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Central University Haryana: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीजीडीआरपी को मिली भारतीय पुनर्वास परिषद की मंजूरी
Wed, 27 Oct 2021 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, महेंद्रगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, महेंद्रगढ़
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 11:12 PM IST
सार
महेंद्रगढ़ के हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में अब पीजीडीआरपी (पुनर्वास मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा) पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई विद्यार्थी कर सकेंगे। अच्छी बात है कि रिहेबिलेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) नई दिल्ली द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहेबिलिटेशन साइकोलॉजी (पीजीडीआरपी) पाठ्यक्रम चलाने की मंजूरी दे दी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मनोविज्ञान के क्षेत्र में भविष्य निर्माण की चाह रखने वाले युवाओं के लिए महेंद्रगढ़ के हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में अब पीजीडीआरपी (पुनर्वास मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा) पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई भी होगी। विश्वविद्यालय की मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान पीठ के अंतर्गत मनोविज्ञान विभाग को रिहेबिलेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) नई दिल्ली द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहेबिलिटेशन साइकोलॉजी (पीजीडीआरपी) पाठ्यक्रम चलाने की मंजूरी दे दी गई है।
ये भी पढ़ें-DAP Fertilizer Shortage: अंबाला में डीएपी को लेकर किसानों में मारामारी, कई घंटे कतार में लगने के बाद खाली हाथ लौटे
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मनोविज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग और उसके परिणामस्वरूप रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता हेतु इस पाठ्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वीएन यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय में इस पाठ्यक्रम की मंजूरी हेतु आरसीआई द्वारा 6 अक्तूबर 2021 में निरीक्षण किया गया था। विवि को इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत 10 सीटों पर दाखिले की आवश्यक मानकों के अनुरूप मंजूरी प्रदान की गई है। इस पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इस मंजूरी के बाद 2021-22 से लेकर 2025-26 सत्र तक इस पाठ्यक्रम का संचालन करेंगे।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मनोविज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग और उसके परिणामस्वरूप रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता हेतु इस पाठ्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वीएन यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय में इस पाठ्यक्रम की मंजूरी हेतु आरसीआई द्वारा 6 अक्तूबर 2021 में निरीक्षण किया गया था। विवि को इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत 10 सीटों पर दाखिले की आवश्यक मानकों के अनुरूप मंजूरी प्रदान की गई है। इस पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इस मंजूरी के बाद 2021-22 से लेकर 2025-26 सत्र तक इस पाठ्यक्रम का संचालन करेंगे।
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