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Mahendragarh-Narnaul News: परीक्षा परिणाम के आधार पर कभी न करें मूल्यांकन
Sat, 10 May 2025 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 10 May 2025 11:29 PM IST
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फोटो संख्या:68- प्रो. पायल चंदेल, आचार्य मनोविज्ञान विभाग, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय--संवा
महेंद्रगढ़। मई में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा की जाएगी। परीक्षा परिणामों के आधार पर कोई भी अभिभावक बच्चों की क्षमता का आंकलन न करें।
परीक्षा परिणाम के आधार पर अभिभावक कई बार बच्चों के मूल्यांकन में गलती कर बैठते हैं। इस गलती का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है।
अभिभावक यह ध्यान रखें कि बच्चों पर किसी भी प्रकार के दबाव देकर कोई लक्ष्य न थोपें। न ही दूसरे बच्चों के साथ उनकी तुलना करें। मनोविज्ञान विभाग, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रो. पायल चंदेल का कहना है कि किसी भी बच्चे के लिए परीक्षा परिणाम का समय महत्वपूर्ण होता है।
इस समय अभिभावकों को समझना होगा कि बच्चे ने पूरी क्षमता के साथ परीक्षा में अव्वल आने के लिए मेहनत की है, लेकिन अभिभावक बच्चों से काफी अपेक्षा लगा लेते हैं, लेकिन जब परीक्षा परिणाम उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो बच्चों को टोकना शुरू कर देते हैं।
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यह समय बच्चों के लिए काफी संवेदनशील होता है। यह विद्यार्थियों के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अपने बच्चों के हर परिणाम को स्वीकार करें तथा उनका हौसला बढ़ाएं। यह विश्वास दिलाएं कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ हैं।
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परीक्षा परिणाम के आधार पर अभिभावक कई बार बच्चों के मूल्यांकन में गलती कर बैठते हैं। इस गलती का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है।
अभिभावक यह ध्यान रखें कि बच्चों पर किसी भी प्रकार के दबाव देकर कोई लक्ष्य न थोपें। न ही दूसरे बच्चों के साथ उनकी तुलना करें। मनोविज्ञान विभाग, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रो. पायल चंदेल का कहना है कि किसी भी बच्चे के लिए परीक्षा परिणाम का समय महत्वपूर्ण होता है।
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इस समय अभिभावकों को समझना होगा कि बच्चे ने पूरी क्षमता के साथ परीक्षा में अव्वल आने के लिए मेहनत की है, लेकिन अभिभावक बच्चों से काफी अपेक्षा लगा लेते हैं, लेकिन जब परीक्षा परिणाम उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो बच्चों को टोकना शुरू कर देते हैं।
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यह समय बच्चों के लिए काफी संवेदनशील होता है। यह विद्यार्थियों के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अपने बच्चों के हर परिणाम को स्वीकार करें तथा उनका हौसला बढ़ाएं। यह विश्वास दिलाएं कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ हैं।

फोटो संख्या:68- प्रो. पायल चंदेल, आचार्य मनोविज्ञान विभाग, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय--संवा