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जाल और जांटी जैसे पौधे शुष्क क्षेत्रों के लिए वरदान : प्राचार्य
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फोटो संख्या:74- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाली में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित विद्या
- फोटो : संवाद
महेंद्रगढ़। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाली में खेजड़ी (जांटी) बचाओ जन चेतना यात्रा आयोजित हुई। प्राचार्य ओमप्रकाश यादव ने कहा कि कहा कि आज से 30-40 साल पहले दक्षिण हरियाणा के शुष्क क्षेत्रों में जाल, बड़बेरी, रुहीड़ा व जांटी आदि के कई पेड़ होते थे। ये पेड़ शुष्क क्षेत्रों में जहां जीवन यापन में वरदान थे।
वहीं फसल और पर्यावरण संरक्षण और पानी की बचत में सहायक थे लेकिन धीरे-धीरे इन प्रजातियों के पेड़ खत्म हो गए। इनके स्थान पर बनावटी और सजावटी पौधे आ गए। उन्होंने कहा कि हमें पुरानी प्रजाति के पौधों को दोबारा से लगाकर इनका पालन-पोषण करना होगा।
सरकार भी इस ओर सकारात्मक कदम उठा रही है। 75 वर्ष की आयु के पेडों के रख रखाव के लिए पेंशन शुरू की है। इसी तर्ज पर हरियाणा सरकार ने खेतों में खड़ी जांटी के प्रत्येक पेड़ों के रख रखाव के लिए 500 रुपए देने की घोषणा की है।
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कमल सिंह यादव ने बताया कि अब प्रयास है कि यदि कोई विद्यार्थी 10 स्थानीय पौधे खेजड़ी आदि लगाता है तो उसे एनसीसी में 5 अंक अतिरिक्त दिए जाएंगे। सुजान मालड़ा ने बताया कि खेजड़ी (जांटी) बचाओ जन चेतना यात्रा 18 नवंबर को भिवानी जिले के झूप्पा से शुरू हुई थी व 14 जनवरी तक पांच जिलों के लगभग 120-125 गांवों में नुक्कड़ सभा करके स्कूलों में जाकर, ग्राम पंचायत में व सभाओं के माध्यम से कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक करेगी।
जिसका समापन रेवाड़ी जिले के नांगलमूंदी गांव में होगा। यह जन चेतना यात्रा भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर जिलों में होने के बाद महेंद्रगढ़ जिले में चल रही है। इस यात्रा का सहयोग वन विभाग हरियाणा के अधिकारी और कर्मचारी कर रहे है।
कार्यक्रम के अंत में कर्मचारी नेता सुजान मालड़ा ने जन चेतना यात्रा टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया। इस मौके पर वन दरोगा मनोज कुमार, नरेंद्र, अनूप सिंह, वन रक्षक सज्जन सिंह, कृष्ण कुमार, समाजसेवी अनिल शर्मा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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वहीं फसल और पर्यावरण संरक्षण और पानी की बचत में सहायक थे लेकिन धीरे-धीरे इन प्रजातियों के पेड़ खत्म हो गए। इनके स्थान पर बनावटी और सजावटी पौधे आ गए। उन्होंने कहा कि हमें पुरानी प्रजाति के पौधों को दोबारा से लगाकर इनका पालन-पोषण करना होगा।
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सरकार भी इस ओर सकारात्मक कदम उठा रही है। 75 वर्ष की आयु के पेडों के रख रखाव के लिए पेंशन शुरू की है। इसी तर्ज पर हरियाणा सरकार ने खेतों में खड़ी जांटी के प्रत्येक पेड़ों के रख रखाव के लिए 500 रुपए देने की घोषणा की है।
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कमल सिंह यादव ने बताया कि अब प्रयास है कि यदि कोई विद्यार्थी 10 स्थानीय पौधे खेजड़ी आदि लगाता है तो उसे एनसीसी में 5 अंक अतिरिक्त दिए जाएंगे। सुजान मालड़ा ने बताया कि खेजड़ी (जांटी) बचाओ जन चेतना यात्रा 18 नवंबर को भिवानी जिले के झूप्पा से शुरू हुई थी व 14 जनवरी तक पांच जिलों के लगभग 120-125 गांवों में नुक्कड़ सभा करके स्कूलों में जाकर, ग्राम पंचायत में व सभाओं के माध्यम से कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक करेगी।
जिसका समापन रेवाड़ी जिले के नांगलमूंदी गांव में होगा। यह जन चेतना यात्रा भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर जिलों में होने के बाद महेंद्रगढ़ जिले में चल रही है। इस यात्रा का सहयोग वन विभाग हरियाणा के अधिकारी और कर्मचारी कर रहे है।
कार्यक्रम के अंत में कर्मचारी नेता सुजान मालड़ा ने जन चेतना यात्रा टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया। इस मौके पर वन दरोगा मनोज कुमार, नरेंद्र, अनूप सिंह, वन रक्षक सज्जन सिंह, कृष्ण कुमार, समाजसेवी अनिल शर्मा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।