{"_id":"641deca58848bcd59c01b739","slug":"newly-formed-committee-will-run-sri-krishna-pranami-nandi-gaushala-narnol-news-c-17-1-103051-2023-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: नवगठित कमेटी करेगी श्रीकृष्ण प्रणामी नंदी गोशाला का संचालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: नवगठित कमेटी करेगी श्रीकृष्ण प्रणामी नंदी गोशाला का संचालन
Sat, 25 Mar 2023 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 25 Mar 2023 12:02 AM IST
विज्ञापन
नारनौल। रघुनाथपुरा पहाड़ी के पास नगर परिषद प्रशासन द्वारा संचालित की जा रही नंदी गोशाला का संचालन अब पंजीकृत कमेटी द्वारा किया जाएगा। नगर परिषद प्रशासन द्वारा नंदी गोशाला को श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला से संबद्धता करवाई है। नवनियुक्त कमेटी ने गोशाला का कार्यभार वीरवार से संभाल लिया है। शुरुआत में नवनियुक्त कमेटी को गोशाला का संचालन करने कोई परेशानी न रहे इसके लिए नगर परिषद प्रशासन की तरफ से 100 दिन का चारा दिया गया है। इसके अलावा दो साल तक बिजली बिल भी नगर परिषद भरेगी ताकि नवनियुक्त कमेटी पर आर्थिक रूप से बोझ न पड़े। इसके अलावा नगर परिषद प्रति माह कमेटी को गोशाला के संचालन हेतु दो लाख रुपये का भुगतान करेगी।
बता दें कि सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में नंदी गोशाला खोली गई है। इसमें नारनौल में रघुनाथपुरा के पास नगर परिषद की जमीन पर नंदी गोशाला खोली गई है। इस गोशाला की देखरेख व संचालन नगर परिषद द्वारा किया जा रहा था। मगर सरकार की तरफ से कोई आर्थिक सहायता व बजट आदि जारी नहीं करने के कारण नगर परिषद प्रशासन गोशाला का सही प्रकार संचालन नहीं कर पा रही थी। अव्यवस्थाओं व सही प्रकार से देखभाल नहीं होने के कारण गोशाला में गोवंश की मौत भी हो रही थी, जिसको लेकर सामाजिक संस्थाओं व गोभक्तों ने कई बार नगर परिषद व उपायुक्त को अवगत करवाया था। इसके बाद नगर परिषद द्वारा उक्त गोशाला को पंजीकृत करवाने निर्णय लिया गया। ताकि गोशाला को सरकारी आर्थिक सहायता मिल सके और गोशाला की सही प्रकार से देखभाल हो सके।
गोशाला के नाम करवाया पंजीकरण
गोशाला को श्रीकृष्ण प्रणामी नंदी गोशाला के नाम से पंजीकृत करवाया गया है, जिसका राम कुमार को प्रधान, सुंदर विकास को सचिव, अनिल कुमार को कोषाध्यक्ष, नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता, सत्यपाल शर्मा, जवाहर लाल, गौरीशंकर व रामानंद अग्रवाल को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। उक्त कमेटी नंदी गोशाला के गोवंश की देखभाल करेगी।
विज्ञापन
- नगर परिषद प्रशासन हर माह कमेटी को देगी दो लाख रुपये
नगर परिषद प्रशासन कमेटी को प्रति महीने दो लाख रुपये गोशाला के संचालन हेतु देगी, जिसमें वह चारे और कर्मचारियों की सैलरी दे सकेगी। इसके अलावा नगर परिषद दो साल तक इसका बिजली का बिल भरेगी। एक ट्रैक्टर, एक लोडर उन दोनों पर चालक भी नगर परिषद देगी। वहीं 100 दिन का चारा भी नगर परिषद देगी। ताकि कमेटी को शुरू में गोशाला चलाने में कोई समस्या न आए। इससे नगर परिषद को वित्त फायदा भी होगा, क्योंकि इससे पहले नगर परिषद को खर्चा ज्यादा होता था। हालांकि गोशाला की असली मालिक नगर परिषद ही रहेगी और अगर आगे कमेटी गोशाला में ऐसेट बढ़ाती है जैसे कोई ट्रैक्टर या कोई साधन लेती है तो वह नगर परिषद की ही रहेगी।
नगर परिषद की नंदी गोशाला को पंजीकृत करवाकर कमेटी को सुपुर्द कर दिया गया है। अब उक्त गोशाला की देखरेख व अन्य व्यवस्थाएं गठित कमेटी द्वारा की जाएगी। हालांकि कमेटी को नया कुछ करने के लिए नगर परिषद प्रशासन की अनुमति लेनी होगी।
-अंकित वशिष्ठ, अधीक्षक अभियंता, नगर परिषद, नारनौल।
विज्ञापन
बता दें कि सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में नंदी गोशाला खोली गई है। इसमें नारनौल में रघुनाथपुरा के पास नगर परिषद की जमीन पर नंदी गोशाला खोली गई है। इस गोशाला की देखरेख व संचालन नगर परिषद द्वारा किया जा रहा था। मगर सरकार की तरफ से कोई आर्थिक सहायता व बजट आदि जारी नहीं करने के कारण नगर परिषद प्रशासन गोशाला का सही प्रकार संचालन नहीं कर पा रही थी। अव्यवस्थाओं व सही प्रकार से देखभाल नहीं होने के कारण गोशाला में गोवंश की मौत भी हो रही थी, जिसको लेकर सामाजिक संस्थाओं व गोभक्तों ने कई बार नगर परिषद व उपायुक्त को अवगत करवाया था। इसके बाद नगर परिषद द्वारा उक्त गोशाला को पंजीकृत करवाने निर्णय लिया गया। ताकि गोशाला को सरकारी आर्थिक सहायता मिल सके और गोशाला की सही प्रकार से देखभाल हो सके।
विज्ञापन
गोशाला के नाम करवाया पंजीकरण
गोशाला को श्रीकृष्ण प्रणामी नंदी गोशाला के नाम से पंजीकृत करवाया गया है, जिसका राम कुमार को प्रधान, सुंदर विकास को सचिव, अनिल कुमार को कोषाध्यक्ष, नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता, सत्यपाल शर्मा, जवाहर लाल, गौरीशंकर व रामानंद अग्रवाल को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। उक्त कमेटी नंदी गोशाला के गोवंश की देखभाल करेगी।
विज्ञापन
- नगर परिषद प्रशासन हर माह कमेटी को देगी दो लाख रुपये
नगर परिषद प्रशासन कमेटी को प्रति महीने दो लाख रुपये गोशाला के संचालन हेतु देगी, जिसमें वह चारे और कर्मचारियों की सैलरी दे सकेगी। इसके अलावा नगर परिषद दो साल तक इसका बिजली का बिल भरेगी। एक ट्रैक्टर, एक लोडर उन दोनों पर चालक भी नगर परिषद देगी। वहीं 100 दिन का चारा भी नगर परिषद देगी। ताकि कमेटी को शुरू में गोशाला चलाने में कोई समस्या न आए। इससे नगर परिषद को वित्त फायदा भी होगा, क्योंकि इससे पहले नगर परिषद को खर्चा ज्यादा होता था। हालांकि गोशाला की असली मालिक नगर परिषद ही रहेगी और अगर आगे कमेटी गोशाला में ऐसेट बढ़ाती है जैसे कोई ट्रैक्टर या कोई साधन लेती है तो वह नगर परिषद की ही रहेगी।
नगर परिषद की नंदी गोशाला को पंजीकृत करवाकर कमेटी को सुपुर्द कर दिया गया है। अब उक्त गोशाला की देखरेख व अन्य व्यवस्थाएं गठित कमेटी द्वारा की जाएगी। हालांकि कमेटी को नया कुछ करने के लिए नगर परिषद प्रशासन की अनुमति लेनी होगी।
-अंकित वशिष्ठ, अधीक्षक अभियंता, नगर परिषद, नारनौल।