Narnaul: चार साल पहले प्रेमी जोड़े ने की थी शादी, अब गांव लौटे तो पंचायत ने किया सामाजिक बहिष्कार
दोनों को गांव से बाहर रहने को कहा गया, लेकिन वह नहीं माने। इसके चलते ग्रामीणों ने पंचायत में दोनों का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया है। अगर कोई भी इन दोनों से नजदीकियां रखेगा या बोलचाल और किसी भी प्रकार का संबंध रखेगा तो उसका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
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हरियाणा के नारनौल के नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव कमानियां से करीब चार साल पहले भागकर प्रेम विवाह करने वाले दंपती के गांव में वापस आने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत कर उनका सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया है। शनिवार को इस मामले में गांव में पंचायत हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति उनसे मेलजोल या किसी भी तरह का संबंध रखता है तो उसका भी बहिष्कार किया जाएगा। फिलहाल दंपती अपने घर पर रह रहा है।
कमानियां निवासी युवक और गांव की ही बहू करीब चार साल पहले घर से भाग गए थे, जबकि महिला के पास पहले से एक बेटा है। महिला के परिजनों ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, लेकिन दोनों ने साथ रहने का मन बना लिया था। उस समय उसका पति से तलाक नहीं हुआ था। गांव से जाने के बाद महिला ने पति से तलाक ले लिया। अब चार साल बाद दोनों गांव में वापस आ गए।
गांव के सरपंच मक्खन लाल ने बताया कि शनिवार सुबह गांव में इस मामले को लेकर पंचायत हुई थी। दोनों को गांव से बाहर रहने को कहा गया, लेकिन वह नहीं माने। इसके चलते ग्रामीणों ने पंचायत में दोनों का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया है। अगर कोई भी इन दोनों से नजदीकियां रखेगा या बोलचाल और किसी भी प्रकार का संबंध रखेगा तो उसका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे गांव का फैसला है। क्योंकि अगर दोनों गांव में रहेंगे तो गांव की बहन-बेटियों पर गलत असर पड़ेगा। साथ ही उसके बच्चे पर मां को देखकर गलत असर पड़ेगा। बच्चा फिलहाल पिता के साथ गांव में ही रह रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले से आने वाली पीढ़ी भी संस्कार विहीन होने लगेगी।
समाज और परिवार की भी एक मर्यादा होती है। अगर गांव की बहू-बेटियां ऐसे भागकर शादी करके वापस गांव में आकर रहेगी तो समाज का ताना-बाना और भाईचारा बिगड़ने लगेगा। पंचायत व ग्रामीणों को उनके साथ रहने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन दोनों से गांव से बाहर कहीं भी रहने की अपील की थी। दोनों ने बात नहीं मानी।
दोनों अलग-अलग समुदाय से रखते हैं संबंध
युवक और महिला दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। वहीं युवक के भाई का कहना है कि शनिवार को गांव में पंचायत हुई थी, जिसमें दोनों को गांव से बाहर रहने को कहा गया, लेकिन वह नहीं माने। इस मामले में थाना प्रभारी रामनाथ ने कहा कि कमानियां गांव के किसी व्यक्ति की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है कि उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया है।