर भी नहीं खुले। अनेक निजी स्कूलों ने भी अपने संस्थानों को बंद रखा। सुबह से शाम तक शहर में एक भी दुकान नहीं खुली। बंद के दौरान नारनौल में व्यापारियों और अन्य संगठनों के लोगों ने शहर में प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। जिले के दो बड़े शहरों नारनौल और महेंद्रगढ़ के अलावा अटेली, नांगल चौधरी, कनीना और सतनाली में भी बंद का असर देखने को मिला। निजामपुर में बंद का असर कम दिखा।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश के रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद समेत कई जगह उपद्रवियों ने हिंसा, तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। जिसके कारण व्यापारियों व आम लोगों को भारी नुकसान हुआ था। इससे कई व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया। जिसके बाद से प्रदेश भर के व्यापारियों में रोष है। इसी को लेकर हरियाणा व्यापार मंडल ने सोमवार को जिला बंद रखने का आह्वान किया था। जिसको अनेक यूनियनों ने पूरा साथ दिया। यूनियनों के साथ आ जाने से सोमवार को पूरे जिले में बंद का व्यापक असर देखा गया।
व्यापारियों ने किया शहर में प्रदर्शन, दिया ज्ञापन
हरियाणा व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंगलाल अग्रवाल के नेतृत्व में सोमवार को व्यापारियों ने प्रदेश में हुई हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया और दंगाइयों को फांसी की सजा दिए जाने, उनकी संपत्ति को कुर्क करने, व्यापारियों को शीघ्र मुआवजा दिए जाने जैसी अनेक मांगे प्रदेश सरकार के सामने रखी। व्यापारी एतिहासिक आजाद चौक पर एकत्र हुए थे। जहां से वे एक जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक पहुंचे, यहां पर थोड़ी देर रुकने के बाद व्यापारी लघु सचिवालय गए। जहां पर उन्होंने सीएम के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
इन यूनियनों ने रखा बंद
इस अवसर पर अनाज मंडी, सब्जी मंडी एसोसिएशन, किराना यूनियन, कपड़ा यूनियन, पंसारी यूनियन, रेडीमेड यूनियन, जनरल स्टोर यूनियन, बाबर यूनियन, धोबी यूनियन, सर्राफा यूनियन, मिस्त्री यूनियन, टेलर यूनियन, जूता विक्रेता संघ, चक्की यूनियन, टेंट यूनियन, हलवाई यूनियन, बीज यूनियन, पुस्तक यूनियन, रेलवे रोड यूनियन, लखेरा यूनियन, मजदूर सभा संघ के अलावा शहर सुधार संघ, अग्रवाल सभा, पंजाबी सभा आदि सभी ट्रेड और सामाजिक संस्थाओं के प्रधान व कार्यकारिणी ने विरोध में सम्पूर्ण रूप से बंद में अपना पूर्ण सहयोग दिया।
इन लोगों ने दिया समर्थन, लिया जुलूस में भाग
इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष गोबिंदराम मित्तल, हरियाणा व्यापार मंडल के जिला उपप्रधान सीताराम सर्राफ, राजेश गुप्ता, बजरंगलाल गुप्ता नई मंडी, जिला महासचिव संदीप नूनीवाला, बेगराज गोयल, जिला प्रवक्ता बद्रीप्रसाद गर्ग, उपप्रधान सुरेश चौधरी, शहरी अध्यक्ष सुदर्शन बंसल, तेजप्रकाश यादव, रघुबीर सैनी, नरेश डेरोलिया, रामसिंह सैनी, बारबर यूनियन के प्रधान विनोद सैन, रणजीत सैन, गंगाराम सैनी, हरिराम सैनी, लेखराज अग्रवाल, विजय गुप्ता, भूषण पिपलानी, श्रीकृष्ण अग्रवाल, विजय छापड़ा वाले, नगर पार्षद दयानंद सोनी, पूर्व पार्षद भगवानदास भगतजी, पूर्व पार्षद कैलाश सोनी, सैनी सभा के प्रधान जयप्रकाश सैनी, संदीप शांडीलय, जेपी सैनी, बहावलपुर पंजाबी सभा के प्रधान शंकर लाल धमीजा, पंजाबी वेलफेयर सभा के प्रधान परमानंद दीवान, बालकिशन सचदेवा, राजेंद्र अरोड़ा, जगदीश किंगर, सिंह सभा गुरुद्वारा के सचिव सरदार सुरजीत सिंह अरोड़ा, पुस्तक विक्रेता संगठन के प्रधान नरेश गोगिया, सरदार बलदेवसिंह चहल, सरदार जोधासिंह, सरदार बलबीरसिंह, जांगिड़ सभा के प्रधान शिवचंद्र जांगड़ा, विकलांग उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सिंह, आर्य समाज के प्रधान ओमप्रकाश पुल्यानी, वतन बचाओ मंच के प्रधान उमाकांत छक्कड़ व उनके सभी साथी, ब्राह्मण सभा के उपाध्यक्ष खेमचंद शर्मा, सर्राफा यूनियन के प्रधान श्रीराम सर्राफ, सुरेश जांगड़ा, शिवसेना प्रधान विपिन आर्य, अमित फौजदार, पप्पी छक्कड़, प्रीतम वशिष्ठ, मानसिंह सोनी, दीपक बोहरा, सुरेश संघी, तुलसीराम गोयल, नरेंद्र सोनी, रामचंद्र सैनी, अशोक शर्मा, मदनलाल गोगिया, उजालासिंह गोगिया, ओमप्रकाश गुप्ता, अनिल सैनी, परशुराम, पुरुषोत्तम आर्य, मुकेश शर्मा व नरेंद्र सोनी सहित अनेक लोग थे।
निजी चिकित्सकों और प्राइवेट स्कूलों ने भी दिया साथ
बंद के चलते शहर के अनेक प्राइवेट स्कूल बंद रहे। वहीं आईएमए के तहत आने वाले निजी चिकित्सकों ने भी बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया। आईएमए के जिला सचिव डा. ओमप्रकाश यादव ने बताया कि सोमवार को किसी भी निजी चिकित्सक ने अस्पताल नहीं खोले। वहीं दवाईयों की दुकानें भी बंद रही।