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एंबुलेंस न मिलने से जच्चा की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, नारनौल
Updated Sun, 26 Oct 2014 12:08 AM IST
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डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने पर सामान्य अस्पताल से हायर सेंटर रेफर करने के बाद समय से एंबुलेंस न मिलने से हुई देरी के कारण जच्चा की मौत हो गई। एक घंटे की देरी से नवजात की हालत भी गंभीर हो गई, उसका इलाज जयपुर में चल रहा है। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने मृतका का पोस्टमार्टम तक नहीं करवाया। इस मामले में सीएमओ ने रेफरल विभाग से दो दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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गांव बेवल निवासी बबली (21) पत्नी सतीश कुमार की डिलीवरी होनी थी। परिजनों ने 24 अक्तूबर की सुबह 5.40 बजे उसे सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया। रात 9.14 बजे बबली ने लड़के को जन्म दिया। जन्म के 3 मिनट बाद भी जब नवजात नहीं रोया तो चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया। स्थिति देख चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। सामान्य अस्पताल में ही बने एंबुलेंस कंट्रोल रूम की ओर से गाड़ी नवजात बच्चे को लेकर रात 10.43 मिनट पर जयपुर रवाना हुई।
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इसी बीच सामान्य अस्पताल में जच्चा (बबली) की तबीयत भी खराब हो गई। परिजनों के मुताबिक नर्स ने बबली का बीपी चेक किया तो बड़ा हुआ था। दवा देने पर बीपी कंट्रोल में आ गया। इसके बावजूद बबली ने बेचैनी की शिकायत की। उसे अपने आपको बेड पर शिफ्ट करने का नर्स से आग्रह किया। नर्स ने थोड़ी देर बाद उसे बेड पर शिफ्ट कर दिया। बेड पर लेटने के कुछ पल बाद ही बबली लंबी-लंबी सांस लेने लगी। चिकित्सकों ने उसे भी रात 12 बजे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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एक घंटे बाद मिली एंबुलेंस
रेफर के कागजात तैयार होने के बाद परिजन एंबुलेंस कंट्रोल रूम पहुंचे और एंबुलेंस गाड़ी की मांग की। ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर ने गाड़ी नहीं होने की बात कही। हालांकि चिकित्सकों ने भी अपने स्तर पर एंबुलेंस उपलब्ध करवाने का प्रयास किया। इसके बावजूद काम नहीं बना। रात में कार्यकारी सीएमओ डा. अशोक कुमार को मामले की जानकारी दी। उनके हस्तक्षेप कर एंबुलेंस भिजवाई गई।
रास्ते में ही मौत, नहीं हुआ पोस्टमार्टम
करीब एक घंटे लेट एंबुलेंस में सवार होकर परिजन बबली को नजदीकी बहरोड़ स्थित कैलाश अस्पताल में लेकर गए। किंतु अस्पताल पहुंचने से पहले ही बबली की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की और बिना पोस्टमार्टम करवाए ही मृतका को अपने साथ परिजन घर ले गए।
दो दिन के अंदर मांगा स्पष्टीकरण
कार्यकारी सीएमओ डा. अशोक कुमार ने शनिवार पत्र क्रमांक 3011 जारी किया है। पत्र में रेफरल विभाग से पूछा गया है कि इस मामले में लेटलतीफी क्यों हुई, इसका कारण दो दिन के अंदर दें, ताकि दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
ऑपरेटर समेत चालक को नोटिस
कार्यकारी सीएमओ की ओर से रेफरल विभाग को मिले पत्र के बाद इस विभाग की इंचार्ज डा. ज्योति खन्ना ने भी पत्र क्रमांक 209-315 जारी कर कहा है कि ऑपरेटर कृष्ण कुमार, चालक मोहनलाल, नोबतराय, दिलबाग, संदीप कुमार और प्रवेश कुमार को नोटिस जारी किया गया है। ड्यूटी पर तैनात इन सभी से एक दिन में जवाब मांगा है।