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Mahendragarh-Narnaul News: दिल में छेद के नवजातों की बढ़ रही संख्या, 8 माह में मिल चुके 13

Tue, 26 Nov 2024 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 26 Nov 2024 11:28 PM IST
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Number of newborns with hole in heart increasing, 13 found in 8 months
फोटो- 03नागरिक अस्पताल में बच्चे की ​जांच करते चिकित्सक। संवाद
नारनौल। जिले में नवजात बच्चों के दिल में छेद मिलने के मामले सामने आ रहे हैं। बच्चों के अभिभावक उपचार के लिए अस्पताल भी पहुंच रहे हैं। वर्ष 2024-25 की बात करें तो अब तक 13 नवजातों के दिल में छेद मिल चुका है। इसके पीछे गर्भवती के गलत खानपान व बिना चिकित्सक की सलाह से दवा लेना भी प्रमुख कारण है।
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यदि नवजात का उपचार किसी निजी अस्पताल में करवाया जाए तो इस पर लाखों रुपये का खर्च भी आ जाता है। हालांकि जिले में कुछ ऐसे भी परिवार है, जो भारी भरकम खर्च करने में असमर्थ होते हैं। ऐसे लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) योजना सहारा बन रही है। इन मुश्किल हालात में नागरिक अस्पताल में आरबीएसके के अधिकारियों से संपर्क कर अपने बच्चों की गंभीर बीमारी का इलाज करवा सकते हैं।
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इसके अलावा आंख, ईएनटी और पैरों के टेढ़े मेढ़े होने पर बच्चों के ऑपरेशन करवाए जाते हैं। वर्ष 2021-22 में दिल की बीमारी के 13, आंखों की समस्या के 6 बच्चे पहुंचे थे। वहीं वर्ष 2022-23 में दिल की बीमारी के 16, आंखों के 3 और ईएनटी के 2 बच्चों के ऑपरेशन हुए थे। इसके साथ 2023-24 में दिल की बीमारी के 3 और दो आंखों के ऑपरेशन हुए थे। वहीं इस वर्ष अप्रैल से लेकर अब तक 13 बच्चों के ऑपरेशन हो चुके हैं, वहीं 11 आंख का किया जा चुका है।
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इंसेट
नवजात में ऐसे दिखे लक्षण तो चिकित्सक से करें परामर्श


नवजात के दिल में छेद होने के बारे में कुछ समय बाद पता चलता है, जिन बच्चों के दिल में छेद होता है, उनका दिल तेजी से धड़कता है। साथ ही बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दूध पीने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा उम्र के साथ बच्चे की ग्रोथ भी धीमी गति से होती है और सांस लेने की समस्या भी हो सकती है। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए।



इंसेट
आरबीएसके योजना के तहत जिले में हुए ऑपरेशन


वर्ष दिल के ऑपरेशन खर्च



2021-22 13 1995496



2022-23 16 1765238



2023-24 03 315000

2024-25 13 1700000



वर्जन


वर्ष 2024-25 में 13 नवजात बच्चों के दिल में छेद मिला था, जिनके ऑपरेशन पर करीब 17 लाख रुपये का खर्च आया है। इसके अलावा ईएनटी की समस्या के पीड़ित बच्चों का उपचार किया गया है।-मीरा यादव, जिला कोऑर्डिनेटर, आरबीएसके




वर्जन:

गर्भवतियों के खानपान को लेकर सावधानी नहीं बरतने से नवजात में समस्या हो सकती है। इसके अलावा बिना चिकित्सक की सलाह से भी गर्भवती को दवा नहीं लेनी चाहिए। इस वजह से भी बच्चे को समस्या हो सकती है।-डॉ. विजय यादव, जिला नोडल अधिकारी, आरबीएसके
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