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Mahendragarh-Narnaul News: बायल पीएचसी में चार साल से नहीं फार्मासिस्ट, एलएचवी और सफाई कर्मचारी
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पीएचसी बायल। संवाद
- फोटो : Narnol
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जिले के अंतिम छोर गांव बायल राजस्थान बॉर्डर पर बनी पीएचसी सुविधा के अभाव में रेफरल सेंटर बना हुआ है। जिस कारण गुर्जरवाटी के 20 गांवों के लोगों को इलाज के लिए नारनौल या फिर किसी निजी अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ता है। पीएचसी में एलएचवी व फार्मास्टि सहित सफाई कर्मचारी का चार वर्ष से पद खाली पड़ा हुआ है। जबकि बायल पीएचसी में प्रतिदिन 80 के करीब ओपीडी रहती है। गांव में जनसंख्या कम होने की वजह से प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर इतनी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दी गई। मगर अब गांवों की आबादी काफी बढ़ गई है। बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां पर लैब, एक्स-रे मशीन, एंबुलेंस की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग व सरकार से उक्त सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है। संवाद
सुविधाओं के अभाव में लोगों को जाना पड़ता है नारनौल
बायल पीएचसी के नीचे तीन सेंटर बने हुए है। जिनके नीचे तीन-तीन गांवों को जोड़ा गया है। नांगल दर्गू, गोलवा व गावड़ी जाट पीएचसी बायल के सब सेंटर हैं, जिसके तहत आने वाले गांव बायल, रावता की ढाणी, गोलवा, गंगूताना, नांगल दर्गू, बखरीजा, मूसनोता, पांचनोता, गांवडी जाट व नया गांव की आबादी 27 हजार के करीब है। पीएचसी बायल में राजस्थान बॉर्डर के साथ लगने वाले गांवों के लोग भी अपना इलाज करवाते हैं, मगर पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण गुर्जरवाटी के लोगों को मजबूरन 30 किलोमीटर दूर नारनौल जाना पड़ता है।
48 वर्ष पहले हुआ था प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन
गांव बायल के सेठ छोटेलाल ने भवन बनाकर सरकार को धमार्थ में दिया था। वहीं प्रदेश सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री रामशरण चंद मित्तल ने 7 अक्तूबर 1973 में पीएचसी का उद्घाटन कर जनता के सुपुर्द किया था। ताकि लोगों को सस्ता व समय पर इलाज मिल सके, लेकिन प्रदेश सरकार पीएचसी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिसके कारण लोगों को नारनौल जाना पड़ता है। जिससे समय व पैसों की दोगुनी मार पड़ती है। बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां पर लैब, एक्सरे मशीन, एंबुलेंस की सुविधा बढ़ानी चाहिए।
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पीएचसी में फार्मासिस्ट व एलएचवी की पोस्ट समेत सफाईकर्मी की पोस्ट खाली है। खाली पोस्ट के बारे में कई बार उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। उनके पास जो सुविधाएं हैं, उनसे ही मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. योगेश मेडिकल ऑफिसर पीएचसी बायल।
बायल पीएचसी में स्टाफ समेत कई प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी। मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य व शिक्षा के कार्य को प्राथमिकता से हल करवाने का काम किया जाएगा। लोगों को स्वास्थ्य सेवा सरल व सुविधाजनक मिले इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर पीएचसी में स्टाफ समेत अन्य कमियों को पूरा करवाने की मांग की जाएगी। -श्याम चंदेला जिला पार्षद वार्ड नंबर 18।
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सुविधाओं के अभाव में लोगों को जाना पड़ता है नारनौल
बायल पीएचसी के नीचे तीन सेंटर बने हुए है। जिनके नीचे तीन-तीन गांवों को जोड़ा गया है। नांगल दर्गू, गोलवा व गावड़ी जाट पीएचसी बायल के सब सेंटर हैं, जिसके तहत आने वाले गांव बायल, रावता की ढाणी, गोलवा, गंगूताना, नांगल दर्गू, बखरीजा, मूसनोता, पांचनोता, गांवडी जाट व नया गांव की आबादी 27 हजार के करीब है। पीएचसी बायल में राजस्थान बॉर्डर के साथ लगने वाले गांवों के लोग भी अपना इलाज करवाते हैं, मगर पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण गुर्जरवाटी के लोगों को मजबूरन 30 किलोमीटर दूर नारनौल जाना पड़ता है।
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48 वर्ष पहले हुआ था प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन
गांव बायल के सेठ छोटेलाल ने भवन बनाकर सरकार को धमार्थ में दिया था। वहीं प्रदेश सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री रामशरण चंद मित्तल ने 7 अक्तूबर 1973 में पीएचसी का उद्घाटन कर जनता के सुपुर्द किया था। ताकि लोगों को सस्ता व समय पर इलाज मिल सके, लेकिन प्रदेश सरकार पीएचसी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिसके कारण लोगों को नारनौल जाना पड़ता है। जिससे समय व पैसों की दोगुनी मार पड़ती है। बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां पर लैब, एक्सरे मशीन, एंबुलेंस की सुविधा बढ़ानी चाहिए।
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पीएचसी में फार्मासिस्ट व एलएचवी की पोस्ट समेत सफाईकर्मी की पोस्ट खाली है। खाली पोस्ट के बारे में कई बार उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। उनके पास जो सुविधाएं हैं, उनसे ही मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. योगेश मेडिकल ऑफिसर पीएचसी बायल।
बायल पीएचसी में स्टाफ समेत कई प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी। मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य व शिक्षा के कार्य को प्राथमिकता से हल करवाने का काम किया जाएगा। लोगों को स्वास्थ्य सेवा सरल व सुविधाजनक मिले इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर पीएचसी में स्टाफ समेत अन्य कमियों को पूरा करवाने की मांग की जाएगी। -श्याम चंदेला जिला पार्षद वार्ड नंबर 18।