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Mahendragarh-Narnaul News: कथा के आठवें दिन सुनाया सीता हरण, सुग्रीव मित्रता एवं लंका दहन का प्रसंग
Tue, 13 Feb 2024 01:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 13 Feb 2024 01:26 AM IST
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महेंद्रगढ़। दीवान कॉलोनी में श्री राधाबल्लभ सेवा परिवार समिति एवं समस्त भक्तों की ओर से चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन सीता हरण, जटायु मरण, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन की कथा सुनाई। कार्यक्रम के दौरान मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में नौनिहालों द्वारा हनुमान जी की मनमोहक झांकी भी निकाली गई। कार्यक्रम के यजमान निजी शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ. सुकेश दीवान एवं बबीता दीवान सपरिवार थे।
पूजा पाठ का कार्य आचार्य त्रिलोक शर्मा द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार से करवाया गया। कथा वाचक आचार्य योगेश महाराज ने बताया कि अपनी बहन शूर्पणखा की कटी हुई नाक का बदला लेने के लिए लंकापति रावण ने साधु का वेश बनाकर पंचवटी से सीता का हरण कर लिया और जब गिद्ध जटायु सीता की रक्षा के लिए आगे आया तो रावण ने उसको भी मार दिया। मां सीता की खोज करते हुए राम-लक्ष्मण किष्किंधा पर्वत पर पहुंचे और हनुमान जी के माध्यम से उनकी मित्रता सुग्रीव से हुई। मित्रता के दौरान अग्नि साक्षी हुई और राम ने दुराचारी बाली को मारकर अपने मित्र सुग्रीव की सहायता की तथा सुग्रीव ने भी हनुमान जी को लंका में भेजकर मां सीता का पता लगवाया। लंका से वापिस आते समय हनुमान जी ने लंका दहन की तथा रामजी को सीता की खबर सुनाई। इस अवसर पर नपा प्रधान रमेश सैनी, ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान राजेश दीवान, समाजसेवी रमेश वर्मा, वार्ड पार्षद सरिता राठी, संजय राठी, जुगल किशोर राजस्थानी, प्रवक्ता अमरसिंह सोनी, एडवोकेट मनीष दीवान सहित अनेक रामभक्त उपस्थित रहे।
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पूजा पाठ का कार्य आचार्य त्रिलोक शर्मा द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार से करवाया गया। कथा वाचक आचार्य योगेश महाराज ने बताया कि अपनी बहन शूर्पणखा की कटी हुई नाक का बदला लेने के लिए लंकापति रावण ने साधु का वेश बनाकर पंचवटी से सीता का हरण कर लिया और जब गिद्ध जटायु सीता की रक्षा के लिए आगे आया तो रावण ने उसको भी मार दिया। मां सीता की खोज करते हुए राम-लक्ष्मण किष्किंधा पर्वत पर पहुंचे और हनुमान जी के माध्यम से उनकी मित्रता सुग्रीव से हुई। मित्रता के दौरान अग्नि साक्षी हुई और राम ने दुराचारी बाली को मारकर अपने मित्र सुग्रीव की सहायता की तथा सुग्रीव ने भी हनुमान जी को लंका में भेजकर मां सीता का पता लगवाया। लंका से वापिस आते समय हनुमान जी ने लंका दहन की तथा रामजी को सीता की खबर सुनाई। इस अवसर पर नपा प्रधान रमेश सैनी, ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान राजेश दीवान, समाजसेवी रमेश वर्मा, वार्ड पार्षद सरिता राठी, संजय राठी, जुगल किशोर राजस्थानी, प्रवक्ता अमरसिंह सोनी, एडवोकेट मनीष दीवान सहित अनेक रामभक्त उपस्थित रहे।
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