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कसा शिकंजा, 10 वाशिंग प्लांट गिराए
महेंद्रगढ़ / नारनौल
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:06 AM IST
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खनन विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध खनन पर सख्ती दिखाते हुए शुक्रवार अल सुबह कृष्णावती नदी में कार्रवाई करते हुए 10 अवैध बजरी वाशिंग प्लांट गिराए। टास्क फोर्स में शामिल अधिकारियों ने बताया कि आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।क्षेत्र के शहबाजपुर, ढाणी जाजमा, दोस्तपुर, नोलायजा नदी में 8-9 साल पहले पौधे लगाए थे। सिंचाई और रखवाली पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद पौधे अब पेड़ बन चुके हैं।
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जंगलात में अवैध कटाई और खनन पर अदालती रोक लगी है। इसके बावजूद यहां पर अवैध रूप से खनन हो रहा है। खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए उपायुक्त ने टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई के निर्देश दे रखे हैं। टास्क फोर्स चार बार वाशिंग प्लांट और क्रशर पर तोड़फोड़ कर चुकी है। इसके बावजूद खनन माफिया ने 15 दिन में ही प्लांटों की रिपेयर करवा काम शुरू कर दिया। इसकी शिकायत लगातार मिल रही थी। शुक्रवार को पांचवीं बार फिर 10 के करीब वाशिंग प्लांटों को तोड़ा है। इस बार प्रशासन ने दोबारा काम न शुरू हो इसके लिए सामान जब्त कर लिया है।
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हर दिन 300 पेड़ों की बलि
कृष्णावती नदी में रात को बजरी खनन होता है। इसे पानी से धोकर गुड़गांव और अन्य शहरों में महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता है। एक अनुमान के अनुसार खनन के दौरान माफिया रोजाना 300 से अधिक पेड़ों की बलि चढ़ा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सबूत मिटाने के लिए इन पेड़ों को खनन माफिया डंपर और ट्रैक्टरों में भरकर आरा मशीनों पर बेच देते हैं। टास्क फोर्स ने 25 सितंबर को कृष्णावती नदी में दबिश दी थी और करीब 10 प्लांटों को तोड़ दिया था। खनन माफिया ने पांच दिन बाद दोबारा निर्माण करवा लिया। इसके बाद 3 और 9 अक्तूबर को फिर से कार्रवाई की गई।
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रात को कार्रवाई से अंकुश संभव
ग्रामीण बिरजू, अमीचंद, देशराज, रोहताश और राजबीर ने बताया कि 4-5 दिन सख्त कार्रवाई के उपरांत टास्क फोर्स ढीली पड़ जाएगी। इतने में संचालक दोबारा रिपेयर करवाकर खनन शुरू कर देते हैं। रात को खनन कर बजरी का स्टॉक कर लेते हैं। फिर आराम से वाशिंग कर डपंर लोड कर दिए जाते हैं। रात को कार्रवाई होने पर जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर कृष्णावती नदी में खनन करते मिलेंगे। इनके खिलाफ केस करने पर अंकुश संभव होगा।
ले रखी है कोर्ट से स्टे
तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि एक संचालक ने प्लांट और मशीनों की सुरक्षा के लिए कोर्ट से यथास्थिति के आदेश ले रखे हैं। इसके मुताबिक प्लांट पर जिला प्रशासन तोड़फोड़ कार्रवाई नहीं करेगा, लेकिन संचालक को प्लांट बंद रखना होगा। सूत्रों के अनुसार उक्त संचालक ही सबसे पहले खनन शुरू करता है। इसकी देखादेखी अन्य संचालक भी अवैध खनन करने लगते हैं। लगातार कार्रवाई के बाद एक संचालक ने हरियाणा की सीमा में बार्डर पर प्लांट स्थापित कर लिया और नदी में अवैध खनन कर रहा है। कार्रवाई के दौरान राजस्थान में दर्शाकर प्लांट बचा लेता है।