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Mahendragarh-Narnaul News: मां भगवती के विराट रूप की सुनाई कथा
Fri, 22 Mar 2024 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 22 Mar 2024 01:07 AM IST
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फोटो संख्या:68- माता मसानी मंदिर में कथा सुनाते कथावाचक पंडित हेमराज भारद्वाज--स्रोत आयोजक
महेंद्रगढ़। माता मसानी चौक स्थित माता मसानी मंदिर में चल रही श्रीमद्देवी भागवत कथा में नौवें दिन मां भगवती की महिमा, हनुमान जी के विराट स्वरूप की कथा सुनाई।
इस मौके पर मां भगवती के महात्म्य के साथ-साथ हनुमान जी के विराट स्वरूप पर आधारित कथा मंचन, शिव -पार्वती और भगवान राम- सीता विवाह के साथ-साथ अनेक झांकी निकाली गई। कथा वाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने माता का गुणगान करते हुए बताया कि जो भक्त जन मां भगवती की महिमा और उसकी स्तुति पूरे मन से एकाग्रता के साथ सुनता है। उस पर कोई भी शत्रु भारी नहीं पड़ सकता। उन्होंने कहा कि हमारे मन में अहंकार रूपी राक्षस जन्म ले रहा है तो मां की भक्ति से उसका अंत हो जाता है।
उन्होंने कहा कि देवताओं ने भी मां की अपार शक्ति को माना है। आप सत्य का, संतों का संग करें। कुसंग एक जहर है क्योंकि जिसका संग बिगड़ गया उसका धीरे-धीरे सब कुछ बिगड़ जाता है। कथा में माता के भजनों की प्रस्तुतियों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मां की पूजा करने से बुद्धि, शक्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इनकी उपासना से मनचाहा फल भी मिलता है। मां भगवती की चल रही कथा में देवी सुनीता शिव शक्ति नवदुर्गा धाम मोहनपुर ने स्वयं में प्रवेश मां की साक्षात वाणी से सभी भक्तों के कल्याण की कामना की व साथ ही भक्त ऋषिराज भी वहां पहुंचे। सभी भक्तजनों से प्रार्थना है कि आज कथा के समापन अवसर पर समस्त भक्तजन पहुंचकर मां के इस हवन-यज्ञ में भाग लें और अपना जीवन सफल बनाएं। कथा में पधारे भक्तों को सभी नौ देवियों के स्वरूप, शक्ति, आराधना एवं सात्विक जीवन जीने के बारे में जाना। 22 मार्च को सभी भक्तजन मां की महिमा सुनते हुए हवन -यज्ञ के साथ कथा को पूर्ण आहुति के साथ संपन्न करेंगे।
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इस मौके पर मां भगवती के महात्म्य के साथ-साथ हनुमान जी के विराट स्वरूप पर आधारित कथा मंचन, शिव -पार्वती और भगवान राम- सीता विवाह के साथ-साथ अनेक झांकी निकाली गई। कथा वाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने माता का गुणगान करते हुए बताया कि जो भक्त जन मां भगवती की महिमा और उसकी स्तुति पूरे मन से एकाग्रता के साथ सुनता है। उस पर कोई भी शत्रु भारी नहीं पड़ सकता। उन्होंने कहा कि हमारे मन में अहंकार रूपी राक्षस जन्म ले रहा है तो मां की भक्ति से उसका अंत हो जाता है।
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उन्होंने कहा कि देवताओं ने भी मां की अपार शक्ति को माना है। आप सत्य का, संतों का संग करें। कुसंग एक जहर है क्योंकि जिसका संग बिगड़ गया उसका धीरे-धीरे सब कुछ बिगड़ जाता है। कथा में माता के भजनों की प्रस्तुतियों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मां की पूजा करने से बुद्धि, शक्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इनकी उपासना से मनचाहा फल भी मिलता है। मां भगवती की चल रही कथा में देवी सुनीता शिव शक्ति नवदुर्गा धाम मोहनपुर ने स्वयं में प्रवेश मां की साक्षात वाणी से सभी भक्तों के कल्याण की कामना की व साथ ही भक्त ऋषिराज भी वहां पहुंचे। सभी भक्तजनों से प्रार्थना है कि आज कथा के समापन अवसर पर समस्त भक्तजन पहुंचकर मां के इस हवन-यज्ञ में भाग लें और अपना जीवन सफल बनाएं। कथा में पधारे भक्तों को सभी नौ देवियों के स्वरूप, शक्ति, आराधना एवं सात्विक जीवन जीने के बारे में जाना। 22 मार्च को सभी भक्तजन मां की महिमा सुनते हुए हवन -यज्ञ के साथ कथा को पूर्ण आहुति के साथ संपन्न करेंगे।
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