{"_id":"bd14bf1e60a6359b62109a255d889497","slug":"now-will-not-see-billboards-banner-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब नजर नहीं आएंगे होर्डिंग-बैनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब नजर नहीं आएंगे होर्डिंग-बैनर
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौल
Updated Sun, 14 Sep 2014 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों की तिथि की घोषणा होते ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लग गई है। इससे जहां राजनैतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं वहीं प्रशासन ने भी चुनाव की तैयारी के लिए कमर कस ली है। राजनैतिक पार्टियों व निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना जनसंपर्क तेज कर दिया है।
विज्ञापन
वहीं उपायुक्त ने अधिकारियाें की बैठक लेकर चुनाव संबंधी जानकारी दी। अब प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती जिला के विभिन्न गांवाें, शहरों, कस्बों के गली मोहल्लों में लगे विभिन्न नेताओं के होर्डिंग, बैनर व पोस्टर हटाना है। प्रदेश में चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि चुनाव की घोषणा होते ही जिला में आदर्श आचार संहिता का कठोरता से पालन शुक्रवार शाम से ही शुरू कर दिया गया था। डीसी ने बताया कि 20 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
नामांकन प्रक्रिया 27 सितंबर तक चलेगी। उन्हाेंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया में जरूरी है कि उम्मीदवार सारे कालम भरे, अगर कोई उम्मीदवार एक भी कालम खाली छोड़ेगा तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि कालम खाली छोड़ने पर आरओ या एआरओ एक बार प्रत्याशी को इसकी जानकारी देगा, फिर भी प्रत्याशी इसको नहीं भरता है तो उसका नामांकन रद कर दिया जाएगा। चुनाव खर्च से लेकर अन्य सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिले में विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।
विज्ञापन
हटाए जाएंगे होर्डिंग व बैनर
डीसी ने कहा कि आचार संहिता लागू होते ही जिले में लगाए गए विभिन्न प्रकार के होर्डिंग व बैनर को हटाने का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए गठित टीम ही जिम्मेदारी है कि वे आयोग के निर्देशानुसार तय समय में यह काम करें। इसमें ढिलाई बरतने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जा सकती है। प्रत्याशियों के लिए वाहन व होर्डिंग आदि के लिए प्रशासन से इजाजत लेनी होगी। चुनाव आयोग की हिदायतों के मुताबिक ही इन चीजों का उपयोग हो सकेगा। जिला प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती जिला के शहरों, कस्बों, गांवों के गली मोहल्लों में लगे विभिन्न राजनैतिक पार्टियाें व निर्दलीय उम्मीदवाराें के पोस्टरों व बैनरों को हटाना है।
661 मतदान केंद्रों पर होगी वीडियो टीम
डीसी ने कहा कि जिले के सभी 661 मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर के अलावा वीडियो टीम रहेगी। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्र की वेबकास्टिंग कराई जाएगी। मतदान के दिन इन मतदान केंद्रों का लाइव टेलिकास्ट होगा जिसे कोई भी व्यक्ति चुनाव आयोग की वेबसाइट पर देख सकता है।
पैसों के मामले में रखी जाएगी सख्ती
डीसी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अपने साथ निर्धारित 50 हजार रुपये से ज्यादा पैसे लेकर नहीं चल सकता। पकड़े जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं उसको उसके पास पाए गए पैसों का विवरण देना होगा। यदि वह विवरण सही पाया गया तो ही उसके पैसे वापस होंगे, नहीं तो पैसों को जमा कर मामला दर्ज कर लिया जाएगा। लोकसभा चुनावाें में जिला से 54 लाख रुपये से अधिक की राशि जब्त की गई थी।
आरओ ही करा सकता है रिपोल
डीसी ने बताया कि यदि किसी मतदान केंद्र पर दुबारा से मत करने जैसी बात देखी गई या कहीं बोगस पोल हुए या कहीं भी सुरक्षा में चुक हुई तो वहां पर दुबारा पोल कराने के लिए आरओ के आदेश ही मान्य होंगे। इसके लिए एसपी या अन्य कोई पुलिस अधिकारी के आदेश मान्य नहीं होंगे। आरओ इसके लिए डीओ व डीओ सीओ तथा सीओ चुनाव आयोग को इसकी सूचना देगा। जिसके बाद ही वहां पर रिपोल कराया जाएगा।
राजस्थान की सीमा पर रहेगी नजर
डीसी ने बताया कि राजस्थान की सीमा पर भी विशेष नजर रहेगी, जिला के तीन ओर राजस्थान की सीमा लगती है। इसके लिए वे राजस्थान के विभिन्न जिलों के उपायुक्ताें व एसपी से बात कर जिला पर चौकसी बढ़ाने की बात कहेंगे।
होंगे विकास कार्य प्रभावित
प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होते ही जिला में होने वाले विकास कार्यों पर भी प्रभाव पड़ेगा। जिला में कई ऐसी योजनाएं हैं, जिन पर कार्य हो रहा है, ऐसी योजनाएं आचार संहिता लगने के बाद ठेकेदाराें द्वारा जानबूझकर रोक दी जाएंगी। इन योजनाओं में नारनौल बाईपास का निर्माण, नारनौल शहर में विभिन्न गलियाें का निर्माण, शहर में पेयजल पाइप व सीवरेज डालने का काम, अटेली में सीवरेज डालने का काम, आयुर्वेदिक कालेज का निर्माण समेत अनेक ऐसी योजनाएं हैं, जो आचार संहिता लगने के बाद प्रभावित हो सकती हैं।