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चार साल में भी नहीं हुआ सर्वे
महेंद्रगढ़ / नारनौल
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:15 PM IST
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यूपीए 2 की सरकार की तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अलवर से चरखी दादरी तक नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराने की घोषणा की थी। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी अभी इस दिशा में कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। इस मामले को लेकर प्रदेश के शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा भी दो बार रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिल चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इससे लाखों लोगों को परेशानी हो रही है।
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बता दें कि अगर यह लाइन बन जाए तो दक्षिणी हरियाणा के इस पिछड़े जिले की तरक्की होने के साथ ही यहां के लोगों को प्रदेश के अन्य शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ने का सपना भी पूरा हो जाए। लोगों को इस रेल लाइन के सर्वे की भाजपा से आस थी लेकिन अब तक पूरी नहीं हो पाई। लाइन बिछने से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ राजस्थान के लोगों को भी इसका फायदा होगा।
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यूं तो रेल मंत्रालय लोगों की सुविधा के लिए नित नई योजनाएं शुरू कर रहा है। किंतु इस पिछड़े क्षेत्र के लोगों को रेल यात्रा से जो सुविधाएं मिलनी थी अभी तक नहीं मिल पाई हैं। वैसे तो रेलवे ने देश के हर क्षेत्र में रेल लाइनों का जाल बिछाया हुआ है किंतु अलवर से वाया बहरोड़- नारनौल-महेंद्रगढ़-चरखी दादरी तक के रेल यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इससे जिला के लोगों को दादरी, रोहतक, भिवानी और हिसार आने-जाने में परेशानी होती है। जिले के नागरिकों तथा दैनिक यात्रियों की बार-बार मांग उठाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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कई बार दिया धरना प्रदर्शन
दैनिक रेलयात्री संघ ने अनेकों बार धरना प्रदर्शन करके इस लाइन का सर्वे करवाने और दिल्ली-सादलपुर लाइन पर नई रेल गाड़ियां चलाने की मांग करते रहे हैं। परंतु न तो अभी तक इस रेल लाइन का सर्वे किया गया है तथा न ही सराय रोहिल्ला दिल्ली.सादलपुर रेलमार्ग पर नई गाड़ियां चलाई गई हैं। जिसके चलते व्यापारियों, विद्यार्थियों, सैनिकों एवं कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
लाइन बनने से खर्च होगा कम
अलवर से चरखी दादरी का सड़क मार्ग से लगभग160 किलोमीटर का फासला है जो लगभग पांच घंटे का समय लगता है और इसका बस किराया लगभग 135 रुपये एक यात्री का खर्च करने पड़ते हैं। यदि यह रेल सेवा प्रारंभ हो जाए तो एक यात्री पैसेंजर गाड़ी का लगभग 25 रुपये तथा एक्सप्रेस गाड़ी का 65 रुपये किराया पड़ता है। बसों में यात्रियों को अधिक समय के साथ.साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसके अलावा अलवर से चरखी दादरी का रास्ता भी तय करने में रेल यात्रा में कम समय और कम पैसा लगेगा। साथ ही लोगों के लिए हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ पहुंचने का साधन भी उपलब्ध हो जाएगा।
दो बार हुई मुलाकात
रामबिलास शर्मा के सुरेश प्रभु के साथ अच्छे संबंध बताए जाते हैं। दोनों ने एक ही पार्टी में रहकर राजनीति की है। फिलहाल सुरेश प्रभु हरियाणा राज्यसभा सीट से सांसद भी हैं। वहीं रामबिलास शर्मा इस समय प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के बाद नंबर दो की कुर्सी पर विराजमान हैं। प्रो. शर्मा नारनौल से चरखी दादरी रेलवे लाइन के सर्वे के लिए रेलमंत्री सुरेश प्रभु से दो बार मिल चुके हैं। मुलाकात के दौरान उन्होंने महेंद्रगढ़ आगमन का निमंत्रण भी दिया गया था लेकिन रेलमंत्री के पास समय का अभाव होने के कारण अभी दौरा नहीं हो पा रहा है। वैसे प्रो. शर्मा को आश्वासन दिया गया है कि वो जल्द ही महेंद्रगढ़ आएंगे और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से निपटा देंगे। यह रेलवे लाइन निकलने के बाद महेंद्रगढ़ सीधा राजधानी चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा।