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Mahendragarh-Narnaul News: एक टैंक खाली, तीन में दो फीट पानी
Sat, 30 Mar 2024 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 30 Mar 2024 12:17 AM IST
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महेंद्रगढ़। अगर तय समय पर नहरों में पानी नहीं आया तो शहर की 40 हजार की आबादी को पेयजल के लिए परेशानियों से दो-चार होना पड़ सकता है, क्योंकि जनस्वास्थ्य विभाग के गांव देवास स्थित चार वाटर टैंकों में से एक में पानी सूख चुका है। तीन टैंकों में महज एक-दो फीट का ही पानी शेष है, लेकिन विभाग की ओर से पिछले सप्ताह से ही पानी की राशनिंग शुरू कर दी गई थी।
नहरी पानी पर आधारित देवास जलघर में 85 लाख लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक बने हुए हैं। इनमें से टैंक नंबर एक खाली हो चुका है। टैंक नंबर दो-तीन व चार में महज एक से दो फीट का पानी ही शेष है। लेकिन लंबे समय से टैंकों की सफाई नहीं होने के कारण अब यह पानी भी शहर में पेयजल के लिए आपूर्ति करना जिम्मेदारों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जिले में नहरी पानी की आपूर्ति आठ मार्च को ही बंद कर दी गई थी और अब संभावना जताई जा रही है कि आगामी दो अप्रैल को ही नहरी पानी उपलब्ध हो पाएगा। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की 40 हजार की आबादी को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से 6.45 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन अब इसमें कटौती कर नहरी पानी आने तक प्रतिदिन महज 3 लाख लीटर पानी ही आपूर्ति किया जाएगा।
विभाग इस प्रकार से करेगा अब पानी की राशनिंग
इस समय शहर में करीब आठ हजार घरेलू व कॉमर्शियल कनेक्शन हैं। विभाग ने पानी की आपूर्ति सूचारू रखने के लिए अब महज चार दिन का पानी शेष है। हालांकि शहर में 12 से अधिक बोरवल भी विभाग के पास हैं जिनसे नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। जलघर में महज चार दिन का पानी शेष है। जलघर के टैंकों में उपलब्ध पानी से शहर में नियिमत आपूर्ति की जा रही है। अभी नहर आने में 11 दिन शेष है। लेकिन जब तक नहर आती है तब तक पानी की सप्लाई को एक दिन छोड़कर एक दिन शुरू किया जाएगा ताकि पानी की किल्लत न रहे। अगर नहर आने में इससे भी ज्यादा समय लगता है तो शहर में पानी की किल्लत बढ़ सकती है।
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यह है पानी की मांग और आपूर्ति का गणित
बता दें कि शहर की करीब 40 हजार की आबादी को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 155 लीटर पानी के हिसाब से करीब 6 लाख 45 हजार लीटर पानी की प्रतिदिन आवश्यकता है। लेकिन विभाग के पास गांव देवास स्थित चार जलघरों में महज 15 दिन का ही पानी स्टोर हो सकता है। क्योंकि कुछ स्थानों पर बोरवल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में 15 दिन बाद नहरी पानी नहीं पहुंचने के कारण पानी की वर्षों से राशनिंग की जा रही है। अगर नहरी पानी आने में 20 दिन से अधिक का समय लगता है तो विभाग के पास 40 हजार की आबादी के लिए पर्याप्त पेयजल भी नहीं बचेगा।
गत आठ मार्च को नहरी आपूर्ति बंद हुई थी तथा दो अप्रैल को नहर में पानी आने की संभावना है। विभाग के पास शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए 12 बोरवेल हैं। आगामी दो अप्रैल को नहरी पानी आने के बाद सभी टैंकों को फुल कर लिया जाएगा इसके बाद नियमित रूप से शहर में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
- दीपचंद, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, महेंद्रगढ़
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नहरी पानी पर आधारित देवास जलघर में 85 लाख लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक बने हुए हैं। इनमें से टैंक नंबर एक खाली हो चुका है। टैंक नंबर दो-तीन व चार में महज एक से दो फीट का पानी ही शेष है। लेकिन लंबे समय से टैंकों की सफाई नहीं होने के कारण अब यह पानी भी शहर में पेयजल के लिए आपूर्ति करना जिम्मेदारों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जिले में नहरी पानी की आपूर्ति आठ मार्च को ही बंद कर दी गई थी और अब संभावना जताई जा रही है कि आगामी दो अप्रैल को ही नहरी पानी उपलब्ध हो पाएगा। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की 40 हजार की आबादी को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से 6.45 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन अब इसमें कटौती कर नहरी पानी आने तक प्रतिदिन महज 3 लाख लीटर पानी ही आपूर्ति किया जाएगा।
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विभाग इस प्रकार से करेगा अब पानी की राशनिंग
इस समय शहर में करीब आठ हजार घरेलू व कॉमर्शियल कनेक्शन हैं। विभाग ने पानी की आपूर्ति सूचारू रखने के लिए अब महज चार दिन का पानी शेष है। हालांकि शहर में 12 से अधिक बोरवल भी विभाग के पास हैं जिनसे नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। जलघर में महज चार दिन का पानी शेष है। जलघर के टैंकों में उपलब्ध पानी से शहर में नियिमत आपूर्ति की जा रही है। अभी नहर आने में 11 दिन शेष है। लेकिन जब तक नहर आती है तब तक पानी की सप्लाई को एक दिन छोड़कर एक दिन शुरू किया जाएगा ताकि पानी की किल्लत न रहे। अगर नहर आने में इससे भी ज्यादा समय लगता है तो शहर में पानी की किल्लत बढ़ सकती है।
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यह है पानी की मांग और आपूर्ति का गणित
बता दें कि शहर की करीब 40 हजार की आबादी को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 155 लीटर पानी के हिसाब से करीब 6 लाख 45 हजार लीटर पानी की प्रतिदिन आवश्यकता है। लेकिन विभाग के पास गांव देवास स्थित चार जलघरों में महज 15 दिन का ही पानी स्टोर हो सकता है। क्योंकि कुछ स्थानों पर बोरवल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में 15 दिन बाद नहरी पानी नहीं पहुंचने के कारण पानी की वर्षों से राशनिंग की जा रही है। अगर नहरी पानी आने में 20 दिन से अधिक का समय लगता है तो विभाग के पास 40 हजार की आबादी के लिए पर्याप्त पेयजल भी नहीं बचेगा।
गत आठ मार्च को नहरी आपूर्ति बंद हुई थी तथा दो अप्रैल को नहर में पानी आने की संभावना है। विभाग के पास शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए 12 बोरवेल हैं। आगामी दो अप्रैल को नहरी पानी आने के बाद सभी टैंकों को फुल कर लिया जाएगा इसके बाद नियमित रूप से शहर में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
- दीपचंद, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, महेंद्रगढ़