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Mahendragarh-Narnaul News: प्राचार्य व अधिकारी के मनमुटाव से एनसीसी सेवा बंद होने की कगार पर
Wed, 06 Aug 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:49 PM IST
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नांगल चौधरी। नांगल चौधरी के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य व एनसीसी अधिकारी के बीच चल रहे मनमुटाव के चलते 60 वर्षों से चली आ रही एनसीसी बंद होने की कगार पर पहुंच गई है।
विभाग द्वारा जारी एक पत्र में प्राचार्य पर आरोप लगाया गया है कि एनसीसी भर्ती प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं। छात्रों को एनसीसी में शामिल होने से रोका जा रहा है। इसके चलते इस बार स्कूल में एनसीसी सेवा बंद होने जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बता दें कि जहां पहले एनसीसी की गतिविधियां छात्रों में अनुशासन और नेतृत्व का विकास करती थी। वहीं अब आपसी खींचतान ने इसकी गति को थाम दिया है।
16 हरियाणा बटालियन एनसीसी द्वारा स्कूल में तीन बार पत्र भेजा गया, लेकिन तीनों बार ही छात्रों की कम संख्या बताकर रोक दिया गया। जिसके बाद 16 अप्रैल को एनसीसी की टीम स्कूल में पंहुची तो 41 वैकेंसी की तुलना में केवल 18 ही कैडेट्स मौजूद मिले। इस पर प्राचार्य ने आठवीं व नौंवी कक्षाओं के विद्यार्थियों को भर्ती होने से रोक दिया। जिस पर कमांडिंग ऑफिसर ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि प्राचार्य भर्ती प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं। साथ ही विद्यालय से एनसीसी यूनिट हटाने का पत्र भेज दिया।
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वर्जन:
विभाग ने एनसीसी भर्ती प्रक्रिया में तीन गुणा बच्चे मांगे गए थे, लेकिन आठवीं व नौंवी कक्षाओं के बच्चों को बाध्य नहीं कर सकते। इसके कारण बच्चों की संख्या पूरी नही हो सकी। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया था।
बस्तीराम, प्राचार्य।
वर्जन:
पहले जब वह इंचार्ज थे तो एनसीसी में काफी बच्चे रहते थे, लेकिन जब से बस्तीराम प्राचार्य बने हैं तब से एनसीसी का कार्य वहीं देखते हैं। इसकी वजह से विभाग की तरफ से आई मेल के बारे में नहीं बताया जाता है। साथ ही बच्चों को भर्ती नहीं होने के लिए दबाव बनाया जाता है। इसके कारण बच्चे भर्ती प्रक्रिया में भाग नहीं ले रहे हैं, जबकि पांच बच्चों की लिस्ट उसके पास तैयार है, जो कि एनसीसी में भर्ती होना चाहते हैं।
ब्रिजेश कुमार इंचार्ज, एनसीसी।
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विभाग द्वारा जारी एक पत्र में प्राचार्य पर आरोप लगाया गया है कि एनसीसी भर्ती प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं। छात्रों को एनसीसी में शामिल होने से रोका जा रहा है। इसके चलते इस बार स्कूल में एनसीसी सेवा बंद होने जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बता दें कि जहां पहले एनसीसी की गतिविधियां छात्रों में अनुशासन और नेतृत्व का विकास करती थी। वहीं अब आपसी खींचतान ने इसकी गति को थाम दिया है।
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16 हरियाणा बटालियन एनसीसी द्वारा स्कूल में तीन बार पत्र भेजा गया, लेकिन तीनों बार ही छात्रों की कम संख्या बताकर रोक दिया गया। जिसके बाद 16 अप्रैल को एनसीसी की टीम स्कूल में पंहुची तो 41 वैकेंसी की तुलना में केवल 18 ही कैडेट्स मौजूद मिले। इस पर प्राचार्य ने आठवीं व नौंवी कक्षाओं के विद्यार्थियों को भर्ती होने से रोक दिया। जिस पर कमांडिंग ऑफिसर ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि प्राचार्य भर्ती प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं। साथ ही विद्यालय से एनसीसी यूनिट हटाने का पत्र भेज दिया।
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विभाग ने एनसीसी भर्ती प्रक्रिया में तीन गुणा बच्चे मांगे गए थे, लेकिन आठवीं व नौंवी कक्षाओं के बच्चों को बाध्य नहीं कर सकते। इसके कारण बच्चों की संख्या पूरी नही हो सकी। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया था।
बस्तीराम, प्राचार्य।
वर्जन:
पहले जब वह इंचार्ज थे तो एनसीसी में काफी बच्चे रहते थे, लेकिन जब से बस्तीराम प्राचार्य बने हैं तब से एनसीसी का कार्य वहीं देखते हैं। इसकी वजह से विभाग की तरफ से आई मेल के बारे में नहीं बताया जाता है। साथ ही बच्चों को भर्ती नहीं होने के लिए दबाव बनाया जाता है। इसके कारण बच्चे भर्ती प्रक्रिया में भाग नहीं ले रहे हैं, जबकि पांच बच्चों की लिस्ट उसके पास तैयार है, जो कि एनसीसी में भर्ती होना चाहते हैं।
ब्रिजेश कुमार इंचार्ज, एनसीसी।