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Mahendragarh-Narnaul News: लघु सचिवालय में अधिकारी खुद खरीदकर पी रहे पानी, जनता की कैसे बुझाएंगे प्यास
Sat, 18 May 2024 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 18 May 2024 01:30 AM IST
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय में प्रतिदिन आने वाले पांच हजार लोगों को पेयजल के लिए इस भीषण गर्मी में भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जिम्मेदार अधिकारी आमजन के लिए तो पेयजल व्यवस्था करना को दूर स्वयं ही खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं।
लघु सचिवालय में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं प्रशासन की ओर लगाए गए चार वाटर कूलर को भी जिम्मेदार शुरू नहीं करा पाए हैं। यहां 15 से अधिक विभागों के कार्यालय, न्यायालय, बार एसोसिएशन सहित अन्य कार्याें के लिए प्रतिदिन पांच से छह हजार लोग पहुंच रहे हैं। पेयजल नहीं होने के कारण आमजन को प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
अधिकारी बुझा रहे पानी खरीदकर प्यास, आमजन को नसीब भी नहीं
प्रतिदिन एसडीएम कार्यालय की रसोई में करीब आठ कैंपर एक निजी आरओ सेंटर से मंगवाए जा रहे हैं। वहीं तहसील कार्यालय में भी यही हालात हैं। यहां करीब पांच कैंपर प्रति दिन मंगवाए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, बाल विकास विभाग, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पुलिस कार्यालय, रेडक्रॉस, रोजगार कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डाकघर, चुनाव अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, सरल केंद्र, खजाना कार्यालय, पुलिस क्वार्टर, बिजली निगम कार्यालय, लाइसेंस कार्यालय, न्यायालय, बार एसोसिएशन, चैंबर सहित अनेक विभागों में प्रतिदिन औसतन 60 से अधिक कैंपर निजी आरओ से खरीदकर मंगवाए जा रहे हैं।
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गला तर करने के लिए दर-दर भटकते हैं लोग
प्रतिदिन औसतन पांच से छह हजार लोग लघु सचिवालय में अपने कार्याें के लिए पहुंचते हैं। 44 डिग्री अधिकतम तापमान में जब लोग वाटर कूलरों पर अपनी प्यास बुझाने पहुंचते हैं तो यहां केवल नाम के ही वाटर कूलर हैं। भीषण गर्मी के मौसम में भी दिनभर लोग पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। लोग पानी की बोतल लेकर स्वयं पहुंचते हैं या फिर अधिकारियों के कार्यालयों में भी पहुंचकर प्यास बुझाते हैं।
नहीं है पेयजल की कोई व्यवस्था
लघु सचिवालय में दिनभर लोगों की अच्छी भीड़ उमड़ती है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से लोगों की प्यास बुझाने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। संस्थाओं द्वारा लगाए गए वाटर कूलर भी बदहाल स्थिति में पड़े हैं। यहां लोगों को पेयजल के लिए भटकना ही पड़ता है।
-राजेंद्र, निवासी महेंद्रगढ़
यहां आएं तो पेयजल साथ लेकर आएं
भीषण गर्मी में भी लोगों को पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। अधिकारी तो कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझा लेते हैं, लेकिन आमजन की समस्याओं से किसी को कोई लेनादेना नहीं है। प्रशासन शीघ्रता से पेयजल की व्यवस्था करे ताकि आमजन को परेशानी न हो।
-राजपाल, निवासी नौताना
जल्द ही लघु सचिवालय में लगे हुए सभी वाटर कूलरों की मरम्मत कराई जाएगी व उनमें पानी पहुंचाने के लिए लाइन को भी ठीक कराया जाएगा। साथ ही लघु सचिवालय के प्रांगण में जहां-जहां आवश्यकता होगी वहां पेयजल के लिए पर्याप्त व्यवस्था शीघ्रता से कराई जाएगी ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इसके लिए किसी अधिकारी की विशेष ड्यूटी लगाकर शीघ्रता से समाधान कराया जाएगा।
-संजीव कुमार, उपमंडल अधिकारी नागरिक, महेंद्रगढ़।
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लघु सचिवालय में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं प्रशासन की ओर लगाए गए चार वाटर कूलर को भी जिम्मेदार शुरू नहीं करा पाए हैं। यहां 15 से अधिक विभागों के कार्यालय, न्यायालय, बार एसोसिएशन सहित अन्य कार्याें के लिए प्रतिदिन पांच से छह हजार लोग पहुंच रहे हैं। पेयजल नहीं होने के कारण आमजन को प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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अधिकारी बुझा रहे पानी खरीदकर प्यास, आमजन को नसीब भी नहीं
प्रतिदिन एसडीएम कार्यालय की रसोई में करीब आठ कैंपर एक निजी आरओ सेंटर से मंगवाए जा रहे हैं। वहीं तहसील कार्यालय में भी यही हालात हैं। यहां करीब पांच कैंपर प्रति दिन मंगवाए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, बाल विकास विभाग, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पुलिस कार्यालय, रेडक्रॉस, रोजगार कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डाकघर, चुनाव अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, सरल केंद्र, खजाना कार्यालय, पुलिस क्वार्टर, बिजली निगम कार्यालय, लाइसेंस कार्यालय, न्यायालय, बार एसोसिएशन, चैंबर सहित अनेक विभागों में प्रतिदिन औसतन 60 से अधिक कैंपर निजी आरओ से खरीदकर मंगवाए जा रहे हैं।
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गला तर करने के लिए दर-दर भटकते हैं लोग
प्रतिदिन औसतन पांच से छह हजार लोग लघु सचिवालय में अपने कार्याें के लिए पहुंचते हैं। 44 डिग्री अधिकतम तापमान में जब लोग वाटर कूलरों पर अपनी प्यास बुझाने पहुंचते हैं तो यहां केवल नाम के ही वाटर कूलर हैं। भीषण गर्मी के मौसम में भी दिनभर लोग पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। लोग पानी की बोतल लेकर स्वयं पहुंचते हैं या फिर अधिकारियों के कार्यालयों में भी पहुंचकर प्यास बुझाते हैं।
नहीं है पेयजल की कोई व्यवस्था
लघु सचिवालय में दिनभर लोगों की अच्छी भीड़ उमड़ती है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से लोगों की प्यास बुझाने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। संस्थाओं द्वारा लगाए गए वाटर कूलर भी बदहाल स्थिति में पड़े हैं। यहां लोगों को पेयजल के लिए भटकना ही पड़ता है।
-राजेंद्र, निवासी महेंद्रगढ़
यहां आएं तो पेयजल साथ लेकर आएं
भीषण गर्मी में भी लोगों को पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। अधिकारी तो कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझा लेते हैं, लेकिन आमजन की समस्याओं से किसी को कोई लेनादेना नहीं है। प्रशासन शीघ्रता से पेयजल की व्यवस्था करे ताकि आमजन को परेशानी न हो।
-राजपाल, निवासी नौताना
जल्द ही लघु सचिवालय में लगे हुए सभी वाटर कूलरों की मरम्मत कराई जाएगी व उनमें पानी पहुंचाने के लिए लाइन को भी ठीक कराया जाएगा। साथ ही लघु सचिवालय के प्रांगण में जहां-जहां आवश्यकता होगी वहां पेयजल के लिए पर्याप्त व्यवस्था शीघ्रता से कराई जाएगी ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इसके लिए किसी अधिकारी की विशेष ड्यूटी लगाकर शीघ्रता से समाधान कराया जाएगा।
-संजीव कुमार, उपमंडल अधिकारी नागरिक, महेंद्रगढ़।