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Mahendragarh-Narnaul News: 40 वर्ष से अधिक उम्र का हर चौथा व्यक्ति मधुमेह पीड़ित
Mon, 03 Nov 2025 11:47 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:47 PM IST
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महेंद्रगढ़। मधुमेह अव्यवस्थित दिनचर्या, शारीरिक श्रम नहीं करने, असंतुलित आहार और तनाव का परिणाम है। स्वस्थ जीवनचर्या अपना कर इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है। वर्तमान में 40 वर्ष से अधिक आयु का हर चौथा व्यक्ति मधुमेह पीड़ित है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 50 लोग मधुमेह की जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। यह जानकारी नागरिक अस्पताल के एसएमओ जय प्रकाश ने दी।
उन्होंने बताया कि आधुनिक युग में अधिकांश कार्य मशीनों पर निर्भर हो गए हैं जिससे लोग शारीरिक श्रम से लगातार दूर हो रहे हैं। यही वजह है कि लोग मधुमेह से पीड़ित हो रहे हैं। नियमित योग व शारीरिक श्रम को दिनचर्या का हिस्सा बनाने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।
वर्तमान में जीवन शैली व खानपान में आए बदलाव के कारण हर चौथा व्यक्ति मधुमेह का शिकार है। चिकित्सकों के अनुसार रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती है। यदि ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते है। शुगर कोई असाध्य रोग नहीं है।
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दिनचर्या में हल्का बदलाव कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। मधुमेह होने पर नियमित रूप से जांच करवाएं। योग और शारीरिक श्रम को दिनचर्या में शामिल कर इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। वर्तमान समय में लोगों में मधुमेह का एक भय सा बना रहता है। लेकिन यह इतनी बड़ी समस्या नहीं है कि इसका इलाज नहीं है। नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन से मधुमेह के रोगी का लाभ मिलता है।
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शुगर नियंत्रित करने के लिए शारीरिक श्रम करना जरूरी है। पीड़ित को रोजाना सुबह कम से कम 30 मिनट योगाभ्यास या शारीरिक श्रम करना चाहिए। तीन बार पूरा भोजन करने की अपेक्षा कई बार थोड़ा-थोड़ा कुछ न कुछ खाना चाहिए। यह ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने और अचानक बढ़ने या कम होने से रोकने में मदद करेगा। मोटा अनाज की रोटियां खानी चाहिए। - जयप्रकाश एसएमओ, नागरिक अस्पताल महेंन्द्रगढ़।
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उन्होंने बताया कि आधुनिक युग में अधिकांश कार्य मशीनों पर निर्भर हो गए हैं जिससे लोग शारीरिक श्रम से लगातार दूर हो रहे हैं। यही वजह है कि लोग मधुमेह से पीड़ित हो रहे हैं। नियमित योग व शारीरिक श्रम को दिनचर्या का हिस्सा बनाने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।
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वर्तमान में जीवन शैली व खानपान में आए बदलाव के कारण हर चौथा व्यक्ति मधुमेह का शिकार है। चिकित्सकों के अनुसार रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती है। यदि ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते है। शुगर कोई असाध्य रोग नहीं है।
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दिनचर्या में हल्का बदलाव कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। मधुमेह होने पर नियमित रूप से जांच करवाएं। योग और शारीरिक श्रम को दिनचर्या में शामिल कर इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। वर्तमान समय में लोगों में मधुमेह का एक भय सा बना रहता है। लेकिन यह इतनी बड़ी समस्या नहीं है कि इसका इलाज नहीं है। नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन से मधुमेह के रोगी का लाभ मिलता है।
शुगर नियंत्रित करने के लिए शारीरिक श्रम करना जरूरी है। पीड़ित को रोजाना सुबह कम से कम 30 मिनट योगाभ्यास या शारीरिक श्रम करना चाहिए। तीन बार पूरा भोजन करने की अपेक्षा कई बार थोड़ा-थोड़ा कुछ न कुछ खाना चाहिए। यह ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने और अचानक बढ़ने या कम होने से रोकने में मदद करेगा। मोटा अनाज की रोटियां खानी चाहिए। - जयप्रकाश एसएमओ, नागरिक अस्पताल महेंन्द्रगढ़।