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पेन डाउन हड़ताल से मरीजों को नहीं मिला इलाज

Sat, 13 Nov 2021 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:24 AM IST
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Patients did not get treatment due to pen down strike
हड़ताल में शामिल नागरिक अस्पताल के चिकित्सक। - फोटो : Narnol
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर जिले के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने दो घंटे की कलमबंद हड़ताल रखी। शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में सुबह 9 से 11 बजे तक डॉक्टरों ने कोई मरीज नहीं देखा। जिसकी वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ी। हालांकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इस हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा। एचसीएमएस की जिला इकाई के कार्यकारी प्रधान पवन कुमार ने कहा कि इस हड़ताल में जिले के 100 से अधिक सरकारी डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे।
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वहीं, अस्पतालों की ओपीडी में डेंगू, निमोनिया, बुखार के मरीजों की सुबह से कतारें लगी रहीं। दो घंटे तक लाइन में लगने के बाद कहीं मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। कुछ मरीज तो हड़ताल को देखकर निजी अस्पतालों की शरण में चले गए।
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शुक्रवार को राजकीय जिला अस्पताल नारनौल, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़, उप नागरिक अस्पताल कनीना, राजकीय प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अटेली, नांगल चौधरी, सतनाली सहित अन्य राजकीय अस्पतालों के लगभग 100 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। नागरिक अस्पताल के चिकित्सक पवन कुमार यादव ने बताया की सरकार की अनदेखी के कारण दो घंटे की हड़ताल करके विरोध जताया है। उन्हाेंने बताया कि सरकार सीधे तौर पर एसएमओ भर्ती कर रही है जो सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि 15 वर्ष सेवा करने वाले चिकित्सकों के ऊपर सीधी भर्ती कर एसएमाओ बैठा दिया जाए तो यह गलत है।
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-प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी की सीधी भर्ती करना गलत है, तत्काल प्रभाव से सरकार इस पर रोक लगाए।
-विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अन्य राज्यों की तरह से अलग से कॉडर बनाया जाए। कॉमन कैडर में विशेषज्ञ चिकित्सक कागजी कार्रवाई में उलझकर रह जाते हैं।
-पीजी पॉलिसी में जो खामियां हैं, उसको ठीक किया जाए।
हड़ताल के बारे में पता नहीं था । करीब तीन घंटे अस्पताल में डाक्टर का इंतजार किया है। सरकार को डाक्टरों की उचित मांग माननी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या और बढ़ानी चाहिए।-कमल सिंह

सुबह नौ बजे अस्पताल आया लेकिन हड़ताल के चलते ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठे। जिसके चलते निजी अस्पताल के डॉक्टर को दिखाना पड़ा। - लालाराम महाशय
हड़ताल से आमजन को तो परेशानी और निजी चिकित्सकों को फायदा होता है। इस समय वायरल बुखार, डेंगू और बुखार का सीजन चल रहा है। इसलिए डाक्टरों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए। -कृष्ण कुमार
नागरिक अस्पताल में सुबह नौ बजे पहुंच गया लेकिन हड़ताल के चलते परेशानी हुई । बाद में निजी चिकित्सक को दिखाकर दवाई ली । - ग्यारसीलाल, गांव नवादा
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