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Mahendragarh-Narnaul News: राज्यस्तरीय कुश्ती में नारनौल के पहलवान रहे फीके, पीयूष ने दिलाया इकलौता रजत
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नारनौल। पलवल में 22 से 24 अक्तूबर तक हुई राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में जिले के 25 महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। लेकिन इस बार भी जिले के पहलवानों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और पूरे जिले को सिर्फ एक रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पुरुष वर्ग के 130 किग्रा भार वर्ग में पीयूष ने नॉकआउट चरण में शानदार खेल दिखाया और फाइनल में जगह बनाई। हालांकि फाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक मिला।
जिले में कुश्ती काफी लोकप्रिय खेल है। हर गांव और शहरी इलाकों के कई अखाड़ों में पहलवान अभ्यास करते हैं। मेलों में होने वाले दंगल में भी कई नामी पहलवान हिस्सा लेते हैं। लेकिन मैट कुश्ती में सुविधाओं और प्रशिक्षण की कमी के कारण प्रतिभा होने के बावजूद खिलाड़ी पदक नहीं जीत पाते। पिछली राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।
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जिला खेल अधिकारी नरेंद्र कुंडू ने कहा कि पीयूष ने बेहतर खेल दिखाया है, जो दूसरे खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि जिले में मैट कुश्ती को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए योजना लागू की जाएगी, ताकि प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकें।
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पुरुष वर्ग के 130 किग्रा भार वर्ग में पीयूष ने नॉकआउट चरण में शानदार खेल दिखाया और फाइनल में जगह बनाई। हालांकि फाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक मिला।
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जिले में कुश्ती काफी लोकप्रिय खेल है। हर गांव और शहरी इलाकों के कई अखाड़ों में पहलवान अभ्यास करते हैं। मेलों में होने वाले दंगल में भी कई नामी पहलवान हिस्सा लेते हैं। लेकिन मैट कुश्ती में सुविधाओं और प्रशिक्षण की कमी के कारण प्रतिभा होने के बावजूद खिलाड़ी पदक नहीं जीत पाते। पिछली राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।
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जिला खेल अधिकारी नरेंद्र कुंडू ने कहा कि पीयूष ने बेहतर खेल दिखाया है, जो दूसरे खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि जिले में मैट कुश्ती को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए योजना लागू की जाएगी, ताकि प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकें।