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अपना हुआ खराब, किराए का भी रूठा
bureau
Updated Sun, 14 May 2017 12:25 AM IST
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नारनौल। नागरिक अस्पताल में अब लाइट गई तो अस्पताल में लगे पंखे, कूलर व एसी कुछ भी नहीं चलेगा। ऐसा शनिवार से हो गया है।
इसके पीछे मुख्य कारण अस्पताल में आठ लाख की लागत से लगे जनरेटर सेट का खराब हो जाना है। हालांकि सेट के खराब होने के बाद किराये पर जनरेटर लेकर अस्पताल प्रशासन काम चला रहा था,
मगर गर्मी के मौसम में लोड ज्यादा होने पर जनरेटर मालिक ने अस्पताल से कूलर, पंखों व एसी का लोड बंद कर दिया। जिसके बाद शनिवार से यह परेशानी अस्पताल में शुरू हो गई। इससे जिला अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों को बिना कूलर, पंखे रहना पड़ेगा। वहीं एसी नहीं चलने के कारण कई मशीनें भी काम करना छोड़ देंगी। जिससे मरीजों को ज्यादा परेशानी होगी।
वैसे तो जिला अस्पताल पहले हाट लाइन से जुड़ा हुआ था, मगर अब इसको हाट लाइन से हटा दिया गया है। इसके बाद नागरिक अस्पताल में बिजली गुल होने पर आठ लाख रुपये की लागत से जनरेटर सेट स्वास्थ्य विभाग ने 2003 में रखवाया। इस जनरेटर सेट की क्षमता सवा सौ किलोवाट है। जो लाइट जाने पर अस्पताल का पूरा भार उठा लेता है, मगर यह जनरेटर तीन माह से खराब पड़ा है। जिसको ठीक कराने में विभाग कोई रुचि नहीं ले रहा। वहीं नया जनरेटर सेट भी नहीं मंगा रहा।
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- जनरेटर खराब हुआ को किराये का किया हायर
जनरेटर सेट खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग ने नए जनरेटर के बारे में उच्चाधिकारियों को लिखने की बजाय 2750 रुपये रोजाना के किराये पर एक टेंट हाउस से 100 किलोवाट का जनरेटर हायर कर लिया। यह जनरेटर सेट तीन माह से टेंट मालिक ने नागरिक अस्पताल में लगाया हुआ है।
- गर्मी में लोड ज्यादा हुआ तो मालिक ने सेट हटाने को कहा
अब गर्मी के मौसम में एसी व कूलर अस्पताल में चल गए। जिसके कारण लाइट जाने पर जनरेटर सेट लोड उठाने में फेल होने लगा। इससे सेट में खराबी आने लगी। जनरेटर सेट में खराबी आने पर मालिक ने अस्पताल प्रशासन से इसको यहां से हटाने की बात कही। मगर शहर में 100 किलोवाट का जनरेटर सेट अन्य किसी के पास नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सेट वहीं रखे रखने का अनुरोध किया।
- मालिक ने लोड कम करने के लिए हटा दिए कई कनेक्शन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुरोध के बाद जनरेटर मालिक ने शर्तों के आधार पर वहां पर जनरेटर रखने को कहा। जिसके बाद अस्पताल में लगे कूलर, पंखे व एसी की सप्लाई कट कर दी गई। इससे अब अस्पताल में बिजली गुल होते ही कूलर, पंखे व एसी नहीं चल पाएंगे। इससे मरीजों को काफी परेशानी होगी।
- एसी बंद होने से नहीं चली मशीन, सर्वर ठप
अस्पताल में जनरेटर से जुड़े एसी बंद होने के बाद गर्मी की वजह से कई मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। इससे अस्पताल में सर्वर डाउन हो गया तथा सुबह मरीजों को पर्ची काटने में काफी परेशानी हुई। बाद में लाइट आने के बाद ही पर्ची काटी गई। इसके बाद ही चिकित्सकों ने मरीजों को देखा।
- इन सेवाओं में चलती रहेगी बिजली
कई लोड हटाने के बाद अब केवल गायनी वार्ड, ओटी, अल्ट्रासाउंड व लैब के लिए बिजली चलती रहेगी, ताकि यहां पर सुचारु रूप से काम हो सके।
अस्पताल में सुबह किसी मरीज को दिखाने गया था, मगर वहां लाइट जाते ही सर्वर डाउन हो गया। इससे पर्ची नहीं कटी। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। - प्रवीन कुमार
अस्पताल में बिजली गुल होने पर पंखे आदि बंद हो जाते हैं। इससे मरीजों लोगों को काफी परेशानी होती है। अस्पताल प्रशासन को इसकी समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। - प्रवीण छाबड़ा
अस्पताल में बिजली आदि की सही व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वहां आने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो। अस्पताल को हाट लाइन से जोड़ा जाना चाहिए।- बबलू शर्मा
मरीजों की समस्या को देखते हुए जनरेटर खराब होने की सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं जरूरी लाइटों को भी चलाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
- राजेश कुमार, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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इसके पीछे मुख्य कारण अस्पताल में आठ लाख की लागत से लगे जनरेटर सेट का खराब हो जाना है। हालांकि सेट के खराब होने के बाद किराये पर जनरेटर लेकर अस्पताल प्रशासन काम चला रहा था,
मगर गर्मी के मौसम में लोड ज्यादा होने पर जनरेटर मालिक ने अस्पताल से कूलर, पंखों व एसी का लोड बंद कर दिया। जिसके बाद शनिवार से यह परेशानी अस्पताल में शुरू हो गई। इससे जिला अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों को बिना कूलर, पंखे रहना पड़ेगा। वहीं एसी नहीं चलने के कारण कई मशीनें भी काम करना छोड़ देंगी। जिससे मरीजों को ज्यादा परेशानी होगी।
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वैसे तो जिला अस्पताल पहले हाट लाइन से जुड़ा हुआ था, मगर अब इसको हाट लाइन से हटा दिया गया है। इसके बाद नागरिक अस्पताल में बिजली गुल होने पर आठ लाख रुपये की लागत से जनरेटर सेट स्वास्थ्य विभाग ने 2003 में रखवाया। इस जनरेटर सेट की क्षमता सवा सौ किलोवाट है। जो लाइट जाने पर अस्पताल का पूरा भार उठा लेता है, मगर यह जनरेटर तीन माह से खराब पड़ा है। जिसको ठीक कराने में विभाग कोई रुचि नहीं ले रहा। वहीं नया जनरेटर सेट भी नहीं मंगा रहा।
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- जनरेटर खराब हुआ को किराये का किया हायर
जनरेटर सेट खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग ने नए जनरेटर के बारे में उच्चाधिकारियों को लिखने की बजाय 2750 रुपये रोजाना के किराये पर एक टेंट हाउस से 100 किलोवाट का जनरेटर हायर कर लिया। यह जनरेटर सेट तीन माह से टेंट मालिक ने नागरिक अस्पताल में लगाया हुआ है।
- गर्मी में लोड ज्यादा हुआ तो मालिक ने सेट हटाने को कहा
अब गर्मी के मौसम में एसी व कूलर अस्पताल में चल गए। जिसके कारण लाइट जाने पर जनरेटर सेट लोड उठाने में फेल होने लगा। इससे सेट में खराबी आने लगी। जनरेटर सेट में खराबी आने पर मालिक ने अस्पताल प्रशासन से इसको यहां से हटाने की बात कही। मगर शहर में 100 किलोवाट का जनरेटर सेट अन्य किसी के पास नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सेट वहीं रखे रखने का अनुरोध किया।
- मालिक ने लोड कम करने के लिए हटा दिए कई कनेक्शन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुरोध के बाद जनरेटर मालिक ने शर्तों के आधार पर वहां पर जनरेटर रखने को कहा। जिसके बाद अस्पताल में लगे कूलर, पंखे व एसी की सप्लाई कट कर दी गई। इससे अब अस्पताल में बिजली गुल होते ही कूलर, पंखे व एसी नहीं चल पाएंगे। इससे मरीजों को काफी परेशानी होगी।
- एसी बंद होने से नहीं चली मशीन, सर्वर ठप
अस्पताल में जनरेटर से जुड़े एसी बंद होने के बाद गर्मी की वजह से कई मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। इससे अस्पताल में सर्वर डाउन हो गया तथा सुबह मरीजों को पर्ची काटने में काफी परेशानी हुई। बाद में लाइट आने के बाद ही पर्ची काटी गई। इसके बाद ही चिकित्सकों ने मरीजों को देखा।
- इन सेवाओं में चलती रहेगी बिजली
कई लोड हटाने के बाद अब केवल गायनी वार्ड, ओटी, अल्ट्रासाउंड व लैब के लिए बिजली चलती रहेगी, ताकि यहां पर सुचारु रूप से काम हो सके।
अस्पताल में सुबह किसी मरीज को दिखाने गया था, मगर वहां लाइट जाते ही सर्वर डाउन हो गया। इससे पर्ची नहीं कटी। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। - प्रवीन कुमार
अस्पताल में बिजली गुल होने पर पंखे आदि बंद हो जाते हैं। इससे मरीजों लोगों को काफी परेशानी होती है। अस्पताल प्रशासन को इसकी समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। - प्रवीण छाबड़ा
अस्पताल में बिजली आदि की सही व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वहां आने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो। अस्पताल को हाट लाइन से जोड़ा जाना चाहिए।- बबलू शर्मा
मरीजों की समस्या को देखते हुए जनरेटर खराब होने की सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं जरूरी लाइटों को भी चलाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
- राजेश कुमार, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।