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Mahendragarh-Narnaul News: दोस्तपुर में अवैध खनन मामले में कार्रवाई के आदेश, अधिकारियों पर गिरी गाज
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फोटो 37दोस्तपुर गांव में जहां हो रहा अवैध खनन। स्रोत: ग्रामीण
नांगल चौधरी। गांव दोस्तपुर में पंचायती भूमि पर कथित अवैध खनन और पत्थर चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। वर्षों से चल रहे इस विवाद में अब प्रशासन ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बीडीपीओ और खनन विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
शिकायतकर्ता नितिन यादव का आरोप है कि पंचायत की लगभग छह कनाल भूमि से लाखों रुपये मूल्य का पत्थर अवैध रूप से निकाला गया। इस संबंध में जिला प्रशासन, खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक कई शिकायतें भेजी गईं। शिकायतों के आधार पर खनन संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन चोरी हुए खनिज और पंचायत को हुए नुकसान का पूरा विवरण दर्ज नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन के दौरान हुई भारी ब्लास्टिंग से गांव के अधिकांश मकानों में दरारें आ गईं। साथ ही लोगों की जान-माल को भी खतरा बना रहा। पंचायत भूमि, पर्यावरण और सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर हाल ही में एसडीएम उदयसिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई जिसमें संबंधित अधिकारियों और ग्रामीणों ने भाग लिया।
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सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने वर्षों से लंबित शिकायतों और विभागीय लापरवाही से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद एसडीएम ने बीडीपीओ और खनन विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी करते हुए मामले की रिपोर्ट तलब कर ली। ग्रामीणों ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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शिकायतकर्ता नितिन यादव का आरोप है कि पंचायत की लगभग छह कनाल भूमि से लाखों रुपये मूल्य का पत्थर अवैध रूप से निकाला गया। इस संबंध में जिला प्रशासन, खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक कई शिकायतें भेजी गईं। शिकायतों के आधार पर खनन संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन चोरी हुए खनिज और पंचायत को हुए नुकसान का पूरा विवरण दर्ज नहीं किया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि खनन के दौरान हुई भारी ब्लास्टिंग से गांव के अधिकांश मकानों में दरारें आ गईं। साथ ही लोगों की जान-माल को भी खतरा बना रहा। पंचायत भूमि, पर्यावरण और सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर हाल ही में एसडीएम उदयसिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई जिसमें संबंधित अधिकारियों और ग्रामीणों ने भाग लिया।
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सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने वर्षों से लंबित शिकायतों और विभागीय लापरवाही से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद एसडीएम ने बीडीपीओ और खनन विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी करते हुए मामले की रिपोर्ट तलब कर ली। ग्रामीणों ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।